15 लाख की लूट की वारदात को अंजाम देने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, पीड़ित का परिचित निकला मास्टर माइंड, रायपुर पुलिस ने किया कमाल!

5 accused of committing a robbery of 15 lakhs arrested, victim's acquaintance turned out to be the mastermind, Raipur Police did wonders!

15 लाख की लूट की वारदात को अंजाम देने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, पीड़ित का परिचित निकला मास्टर माइंड, रायपुर पुलिस ने किया कमाल!

रायपुर : सीमा में भारी तनाव था. भारत और पाकिस्तान के बीच जंग के हालात थे. भारी गोलीबारी चल रही थी. लेकिन इसी बीच एक जंग रायपुर पुलिस भी लड़ रही थी. सीमा पर तो नहीं लेकिन सीम के नजदीक, यहां मसला अंतरराष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराज्यीय था. मामला आतंकवादियों से नहीं लुटेरों से जुड़ा था. बस मामले में एक चीज जो सामान्य थी. वो ब्लैकआउट थी.
भारत और पाकिस्तान युद्ध के बीच अंधेरे में रायपुर पुलिस की टीम फंसी हुई थी. जगह थी राजस्थान का श्रीडूंगरगढ़, लेकिन इस मामले में दिलचस्प ब्लैकआउट नहीं. उसके आगे की भी एक कहानी है. जिसमें लूट की घटना सबसे बड़ी निशानी है. मामला राजधानी के सबसे पॉश इलाका समता कॉलोनी और इस कॉलोनी का मुख्य मोहल्ला नगर निगम कॉलोनी का है.
यह घटना इलेक्ट्रॉनिक सामानों के मार्केटिंग एजेंट के साथ हुई लूट की है. बीते 30 अप्रैल की शाम मार्केटिंग एजेंट अपनी दोपहिया एक्टिवा में लाखों रुपये से भरे बैग को एम.जी. रोड से अपने घर लेकर आ रहा था. इसी बीच समता कॉलोनी की नगर निगम कॉलोनी में तीन नकाबपोश अंजान लोगों ने एजेंट के पीछे से आकर उसे पहले गिरा दिया. फिर उस पर ईंट से वार कर लाखों रुपए से भरा बैग लूटकर फरार हो गए.
लूट के बाद मामला इलाके के आजाद चौक थाना पहुंचता है. पुलिस टीम मौके का मुआयना करती है. आसपास लोगों से पूछताछ की जाती है और फिर पूरे घटना की रिपोर्ट लिखी जाती है. जिसमें सिर्फ 4.40 हज़ार रुपये की लूट का उल्लेख किया जाता है.
इसके बाद पूरे मामले की तफ्तीश शुरु होती है. अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित की जाती हैं. पूरे इलाके के लोगों से पूछताछ के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाला जाता है. इसी बीच पुलिस को घटना के तरीके और मुखबिरों से बाहरी गिरोह की जानकारी मिल जाती है.
पुलिस टीम तमाम तकनीकी विश्लेषण कर लूट के एक आरोपी को निशानदेही कर लेती है. आरोपी राकेश भार्गव उर्फ कालू को राजस्थान के श्रीडूंगरगढ़ पर लोकेट किया गया और पुलिस की बड़ी टीम फौरन राजस्थान के लिए रवाना हो गई. पुलिस टीम मुख्य लुटेरे के बेहद करीब थी. लेकिन युद्ध का ब्लैकआउट उनके लिए बड़ी चुनौती थी. चार दिनों का कैंप कर जैसे-तैसे आरोपी राकेश भार्गव को पकड़ा गया.
आरोपी ने पूछताछ में ही अन्य लुटेरे साथी गुनानंद प्रजापति और रामलाल के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना कबूल कर लिया. लुटेरे ने पूछताछ में बताया कि राजस्थान निवासी योगेश नाम के व्यक्ति ने लुटेरों को हायर किया था. एलआर योगेश को रायपुर के भवानी शंकर ने लूट की सुपारी दी थी.
पुलिस लुटेरों तक पहुंचती है. लेकिन हुआ ऐसा कि 4 लाख 40 हज़ार की ही लूट के मामले में पुलिस 15 लाख रुपए नकद और गाड़ी, मोबाइल कुल मिलाकर 17 लाख रुपए का मशरुका जब्त करती है.
मिली जानकारी के मुताबिक लुटेरों ने कबूल किया कि लाखों रुपए से भरे बैग में 4.40 हज़ार नहीं, 15 लाख रुपए नकद थे. लेकिन सवाल यही उठ रहा है कि शिकायत दर्ज कराने वाले मार्केटिंग एजेंट के बैग में जब पंद्रह लाख रुपए थे. तो एफआईआर में 4 लाख रुपए की लूट क्यों दर्ज की गई? जब वरिष्ठ अधिकारी लूट की जांच में जुटे, तो 10 लाख की रकम कम कैसे की गई? या फिर राजधानी में बड़ी लूट को दबाने की कोशिश की गई? हालांकि इन सवालों का जवाब तो सिर्फ पुलिस के पास है. फिलहाल इस पर पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है.
गिरफ्तार आरोपी
01. भवानी शंकर सारस्वत पिता राजेंद्र कुमार उम्र 24 साल निवासी ग्राम श्रीडूंगरगढ़ रुपादेवी स्कूल के पीछे थाना डूंगरगढ़ बीकानेर राजस्था। हाल पता- बालाजी इलेक्ट्रिकल गुरुनानक चौक के पास रायपुर (मुख्य योजनाकर्ता)
02. भवानी शंकर सारस्वत उर्फ लालजी पिता हरिदत्त जी उम्र 29 साल निवासी लूणकरणसर उमानाबास शासकीय स्कूल के सामने थाना लूणकरणसर जिला बीकानेर राजस्थान हाल पता 307, 310 डी.डी. होम्स गोवेर्धनपुर अम्बिकापुर
03. रवि शर्मा पिता शिवरतन शर्मा उम्र 21 साल निवासी थाना श्रीडूंगरगढ़ जिला बीकानेर राजस्थान। हाल पता 307 डीडी होम्स अम्बिकापुर
04. गुनानंद प्रजापति पिता गिरधारी लाल प्रजापति उम्र 25 साल निवासी थाना श्रीडूंगरगढ़ जिला बीकानेर राजस्थान
05. राकेश भार्गव उर्फ कालू पिता ओमप्रकाश भार्गव उम्र 25 साल निवासी श्रीडूंगरगढ़ आड़सरवास वार्ड नं. 33 पानी टंकी के पास थाना श्रीडूंगरगढ़ जिला बीकानेर राजस्थान
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