20-20 हजार में बिके 78 एटीएम-कार्ड और 21 चेकबुक, म्यूल अकाउंट गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने साइबर फ्रॉड सरगना समेत पांच आरोपियों को दबोचा

78 ATM cards and 21 checkbooks sold for 20,000 rupees each; mule account racket busted; police arrest five accused, including cyber fraud mastermind

20-20 हजार में बिके 78 एटीएम-कार्ड और 21 चेकबुक, म्यूल अकाउंट गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने साइबर फ्रॉड सरगना समेत पांच आरोपियों को दबोचा

दुर्ग : दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में म्यूल अकाउंट (दूसरों को बैंक खाता देने) से जुड़े बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस गिरोह ने लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड और चेकबुक 20-20 हजार रुपये में खरीदकर उन्हें ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल करने का संगठित तंत्र बना रखा था. पुलिस ने पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र से 78 एटीएम कार्ड, 21 चेकबुक, 18 पासबुक और 16 सिम कार्ड जब्त करते हुए मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.
मिली जानकारी के मुताबिक प्रार्थी ने पद्मनाभपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी मोबाइल दुकान में काम करने वाले अमित मिश्रा के दोस्त बोरसी दुर्ग निवासी लोकेश जाधव उर्फ लक्की उम्र 35 साल ने उससे कहा कि उसका भाई बाहर रहता है और पैसा भेजेगा. लेकिन उसके पास बैंक खाता नहीं है. लोकेश ने खाता देने के बदले 20 हजार रुपये देने का लालच दिया.
प्रार्थी ने अपना एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक का खाता लोकेश को दे दिया. कुछ दिनों बाद आईडीबीआई बैंक का खाता फ्रीज हो गया. इससे प्रार्थी को शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत की.
पुलिस जांच में लोकेश जाघव की तलाश शुरु हुई. आरोपी महाराष्ट्र भागने की तैयारी में दुर्ग बस स्टैंड में बस का इंतजार कर रहा था. तभी पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. पूछताछ में लोकेश जाघव ने बताया कि वह अपने भाई टवन कुमार जाधव उम्र 37 साल के साथ मिलकर म्यूल अकाउंट सप्लाई करता था. पुलिस ने टवन जाघव को भी गिरफ्तार किया.
इसी कड़ी में पुलिस ने तीन अन्य आरोपित विनय सिंग सेगर उम्र 23 साल हुडको भिलाई, राजु गायकवाड उम्र 24 साल रेशने आवास नेहरु नगर और अमित मिश्रा उम्र 30 साल हुडको भिलाई हॉस्पिटल सेक्टर को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने पकड़े गए आरोपितों के खिलाफ 317(4), 319(2), 61, 42(2), 42(3) बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया.
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों को पैसे का लालच देकर उनके बैंक खाते लेते थे. इन खातों को महाराष्ट्र में बेचा जाता था और ऑनलाइन कार्निवाल और क्रेप्स बेटिंग ऐप में इस्तेमाल किया जाता था. प्रार्थी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है.- दुर्ग सीएसपी हर्षित मेहर
सामान बरामद
78 एटीएम और क्रेडिट कार्ड
21 चेकबुक
18 पासबुक
16 अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड
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