कुरुद में अजय चंद्राकर के राइस मिलर भाई के घर 15 घंटे चली जांच, 8-9 लाख कैश, 2 थैलों में डॉक्यूमेंट ले गई ED, घोटाले की पुष्टि फिलहाल नहीं

A 15-hour investigation at the home of Ajay Chandrakar's brother, a rice miller, in Kurud, took away 8-9 lakh rupees in cash and two bags containing documents. The ED has not yet confirmed the scam.

कुरुद में अजय चंद्राकर के राइस मिलर भाई के घर 15 घंटे चली जांच, 8-9 लाख कैश, 2 थैलों में डॉक्यूमेंट ले गई ED, घोटाले की पुष्टि फिलहाल नहीं

धमतरी/कुरूद : बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले मामले में ईडी ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की. राइस मिलर रोशन चंद्राकर और भाजपा नेता भूपेंद्र चंद्राकर के भाई के निवास में एक साथ दबिश दी गई. इससे इलाके में हड़कंप मच गया. देर रात तक चली कार्रवाई के बाद मंगलवार सुबह ईडी अधिकारियों की टीम दस्तावेज जब्त कर रोशन चंद्राकर के घर से निकल गई है. अब जांच के बाद कई नाम सामने आ सकते हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने सोमवार को धमतरी में भाजपा नेता रोशन चंद्राकर और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के भी ठिकानों पर छापेमारी की है. भूपेंद्र चंद्राकार पर सिर्फ अभनपुर ही नहीं, बल्कि अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला घोटाले में करोड़ों रुपए मुआवजा पहुंचाने का आरोप है. गौरतलब है कि राइस मिल लेवी वसूली मामले में रोशन चंद्राकर के निवास पर करीब तीन साल पहले भी ईडी ने छापा मारा था. इस दौरान उन्हें जेल भी हुई थी.
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हुए जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं. रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की धांधली का आरोप है.
प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में पता चला है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया. यह खेल राजस्व विभाग के अधिकारियों (एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी) ने जमीन दलालों के साथ मिलकर खेला. इसमें एक ही खसरे की जमीन को कागजों में छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग लोगों को मुआवजा दिलाया गया.
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जांच एजेंसी के जरिए जुबान बंद कराने की कोशिश - दीपक बैज

कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के परिजनों के यहां हुई ED कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई भारतमाला घोटाले की जांच से ज्यादा अजय चंद्राकर की आवाज दबाने की कोशिश लगती है.
बैज ने कहा कि अजय चंद्राकर विधानसभा में सरकार से तीखे सवाल पूछते रहे हैं और कई मुद्दों पर अपनी ही पार्टी की सरकार को आईना दिखाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से ED भेजकर उनकी जुबान बंद कराने का प्रयास किया जा रहा है. बैज ने कहा कि पहले विपक्षी नेताओं के यहां ED जाती थी. अब भाजपा के भीतर असहमति रखने वालों को भी निशाना बनाया जा रहा है.
दीपक बैज ने कहा कि खरीफ सीजन नजदीक है. लेकिन प्रदेश में खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर सरकार चुप है. उन्होंने आरोप लगाया कि सोसायटियों में न यूरिया पहुंची है और न ही डीएपी। पिछले साल भी किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिली थी और इस बार भी तैयारी अधूरी नजर आ रही है. कांग्रेस ने मांग की कि किसानों की जरूरत के मुताबिक उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.
बैज ने आरोप लगाया कि अडानी पॉवर को पानी पहुंचाने के लिए आरंग क्षेत्र में किसानों की जमीनों पर जबरन पाइपलाइन डाली जा रही है. उन्होंने कहा कि खेतों की मेड़ काटी जा रही है. पेड़ हटाए जा रहे हैं और किसानों को न मुआवजा दिया गया, न सहमति ली गई। कांग्रेस ने मांग की कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और सहमति के बाद ही काम किया जाए.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने रायपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद भी हत्या, लूट और चाकूबाजी जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. बैज ने आरोप लगाया कि पुलिस अपराध रोकने के बजाय केवल चालान और वसूली में व्यस्त है. उन्होंने कहा कि राजधानी में कानून व्यवस्था बिगड़ना सरकार की विफलता को दिखाता है.
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