महाशिवरात्रि में आस्था पर चोंट, राउतराय महाराज सहित 5 देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां चोरी, महिलाओं की आंखों में आंसू, युवाओं में आक्रोश

A blow to faith on Mahashivratri, ancient idols of five deities, including Rautaray Maharaj, stolen, leaving women in tears and youth in anger.

महाशिवरात्रि में आस्था पर चोंट, राउतराय महाराज सहित 5 देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां चोरी, महिलाओं की आंखों में आंसू, युवाओं में आक्रोश

बिलासपुर/सीपत : महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर ग्राम लुतरा में हुई सनसनीखेज चोरी ने पूरे क्षेत्र की धार्मिक भावनाओं को झकझोर कर रख दिया है. गांव के प्राचीन देव स्थल से सालों से स्थापित बाबा राउतराय महाराज की मूर्ति सहित कुल पांच मूर्तियां अज्ञात चोरों ने चोरी कर ली है. घटना सामने आते ही पूरे गांव में आक्रोश, दुख और गहरी पीड़ा का माहौल बन गया. यह मामला सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम लुतरा का है.
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक राउतराय महाराज गांव के आराध्य देव हैं. गांव की स्थापना काल से उनकी विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी और तब से रोजाना सुबह-शाम पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है. महाशिवरात्रि पर रविवार सुबह जब श्रद्धालु विशेष पूजा के लिए देव स्थल पहुंचे तो चबूतरा सूना देख स्तब्ध रह गए. राउतराय महाराज की मूर्ति के साथ वहां स्थापित चार अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी गायब थीं. वहीं बगल के छोटे से मंदिर में स्थापित बजरंग बली की मूर्ति सुरक्षित मिली.
महिलाओं की आंखों में आंसू, युवाओं में आक्रोश
ग्राम देवता की मूर्ति की चोरी की घटना की खबर फैलते ही बड़ी तादाद में ग्रामीण देव स्थल पर जुट गए. महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों में आंसू थे. तो युवाओं में गहरा आक्रोश साफ नजर आया. ग्रामीणों ने इसे साधारण चोरी नहीं बल्कि गांव की आस्था पर सीधा हमला बताया. पहले ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की. लेकिन मूर्तियों का कोई सुराग नहीं मिला. घटना स्थल पर कुछ वाहनों के निशान जरुर देखे गए है.
थाने में शिकायत, प्रधान आरक्षक पर दुर्व्यवहार का आरोप
सरपंच चंद्रमणि मेरावी के नेतृत्व में ग्रामीण सीपत थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि थाने के एक प्रधान आरक्षक जयपाल बंजारे ने सरपंच और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और घंटों बैठाए रखा. सीसीटीएनएस सर्वर में तकनीकी समस्या के कारण ऑनलाइन एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी. जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत ले ली.
ग्रामीणों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को फोन पर घटना की जानकारी दी. एसएसपी ने तत्काल सीएसपी निमितेश सिंह को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए और टीम गठित कर जांच का भरोसा दिलाया. पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ, संदिग्ध गतिविधियों की जांच और संभावित सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
महाशिवरात्रि जैसे पवित्र पर्व पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द मूर्तियों की बरामदगी कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए. ताकि गांव की आस्था को न्याय मिल सके. अब नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है. लुतरा ही नहीं, आसपास के गांवों में भी इस घटना को लेकर भारी रोष है. अगर जल्द खुलासा नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं.
इस दौरान सरपंच चंद्रमणि मरावी, उपसरपंच जीवन सिदार, ढोलाराम कैवर्त, पूर्व सरपंच संतोष गंधर्व, परस कैवर्त, नारायण सिंह मरावी, चंदराम कोर्राम, पुष्कर मरावी, आशीष शर्मा,पूर्व सरपंच संतोष कैवर्त, सगुन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
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