कोयले से लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर घाटी में पलटा, ड्राइवर और हेल्पर की मौत, मची अफरा-तफरी, गड्ढों से भरी जर्जर सड़क बनी हादसे की वजह
A coal-laden trailer lost control and overturned in a valley, killing the driver and helper, causing chaos and a dilapidated road full of potholes.
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार सुबह केंदा घाटी मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां कोयले से लदा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया. इस हादसे में ट्रेलर ड्राइवर और हेल्पर दोनों की मौत हो गई. शुरुआती जांच में हादसे की बड़ी वजह जर्जर और गड्ढों से भरी सड़क को माना जा रहा है. घटना के बाद घाटी मार्ग पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा.
मिली जानकारी के मुताबिक ट्रेलर नम्बर CG04 PJ 3515 मध्यप्रदेश के उमरिया से रायपुर के लिए कोयला लोड कर रवाना हुआ था. मंगलवार सुबह करीब 8 बजे जब वाहन केंदा घाटी से नीचे उतर रहा था. तभी खराब सड़क और असंतुलन के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा. देखते ही देखते ट्रेलर पलट गया और उसमें भरा कोयला सड़क पर फैल गया.
दुर्घटना की भयावहता को देखते हुए मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और राहत दल को खबर दी. केंदा पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी अशोक मिश्रा के अनुसार हादसे में चालक प्रकाश महरा (28), निवासी धनपुरी, जिला शहडोल (मध्यप्रदेश) गंभीर रूप से घायल हो गया था.
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे तत्काल रेस्क्यू कर पेंड्रा अस्पताल भेजा गया. लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हादसे की खबर मिलते ही बेलगहना चौकी प्रभारी हेमंत सिंह और केंदा प्रभारी अशोक मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने ट्रेलर मालिक अजीत विश्वकर्मा, निवासी शहडोल से संपर्क किया. मालिक ने शुरु में पुलिस को बताया कि वाहन में सिर्फ चालक ही सवार था. हालांकि घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों और अन्य वाहन चालकों ने पुलिस को जानकारी दी कि ट्रेलर में एक और व्यक्ति भी था. इस खबर को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाकर सड़क पर फैले कोयले को हटाने का काम शुरु कराया.
जब कोयले को हटाया गया, तब ट्रेलर के नीचे दबा एक युवक मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान उमेश विश्वकर्मा उम्र 25 साल, निवासी धनपुरी, जिला शहडोल के रुप में हुई. जो ट्रेलर में हेल्पर के तौर पर काम करता था.
स्थानीय लोगों का कहना है कि केंदा घाटी मार्ग लंबे समय से बदहाल हालत में है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हादसों को आमंत्रित कर रहे हैं. भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बावजूद सड़क मरम्मत कार्य की गति बेहद धीमी बताई जा रही है.
ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से तत्काल सड़क सुधार और सुरक्षा उपायों की मांग की है. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है. हादसे ने एक बार फिर घाटी मार्ग की बदहाल व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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