27.90 लाख की ठगी में फरार आरोपी दीपक टंडन के खिलाफ नई शिकायत दर्ज, तत्काल गिरफ्तारी की मांग, पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

A new complaint has been filed against Deepak Tandon, the absconding accused in the 27.90 lakh rupees fraud case, demanding his immediate arrest and raising questions about police functioning.

27.90 लाख की ठगी में फरार आरोपी दीपक टंडन के खिलाफ नई शिकायत दर्ज, तत्काल गिरफ्तारी की मांग, पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

कोरबा : कोरबा जिले में 27 लाख 90 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपी दीपक उर्फ अंबेडकर टंडन की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. गेवरा प्रोजेक्ट, ऊर्जानगर निवासी महेन्द्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है.
शिकायत में महेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 में उन्होंने थाना दीपका में दीपक टंडन के खिलाफ धारा 420 आईपीसी के तहत एफआईआर क्रमांक 160/2020 दर्ज कराई थी. पुलिस जांच के बाद वर्ष 2024 में अंतिम प्रतिवेदन अदालत में पेश किया गया. जहां यह मामला क्रमांक 48/24 के रुप में विचाराधीन है.
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी लगातार अदालत में हाजिर नहीं हो रहा और गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद उसे पकड़ने में पुलिस नाकाम रही है. महेन्द्र सिंह ने यह भी दावा किया कि दीपक टंडन ने रायपुर, सक्ती, कोरबा सहित अन्य जिलों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया है.
महेन्द्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मांग किया कि अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर आरोपी को फौरन गिरफ्तार कर हिरासत में लिया जाए. ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो और पीड़ित को इंसाफ मिल सके.
स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर चिंता बढ़ गई है. क्योंकि आरोपी सालों बाद भी खुलेआम घूम रहा है. अगर पुलिस द्वारा जल्द कार्रवाई नहीं की जाती है तो यह घटना कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर सकती है. वहीं, स्थानीय लोगों में भी यह चर्चा तेज है कि इतने गंभीर मामले में वर्षों बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहा है. जो कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है.
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अब फिर से दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा और उनके परिजनों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. इस पूरे मामले में अब डीजीपी अरुणदेव गौतम और आईजी अमरेश मिश्रा से की गई लिखित शिकायत की गई. जिसमें महादेव सट्टा एप का पैनल चलाने के लिए दबाव बनाए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए है. इस पूरे मामले में अब महिला डीएसपी से एसएसपी दफ्तर में चार घंटे पूछताछ हुई है.
होटल कारोबारी दीपक टंडन ने अपने शिकायत पत्र में बताया कि वह रायपुर के गायत्री नगर के निवासी हैं और होटल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. पिछले पांच सालों से वह डीएसपी कल्पना वर्मा से संपर्क में था. उनके परिवार के साथ भी करीबी पारिवारिक संबंध थे. टंडन का दावा है कि DSP कल्पना वर्मा ने धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के जरिए उन्हें और उनके कारोबार को करीब दो करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि कल्पना वर्मा अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए अपने और अपने परिजनों, विशेषकर पिता हेमंत वर्मा के बैंक खातों में नियमित लेन-देन करती थीं, जिनका पूरा ब्योरा उन्होंने पत्र के साथ अटैच किया है.
इस पत्र में गंभीर आरोप लगाया गया कि डीएसपी कल्पना वर्मा ने दंतेवाड़ा में महादेव सट्टा एप पैनल संचालित करने का दबाव बनाया था. दीपक के इस प्रस्ताव को ठुकराने पर दोनों के बीच संबंध बिगड़ गए. बाद में पूरी तरह खत्म हो गए. इससे संबंधित मोबाइल चैट भी उनके पास मौजूद हैं. जिन्हें शिकायत पत्र के साथ जोड़ा गया है.
दीपक टंडन ने दावा किया कि डीएसपी कल्पना वर्मा, उनके पिता हेमंत वर्मा और भाई राकेश वर्मा ने साजिश कर VIP रोड स्थित होटल एटमॉसफेरिया को गैर-कानूनी तरीके से अपने नाम रजिस्टर्ड करा लिया. जबकि होटल की खरीद-फरोख्त में उन्होंने बैंक के जरिए 30 लाख रुपए का भुगतान आरटीजीएस के जरिए किया था. कई मौकों पर नगद भुगतान और लाखों रुपए के अन्य ट्रांजैक्शन किए जाने का भी जिक्र किया गया है.
दीपक टंडन ने पत्र में यह भी लिखा है कि मतभेद बढ़ने के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरु कर दिया. पत्नी से तलाक के लिए दबाव बनाने, फर्जी मामलों में जेल भेजने की धमकी देने और उनकी पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड हाइराइडर वाहन को अपने कब्जे में रखने जैसे आरोप लगाए हैं. टंडन का कहना है कि इन सभी के कारण उनका परिवार डरा हुआ है. उनकी जान को खतरा महसूस हो रहा है.
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