गरियाबंद में विधवा का संघर्ष, नहीं मिली बीमा राशि, उल्टे खर्च हो गए 50 हजार, ये कैसा न्याय?, अब आंदोलन ही आखिरी रास्ता, होगी जांच

A widow struggles in Gariaband; she didn't receive her insurance money, and instead spent 50,000 rupees. What kind of justice is this? Now, agitation is the only option; an investigation will be conducted.

गरियाबंद में विधवा का संघर्ष, नहीं मिली बीमा राशि, उल्टे खर्च हो गए 50 हजार, ये कैसा न्याय?, अब आंदोलन ही आखिरी रास्ता, होगी जांच

गरियाबंद/फिंगेश्वर : गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक का बोरिद गांव जहां तेंदूपत्ता के मौसम बदलते हैं. बारिश आती-जाती है. लेकिन भगवंतीन यादव के पति की बीमा राशि पिछले दो साल से कभी निकलने का नाम ही नहीं ले रही. ये कहानी सिर्फ एक विधवा की नहीं. सिस्टम के जंगल में खोई हुई उम्मीद की कहानी है. भगवंतीन के पति तेंदूपत्ता संग्रहण में मुंशी थे. 2023 में उनके निधन के बाद परिवार को 2 लाख रुपये बीमा मिलना था। कागज़ों में ये आसान है. जमीन पर इतना मुश्किल कि दो साल में महिला की आँखों का पानी सूख गया, पर फाइल की स्याही नहीं हिली.
भगवंतीन बताती हैं कि दो साल में फाइल आगे बढ़ाने में क्या-क्या करना पड़ता है. वो मैं ही जानती हूँ. कर्ज लेकर 50 हजार खर्च कर चुकी हूँ. लेकिन साहब लोग अभी भी चाय-पानी पूछते हैं. उनकी बात सुनकर गांव की महिलाएँ भी कहती दिखती हैं बीमा राशि तो मृतक के परिवार को मिलती है. लेकिन खुश तो सिस्टम हो जाता है. ये सिस्टम की लचर व्यवस्था और महिला की पीड़ा का असली चित्र ज़्यादा है.
वन विभाग की सफाई भी सुनने लायक है प्रकरण बना कर राज्य शासन को भेज दिया है. राशि वहां से जारी होगी. यानी फाइल अब सरकारी गलियारों की यात्रा पर है, जितने चक्कर महिला ने काटे हैं. उससे ज़्यादा चक्कर शायद फाइल ने भी खा लिए होंगे पर फर्क इतना है कि फाइल चक्कर खाती है महिला रोती है.
हक के लिए आंदोलन की चेतावनी अब चुप नहीं रहेंगे. लाचार होकर अब भगवंतीन ने आंदोलन की चेतावनी दी है. उनकी आवाज़ में दर्द भी है और हिम्मत भी पति की मौत के बाद सरकार ने कहा था कि सहारा देंगे. लेकिन दो साल में तो सहारा क्या, एक रुपया भी नहीं मिला.
यहाँ कहानी दर्द की नहीं. भावुकता में डूब जाती है. जब एक विधवा यह कहे कि अब आवाज़ ही हथियार है तो समझिए कि सिस्टम ने कहीं न कहीं अपना मानवता वाला पेज बंद कर दिया है. इस पूरे मामले की जानकारी गरियाबंद डीएफओ शशिगानंदन बोले मामले की जानकारी अभी मिली है जांच कराकर जल्द ही इसका निराकारण किया जाएगा.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t