BJP विधायक लाखों रुपए की रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार, लोकायुक्त पुलिस ने की कार्रवाई, हिरासत में 2 PA, मचा हड़कंप

BJP MLA arrested red-handed in a bribery case worth lakhs of rupees, Lokayukta police took action, 2 PAs detained, causing panic.

BJP विधायक लाखों रुपए की रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार, लोकायुक्त पुलिस ने की कार्रवाई, हिरासत में  2 PA, मचा हड़कंप

गदग : कर्नाटक में लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार को भाजपा विधायक चंद्रू लमानी को कथित तौर पर 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है. ठेकेदार की शिकायत के आधार पर गडग लोकायुक्त पुलिस ने यह जाल बिछाया था.
अधिकारियों ने बताया, “आज गडग लोकायुक्त पुलिस स्टेशन ने सफलतापूर्वक जाल बिछाया. आरोपी लोक सेवक को 5 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया.” इसके साथ ही यह भी बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7(क) और 7(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता विजय पुजार इसी जिले के चिंचाली के रहने वाले प्रथम श्रेणी के ठेकेदार हैं.
शिरहट्टी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक के साथ-साथ उनके निजी सहायक मंजुनाथ वाल्मीकि और गुरु नाइक को भी इस मामले के बारे में हिरासत में लिया गया है. लोकायुक्त ने एक बयान में कहा कि आरोपी 1, 2 और 3 को हिरासत में ले लिया गया है और जांच जारी है.
कर्नाटक लोकायुक्त ने भाजपा विधायक के एक हॉस्पिटल पर छापा मारा और उन्हें एक कॉन्ट्रैक्टर से 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है. पैसों को जब्त कर लिया गया है और जांच चल रही है. इस कार्रवाई के बाद कर्नाटक की सियासत में खलबली मच गई है. चंद्रू लमानी कर्नाटक के बड़े नेताओं में से एक हैं. वह काफी समय से भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं. वे गडग जिले के शिरहट्टी विधानसभा क्षेत्र (SC आरक्षित) से विधायक हैं.
पहली बार विधायक बने लमानी
2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में लमानी ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की और पहली बार विधायक बने. वे पेशे से डॉक्टर हैं. उन्होंने एमडी (जनरल मेडिसिन) की डिग्री हासिल की है और पहले सरकारी अस्पताल में सामान्य चिकित्सक के रूप में काम किया है.
लमानी को समाजसेवी के रुप में भी जाना जाता है. वे ग्रामीण बच्चों को मुफ्त एसएसएलसी कोचिंग और ट्यूशन देते हैं. जिससे वे शिक्षा को समाज की समस्याओं का बेहतरीन इलाज मानते हैं.
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि उन्होंने एक क्लास-1 ठेकेदार विजय पुजार से माइनर इरिगेशन विभाग के कार्यों के क्लियरेंस और बिल पास करवाने के बदले कुल 11 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी.
ट्रैप ऑपरेशन में 5 लाख रुपये की पहली किस्त लेते रंगे हाथ पकड़े गए. उनके दो पर्सनल असिस्टेंट (मंजूनाथ वाल्मीकि और गुरुनाइक) भी गिरफ्तार हुए. राशि जब्त कर ली गई है और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज है. जांच जारी है. फिलहाल इस मामले में भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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