भारत-माला मुआवजा घोटाला, जल-संसाधन विभाग के अफसरों पर एक्शन, 2 अधिकारी समेत 6 गिरफ्तार, 23 जुलाई तक EOW की रिमांड

Bharat-mala compensation scam, action on officers of water resources department, 6 arrested including 2 officers, EOW remand till 23 July

भारत-माला मुआवजा घोटाला, जल-संसाधन विभाग के अफसरों पर एक्शन, 2 अधिकारी समेत 6 गिरफ्तार, 23 जुलाई तक EOW की रिमांड

रायपुर : भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा राशि घोटाले में EOW ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जल संसाधन विभाग में अमीन के पद पर पदस्थ लोकसेवक गोपाल राम वर्मा (से.नि.), नरेन्द्र कुमार नायक समेत 4 अन्य व्यक्ति खेमराज कोसले, पुनुराम देशलहरे, भोजराम साहू एवं कुंदन बघेल को गिरफ्तार कर रायपुर विशेष न्यायालय में पेश कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी खेमराज कोसले पूर्व जिला पंचायत सदस्य और अभनपुर जनपद अध्यक्ष रह चुका है. आरोपी कुंदल बघेल दस सालों तक नगर पंचायत अभनपुर के अध्यक्ष थे. आरोपी पुनुराम देशलहरे नायकबांधा का पूर्व सरपंच है.
जांच में पाया गया कि जल संसाधन विभाग के दो अधिकारियों ने पूर्व में अधिग्रहित की गई भूमि के बारे में गलत रिपोर्ट पेश किया था. 4 अन्य व्यक्तियों ने फरार चल रहे राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर खाता विभाजन (बटांकन) प्रकिया और अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में फर्जीवाड़ा किया था और किसानों से उसकी एवज में भारी मात्रा में कमीशन लिया था. इस मामले में जांच जारी है.
क्या है भारतमाला परियोजना का मुआवजा घोटाला?
छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत राजधानी रायपुर से विशाखपट्टनम तक 546 किमी सड़क निर्माण किया जा रहा है. इस परियोजना में रायपुर से विशाखापटनम तक फोरलेन सड़क और दुर्ग से आरंग तक सिक्सलेन सड़क बनना प्रस्तावित है. इस सड़क के निर्माण के लिए सरकार ने कई किसानों की जमीनें अधिग्रहित की है. इसके एवज में उन्हें मुआवजा दिया जाना है. लेकिन कई किसानों को अब भी मुआवजा नहीं मिल सका है.
भारतमाला परियोजना के तहत विशाखापट्टनम रायपुर तक बन रही कॉरिडोर में एसडीएम निर्भय साहू एवं अन्य राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भूमाफियों को कई गुना ज्यादा मुआवजा राशि दिलवाया है. इससे सरकार को 600 करोड़ की हानि हुई है. मामला संज्ञान में आने पर मार्च में तत्कालीन एसडीएम निर्भय कुमार साहू और दो तहसीलदार और तीन पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया था. निलंबन के समय निर्भय कुमार साहू जगदलपुर नगर निगम आयुक्त थे. सरकार ने घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपा है. ईओडब्ल्यू आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है.
भारतमाला परियोजना में गड़बड़ी को लेकर आरोपी निर्भय कुमार साहू एसडीएम, शशिकांत कुर्रे तहसीलदार, लखेश्वर किरण नायब तहसीलदार, जितेंद्र साहू, बसंती धृतलहरें, लेखराम देवांगन तीनों पटवारियों के विरुद्ध राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एवं एंटी करप्शन ब्यूरो में जुर्म दर्ज किया गया है. सभी आरोपी फरार चल रहे हैं. इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. इस घोटाले में शामिल 6 आरोपियों को ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया है.
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