CGPSC भर्ती घोटाला मामले में CBI की कार्रवाई जारी, टामन के बेटे के बाद एसके गोयल के बेटे-बहु सहित 3 गिरफ्तार, CBI को 1 दिन की मिली रिमांड
CBI action continues in CGPSC recruitment scam case, after Taman's son, SK Goyal's son and daughter-in-law and 3 others arrested, CBI gets 1 day remand
रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाला मामले में CBI की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी कड़ी में CBI ने मामले में गिरफ्तार पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के भतीजे साहिल के साथ शशांक गोयल और भूमिका कटियार को गिरफ्तार कर विशेष कोर्ट में पेश किया.
सीबीआई द्वारा गिरफ्तार शशांक गोयल और भूमिका कटियार, बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल के बेटे और बहु हैं. इससे पहले डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन को लेकर सीबीआई ने भूमिका से पूछताछ की थी. जिसके बाद यह गिरफ्तारी की गई है.
शनिवार को CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के भतीजे नितेश सोनवानी और पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर ललित गनवीर को गिरफ्तार किया था.
इस मामले में हुई जांच के मुताबिक CGPSC के चेयरमैन रहे पूर्व आईएएस अफसर टामन सिंह की पत्नी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पदमिनी सोनवानी हैं और उनका एक एनजीओ ग्रामीण विकास समिति है. इसमें एसके गोयल ने दो किस्तों में 20 लाख और 25 लाख रुपए जमा किया. ये पैसा श्री बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के CSR फंड से गया. इन्ही पैसों से सोनवानी ने पैतृक गांव में स्कूल बनवाया.
हालांकि टामन और गोयल के वकीलों ने कोर्ट में कहा है कि CBI की कार्रवाई गलत है. गोयल निजी कंपनी के डायरेक्टर हैं. उनकी कंपनी सीएसआर फंड के तहत अलग-अलग संस्थाओं को पैसे देती है. उसी के तहत उन्होंने ग्रामीण विकास समिति को पैसे दिए हैं. उस पैसे से बिल्डिंग बनाईं गईं.
विशेष कोर्ट में पेश की गई सीबीआई की डायरी में कहा गया है कि श्री बजरंग पावर एंड इस्पात ने सीएसआर मद में ग्रामीण विकास समिति नाम के एनजीओ को 45 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे. सोनवानी की पत्नी इसी एनजीओ की अध्यक्ष हैं.
PSC में हुए इस फर्जीवाड़े ने छत्तीसगढ़ के सैकड़ों युवाओं के भविष्य पर डाका डाल दिया. इसमें चयन हुआ तो अध्यक्ष, राजनेता और अफसरों के भाई भतीजों और बेटों का। 2021 में परीक्षा हुई 2023 में रिजल्ट आया. रिजल्ट आते ही ये विवादों में घिर गया और इस पर सवाल खड़े हो गए. पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने हाईकोर्ट में एक पीआईएल दाखिल की. जिसमें इस चयन सूची पर गंभीर आपत्तियां और तथ्य पेश किए गए थे.
यह पूरा मामला CGPSC 2019 से 2022 तक की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है. इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों के चयन पर विवाद हुआ. ईओडब्ल्यू और अर्जुंदा पुलिस ने भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप में मामला दर्ज किया था. CGPSC ने साल-2020 में 175 पदों और साल-2021 में 171 पदों के लिए परीक्षा ली थी. 13 फरवरी साल-2022 को प्री-एग्जाम आयोजित किया गया, जिसमें 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए थे.
इसके बाद, 26, 27, 28 और 29 मई साल-2022 को मेंस परीक्षा आयोजित की गई. जिसमें 509 अभ्यर्थी पास हुए. इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई. आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों और कुछ कांग्रेसी नेताओं और अधिकारियों के बच्चों को नौकरियां दिलवाने में भूमिका निभाई.
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