रात में फायरिंग से मची अफरा-तफरी, शर्ट बदलकर बचने की कोशिश नाकाम, बस में बैठने से पहले धराया एक आरोपी, तीन गिरफ्तार

Firing at night caused panic, attempts to escape by changing shirts failed, one accused was caught before boarding the bus, three were arrested.

रात में फायरिंग से मची अफरा-तफरी, शर्ट बदलकर बचने की कोशिश नाकाम, बस में बैठने से पहले धराया एक आरोपी, तीन गिरफ्तार

कोरबा : कटघोरा थाना क्षेत्र के कसनिया मार्ग पर बुधवार देर रात अचानक गोलियों की आवाज से अफरा-तफरी मच गई. मौके पर पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरु कर दी है. आसपास के लोग भी घटनास्थल पर इकठ्ठा हो गए.
मिली जानकारी के मुताबिक बाइक सवार एक युवक ने सिकंदर मेमन के घर के सामने फायरिंग की. दो राउंड चली गोली में से एक शटर पार करते हुए अंदर घुस गई. जबकि दूसरी गोली दरवाजे में धंस गई. उस वक्त घर के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे. लेकिन सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ. यह घटना तब हुई जब परिवार खाना खाकर सोने की तैयारी में जुटा हुआ था.
रात में अचानक हुई फायरिंग से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया. घरों से बाहर निकलकर ग्रामीण इधर-उधर देखने लगे. इसी बीच हमलावर तेजी से बाइक दौड़ाते हुए कसनिया से हाईवे की तरफ बढ़ रहा था. सूत्र बताते हैं कि भागते समय आरोपी की बाइक फिसल गई और वह सड़क पर गिर पड़ा. गिरने के बाद उसने स्थानीय लोगों को गुमराह करने के लिए अपनी शर्ट बदल ली. ताकि पहचान छिपाई जा सके. हालांकि गांव के युवकों को उसका हावभाव संदिग्ध लगा. उन्होंने फौरन पीछा करना शुरु किया और उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखा.
घिरता देख आरोपी ने कटघोरा निकलने के लिए बस में सवार होने की कोशिश की. तभी पहले से सतर्क ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी. खबर पर कटघोरा पुलिस मौके पर पहुंची और बस स्टैंड से पहले ही आरोपी को दबोचा.
वारदात की जानकारी मिलते ही एसपी सिद्धार्थ तिवारी स्वयं मौके पर पहुंचे. उनके साथ एडिशनल एसपी व फॉरेंसिक टीम ने भी घटना स्थल का बारीकी से मुआय्बा किया. पुलिस ने घटना स्थल से सबूत जुटाए हैं. आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है. एसपी तिवारी ने कहा, अभी तक फायरिंग की वजह साफ नहीं हो पाई है. आरोपी से पूछताछ जारी है. हर पहलू पर जांच की जा रही है.
स्थानीय लोगों की सक्रियता और फौरन खबर देने से आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया गया वरना वह बस में बैठकर कटघोरा से फरार हो सकता था. फिलहाल पुलिस वारदात के पीछे छिपे कारण और आरोपी के आपराधिक बैकग्राउंड की पड़ताल कर रही है. देसी कट्टा गुरुवार को कसनिया स्कूल के पास पाइप और झाड़ी के बीच मिला. जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है.
सिकंदर मेमन ने बताया "यह पूरी कहानी इसी साल के अप्रैल से शुरु हुई थी. मेरे छोटे भाई का लड़का तौसीफ और उसके साथ में ही पढ़ने वाली लड़की अप्रैल महीने में घर से भाग गए थे. दोनों एक साथ पढ़ाई करते थे. 21 अप्रैल को भागने के बाद वह 24 अप्रैल को वापस आ गए थे. कोलकाता में दोनों ने नोटरी करवाकर शादी कर ली थी. वापस लौटने पर मैंने खुद थाना जाकर इसकी जानकारी दी. सुपुर्दगी दिया और कहा कि लड़की को उसके घर भेज दिया जाए.
पुलिस ने ही तब कहा था कि लड़का और लड़की दोनों दोनों बालिग हैं. परिजनों के सामने पूछ लेते हैं. तहसीलदार के सामने बयान हुआ. लड़की ने सहमति जताई कि वह लड़के के साथ ही रहना चाहती है. पुलिस और दोनों परिवार की मौजूदगी में हुए फैसले के बाद लड़की हमारे साथ 8 दिन तक हमारे घर में ही थी.
तब यह बात भी हुई थी कि लड़का और लड़की बालिग होने पर वह लिव इन रिलेशन में भी रह सकते हैं. लेकिन इसके कुछ दिन बाद पुलिस ने कहा कि लड़की को सखी सेंटर भेजा जाए. मैरिज रजिस्ट्रार के सामने शादी के लिए आवेदन लगाया जाए. शादी हो जाने के बाद लड़की को परिवार को सौंपेंगे. इसके बाद हमने वकील के जरिए हाई कोर्ट में मामला लगाया.
हाई कोर्ट ने हमसे ₹100000 जमा करवाया. हाई कोर्ट में भी लड़की से उसकी मर्जी के विषय में पूछा गया. वहां भी उसने कबूल किया कि मैं लड़के के साथ ही रहना चाहती हूं. लड़की वाले पक्ष ने कई तरह के आरोप लगाए. लव जिहाद का भी आरोप लगाया. इसके बाद हमें समझौता सेंटर भेजा गया. हाई कोर्ट से आने के बाद से अब तक लड़की सखी सेंटर में ही रह रही है.
कोर्ट के आदेश पर हमने मैरिज एक्ट के तहत अपर कलेक्टर के कोर्ट में शादी के लिए आवेदन दिया था. इसमें भी कई संगठनों ने लगातार आपत्ति लगाई. विरोध किया. लगातार कई पेशी हुई. हमारा पक्ष और लड़की का बयान दर्ज किए बिना ही आवेदन खारिज कर दिया गया. हम इस मामले को डीजे के कोर्ट में लगाने वाले थे कि हमारे घर पर गोली चल गई है. इन सब में हम बेहद प्रताड़ित और परेशान हैं.
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा है. जिनसे पूछताछ जारी है. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया. देसी कट्टा और कारतूस भी बरामद कर लिया है. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए उत्तर प्रदेश (यूपी) से एक शूटर को सुपारी देकर बुलाया गया था.
मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी ने अपना नाम दुर्गेश पाण्डेय बताया है. अन्य आरोपी आशीष को भी गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में दुर्गेश पाण्डेय ने कबूल किया है कि शुरुआत में तौकिफ के पैर पर गोली चलाने की प्लान थी, लेकिन बाद में उसके घर पर गोली चलाने का फैसला किया गया.
इस मामले में कुल तीन आरोपियों के शामिल होने की जानकारी मिली है. हालांकि उन्हें किसने सुपारी दी और इस वारदात के पीछे का मोटिव क्या है, इन बातों से पर्दा उठाना अभी बाकी है. यह बातें आगे चलकर पुलिस की जांच में साफ हो पाएगी.
इस पूरे मामले में एसपी सिद्धार्थ तिवारी का कहना है कटघोरा के कसनिया मोड़ के पास एक मकान पर गोली चली है. दो राउंड की फायरिंग में गोली दरवाजे और शटर पर लगी है. किसी को नुकसान नहीं पहुंचा है. इस मामले में हमने आशीष और दुर्गेश सहित तीन युवकों को हिरासत में लिया है. गहन विवेचना और जांच के लिए पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. इसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकेंगे. फिलहाल इस मामले में जांच की जा रही है
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