गौशाला बन रहा मवेशियों की कब्रगाह, चारा सहित रख रखाव का अभाव, विरोध में उतरे ग्रामीण, कठोर कार्रवाई की मांग कर दी आंदोलन की चेतावनी

Gaushala is becoming a graveyard for cattle, lack of maintenance including fodder, villagers protested, demanded strict action and warned of agitation

गौशाला बन रहा मवेशियों की कब्रगाह, चारा सहित रख रखाव का अभाव, विरोध में उतरे ग्रामीण, कठोर कार्रवाई की मांग कर दी आंदोलन की चेतावनी

बिलासपुर/पचपेड़ी : बिलासपुर जिला में पचपेड़ी के ग्राम ओखर स्थित श्री वासुदेव गौशाला सेवा समिति पर गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में चारे की भारी कमी के चलते रोजाना 7 से 10 गायों की मौत हो रही है. हालत इतनी भयावह हो गई कि 24 अगस्त 2025 को एक ही दिन में करीब 25 से 30 गायें दम तोड़ गईं.
ग्रामीणों का आरोप है कि मरने वाली गायों को गड्ढे खोदकर दफना दिया गया. लेकिन न तो गौ सेवा आयोग और न ही शासन-प्रशासन ने इस ओर कोई ठोस कदम उठाया. स्थानीय लोगों का कहना है कि समिति की लापरवाही से लगातार गौवंश की जान जा रही है.
गामीणो ने बताया कि ग्राम ओखर की गौशाला में चारे की भारी कमी है. रोजाना कई गायें मर रही हैं. 24 अगस्त को करीब 30 गायें मर गईं. अगर जल्द चारे की व्यवस्था नहीं की गई या समिति को भंग नहीं किया गया तो वह कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जन आंदोलन करेंगे.
उधर गौशाला प्रबंधन ने इन आरोपों से इंकार करते हुए सफाई दी है. गौशाला मैनेजर का कहना है कि वर्तमान में यहां करीब 250 गायें हैं. जिनमें कई बाहर से लाई गई और एक्सीडेंटल (दुर्घटनाग्रस्त) गायें भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि गायों की मौत चारे की कमी से नहीं. बल्कि बीमारियों और खराब स्वास्थ्य स्थिति के कारण हो रही है. तादाद से क्यादा होने से देखभाल में कठिनाई आ रही है. लेकिन हम लगातार प्रयास कर रहे हैं. हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह नाकाम हो चुकी है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो वे आंदोलन कर गौशाला निरस्त करने और समिति पर कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे.
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