धमतरी में तथाकथित संत ने 6 गौवंशों के लिए अवैध गौशाला के नाम पर पूरे प्रदेश से लाखों का चंदा वसूला, पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग
In Dhamtari, the so-called saint collected donations worth lakhs from the entire state in the name of illegal cowshed for 6 cows, demand for investigation from the Superintendent of Police.
धमतरी : रायपुर के एक तथाकथित संत के खिलाफ शिकायतकर्ता रत्नेश मिश्रा, रायपुर, विनोद सचदेव-कुरुद ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत कर गंभीर आरोप लगाकर जांच कराने की मांग की है.
पुलिस अधीक्षक से आज शिकायतकर्ता रत्नेश मिश्रा, रायपुर, विनोद सचदेव-कुरुद ने लिखित शिकायत देते हुए कहा कि रायपुर के एक तथाकथित संत अमनदत्त ठाकुर पिता विकासदत्त ठाकुर, निवासी संतोषी चौक कुशालपुर, द्वारा कुरुद के ग्राम बोदाछापर में एक गौशाला (निरीक्षण एवं जांच के बाद वहां कुछ भी नहीं पाया गया) चलाई जा रही फर्जी सर्वसाहा गौशाला जिसका संचालन श्री राधाकृष्णालय गुरुबाड़ी कुशालपुर द्वारा किया जाना बताया जाता है. तथाकथित संत अमनदत्त द्वारा अध्यात्म की विरासत नामक एक यू-ट्यूब चैनल संचालित किया जाता है. उक्त चैनल के जरिए और अपने कथा वाचन में इनके द्वारा लगातार गौ सेवा, गौरक्षा, जन कल्याण एवं मानव सेवा के नाम पर लोगों को चंदा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
एक दानदाता द्वारा इस गौशाला के संचालन पर शंका प्रगट किए जाने पर 18 जनवरी 2025 को इस गौशाला का निरीक्षण स्थानीय पत्रकारों के साथ जाकर कराया गया. जिसमें यह पाया गया कि वहां पर गौशाला का सिर्फ एक पोस्टर ही लगा था. जबकि गौशाला जैसी कोई स्थिति वहां नही पायी गई.
इस बारे में यह पाया गया कि गांव के एक स्थानीय व्यक्ति लोमस साहूं के निजी गौठान मे दो-तीन गायों को रखकर और एक गौशाला का पोस्टर लगाकर फर्जी गौशाला का संचालन बताया गया. जबकि इन गोवंश का भरण-पोषण लोमस साहू द्वारा व्यक्तिगत रुप से किया जाता है और लोमस साहू द्वारा पत्रकारों के सामने बताया गया कि इन संत के द्वारा किसी भी तरह की सहायता राशि उनको प्रदान नहीं की जाती हैं.
इस गौशाला में वित्तीय अनियमितता होने की शंका होने पर जब इस गौशाला को लेकर अपने स्तर पर खोज बीन की गई तो यह पाया गया कि श्री राधाकृष्णालय गुरूबाड़ी कुशालपुर द्वारा संचालित सर्वसाहा गौशाला के बैंक खाता जो कि यूनियन बैंक लिली चौक रायपुर में है (जिसका खाता क्रमांक 619401010051133 प्थ्ैब् ब्वकम न्ठप्छ0561941 राधाकृष्णालय लोकन्यास के नाम पर है) में 14,74,000.00 करीब (करीब चौदह लाख चौहत्तर हजार रुपये) गौसेवा, गोरक्षा एवं गौशाला संचालन के नाम से कई लोंगो से लिए गए. और यूट्यूब चैनल और कथा वाचन के दौरान घोषणा कर और अपने चेलों के जरिए भी धनराशि इस खाते में इकठ्ठा की गई थी. इसके अलावा नगद में मिली रकम का कोई हिसाब किताब नही होना पाया गया.
उक्त गौशाला का निर्माण अप्रेल 2024 से बताया जा रहा है और इसी अवधि से उसका प्रचार पसार कर गौसेवा के नाम से धनराशि ली जा रही थी. इस गोरखधंधे की खोजबीन होने संबंधित जानकारी इनको लगने पर तत्काल दो दिनों के अंदर ही सात-सात लाख रुपये दो चेलों के निजी खातों में ट्रांसफर करा दिये गए. और इनके द्वारा चलाये गए यूटयूब चैनल आध्यात्म की विरासत में अप्रेल 2024 से दिसम्बर 2024 तक के वीडियो जिसमें इनके खातों में गौसेवा के लिए चंदा देने के लिये प्रेरित किया जाता था उन्हे डिलीट कर दिया गया.
एक तरफ जहां राज्य शासन द्वारा गौसेवा एवं गौरक्षा के लिए कई योजनाओं का संचालन कर गोवंश की रक्षा का प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ गौशाला की आड़ में इस गोरखधंधे का संचालन किया जा रहा है.
उपरोक्त गतिविधियों को देखते हुए शिकायत कर्ता ने कहा कि गौशाला के नाम पर की जा रही चंदा उगाही और गोवंश के प्रति श्रद्वा भक्ति रखने वाले भोले-भाले जनमानस से हो रही ठगी की जांच की जाए. और जांच के दौरान उपरोक्त बताए खाते के संचालन में रोक लगायी जाए. साथ ही जिन दो खातों में ये रकम भेजी गई है उनके संचालन में भी तत्काल रोक लगायी जाए. ऐसे धर्म विरोधी एवं जनमानस के साथ ठगी करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए. ये धर्म के नाम पर अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहे हैं.
तथाकथित संत अमनदत्त ठाकुर सनातन धर्म के मान्य सिद्वांतों के खिलाफ आचरण करते हुये पाए गए. इनके द्वारा किये जा रहे अनैतिक और धर्म विरोधी कार्यों की लंबी लिस्ट है. जो कि इनके पूर्व शिष्यों से संपर्क करने पर हमारी जानकारी में में आया.
शिकायत कर्ता रत्नेश मिश्रा, रायपुर विनोद सचदेव कुरुद ने बताया कि
1 अपनी आध्यत्मिक शक्तियों के द्वारा गर्भ पूर्व लिंग परीक्षण की बात करना और अपनी तथाकथित शक्ति के जरिए लड़का है या लड़की यह बताना.
2. समाज के प्रतिष्ठित जनों को तांत्रिक तथा घर परिवार की महिलाओं को टोनही बताना और परिवार तथा समाज में उनके खिलाफ डर का माहौल बनाना.
3. फर्जी गौशाला का प्रचार पसार करना तथा अपने खातों में पैसे मंगाना तथा अपने चेलों के खातों में उन पैसों को हस्तांतरित करना.
4. इनके एक पूर्व शिष्या का कहना है कि इनके द्वारा किये गये व्यवहार से मैं डिप्रेशन में चली गई थी. आत्महत्या जैसे कार्य का प्रयास भी किया है.
5. कन्याओं को यूटरस (न्जतने) निकालने के लिए प्रेरित करना.
6. बम्हचर्य के सिद्वांतों के विपरीत दिनभर कन्याओं से धिरे रहना और उनसे अपनी वेशभूषा करवाना.
7. धर्म की आड़ में अन्य साधू संतो के त्याग एवं तपस्या का अपमान एवं उपहास करते हुये अपने को सर्वश्रेष्ठ बताना.
उपरोक्त कंडिका क्रंमांक 1 से 7 तक दी गई जानकारी के सबूत शिकायतकर्ता के पास वाइस रिकार्डिंग के रुप और गौशाला संबंधित कागजात एवं बैंक डिटेल की जानकारी जो ये बैंक एकाउन्ट देते हैं. चंदा उगाही के लिए इसकी डिटेल बैंक से लेकर हमारे द्वारा दिये गये बिन्दुओं से मिलान किया जा सकता है. जिससे हमारे द्वारा लगाये गए आरोपों की सत्यता सिद्व हो जाएगी. शिकायतकर्ता ने कहा कि शिकायत आवेदन में वर्णित तथ्यों के आधार पर कार्यवाही करते हुए संज्ञान लिया जाए एवं की गई कार्यवाही से मुझे अवगत कराने की कृपा करें और तथ्यों के मुताबिक जांच कर इस फर्जीवाडे़ के मुख्य सरगना अमनदत्त ठाकुर के खिलाफ विधि सम्मत धाराओं के तहत जुर्म दर्ज किया जाए.
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