कबीरधाम जिले में करंट बिछाकर दो गौर का शिकार का हुआ खुलासा, डॉग स्क्वॉड भी पहुंचा, वन विभाग की कार्रवाई, पांच शिकारी गिरफ्तार
In Kabirdham district, two gaur were hunted using live electricity. Dog squads also arrived, and the Forest Department took action, arresting five hunters.
कबीरधाम : भोरमदेव अभयारण्य के चिल्फी पूर्व रेंज के बीट क्रमांक 333 से वन विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है. बहनाखोदरा क्षेत्र में शिकारियों ने जंगल में करंट लगाकर एक हफ्ते के भीतर दो बायसन/गौर का शिकार कर लिया. और बाद में उनका मांस काटकर आपस में बांट लिया.
घटना की खबर मिलते ही वन विभाग ने फौरन कार्रवाई शुरु की. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 एवं लोक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर वन अपराध प्रकरण 18 नवम्बर का दर्ज किया गया. जांच के दौरान वन अमले ने सबूत जुटाकर पांच अपराधी अन्तू पिता गौतर बैगा, सखुराम पिता रामासिंह बैगा, सोनेलाल पिता सुखराम बैगा, कमलेश पिता चमरु यादव और इन्दर पिता शतुर बैगा को 19 नवम्बर को गिरफ्तार किया. सभी को अदालत में पेश कर 14 दिन की रिमांड का आवेदन किया. ताकि मामले की विस्तृत जांच हो सके.
बायसन के अवशेष बरामद हुए. जांच के दौरान यह सामने आया कि शिकारियों ने जंगल में करीब 3 से 4 किलोमीटर तक बिजली के तार बिछाकर करंट लगाया था. इसी करंट की चपेट में आकर दोनों बायसन की मौत हुई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए वन अधिकारियों ने फौरन डॉग स्क्वॉड को बुलाया और व्यापक तलाशी अभियान शुरु किया.
तलाशी के दौरान कई स्थानों से करंट बिछाने में उपयोग किए गए तार जप्त किए गए. डॉग स्क्वॉड की मदद से मिली सुरागों के आधार पर वन विभाग ने आरपी सल्हेवरा क्षेत्र से पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के घरों पर छापेमारी के दौरान बायसन के मांस के अवशेष भी मिले. जिससे शिकार की पुष्टि हुई है.
वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर राज्य और केंद्र सरकार करोड़ों रुपये खर्च करती हैं. इसके बावजूद इस तरह की घटनाओं पर रोक न लग पाना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है. इससे पहले भी इस इलाके में करंट लगाकर शिकार किए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
सीसीएफ Satovisha Samajhdar ने बताया कि घटना की भनक लगते ही वन मंडल अधिकारी और वन अमला मौके पर पहुंच गए थे. आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है. मोबाइल टावर लोकेशन डेटा भी खंगाला जा रहा है. ताकि शिकार में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके.
आरोपी
अन्तू पिता गौतर बैगा
सखुराम पिता रामासिंह बैगा
सोनेलाल पिता सुखराम बैगा
कमलेश पिता चमरू यादव
इन्दर पिता शतुर बैगा
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