भारतमाला घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, अभनपुर के कारोबारी जयप्रकाश गांधी गिरफ्तार, ज्यादा मुआवजा पाने मिलीभगत का आरोप, पूछताछ जारी
Major ED action in Bharatmala scam, Abhanpur businessman Jaiprakash Gandhi arrested, accused of collusion to get higher compensation, interrogation continues
रायपुर : भारतमाला परियोजना घोटाले में गुरुवार को ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले के आरोपी जयप्रकाश गांधी को ED ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार करने के साथ ही ED ने गांधी को कोर्ट में पेश किया. EDकी डिमांड पर कोर्ट ने कोर्ट ने जयप्रकाश गांधी को तीन दिन की रिमांड पर सौंपा.
मुआवजे के लिए धोखाधड़ी की चल रही जांच
मिली ज्जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ED), रायपुर ज़ोनल ऑफ़िस ने 3 जून को छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर के रहने वाले जय प्रकाश गांधी को भारतमाला हाईवे जमीन अधिग्रहण मुआवज़ा धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है. ED ने छत्तीसगढ़ के ACB/EOW द्वारा दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की थी. यह FIR भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवज़े के वितरण में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं और धोखाधड़ी से संबंधित थी.
ज्यादा मुआवजा पाने के लिए मिलीभगत
ED की जांच में पता चला कि जय प्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर अधिसूचित हाईवे अलाइनमेंट (सीध) के दायरे में आने वाली जमीन को अधिग्रहित किया और बाद में उसे 500 वर्ग मीटर से कम के छोटे-छोटे टुकड़ों में बाँट दिया. आरोप है कि जमीन का यह बँटवारा सिर्फ़ इस इरादे से किया गया था ताकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से ज्यादा मुआवज़ा हासिल किया जा सके.
मिलना था 56.76 लाख, हासिल किए लगभग 9.83 करोड़ रुपये
जांच में आगे यह भी पता चला कि धोखाधड़ी के इस तरीके को अपनाकर आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों ने असल में मिलने वाली 56.76 लाख रुपये की रकम के मुक़ाबले करीब 9.83 करोड़ रुपये का मुआवजा हासिल किया. इस तरह उन्होंने करीब 9.27 करोड़ रुपये की 'अपराध से अर्जित संपत्ति' जमा कर ली. जांच में यह भी सामने आया है कि इस 'अपराध से अर्जित संपत्ति' को बाद में शेयरों, म्यूचुअल फ़ंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश कर छिपाया और मुख्यधारा में मिलाया गया.
कई स्थानों पर मारे थे छापे
इससे पहले ED ने 28.04.2026 को इस मामले में रायपुर, अभनपुर और धमतरी जिलों में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था. इस दौरान, मुआवज़े की धोखाधड़ी से प्राप्ति से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत बरामद कर ज़ब्त किए गए थे.
3 दिन के लिए EDकी हिरासत में सौंपा
गिरफ़्तार आरोपी को विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर के सामने पेश किया गया. जिसने आरोपी को तीन दिनों के लिए ED की हिरासत में भेज दिया है. इस मामले में जांच अभी जारी है और इस साज़िश में शामिल अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है.
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