टाइगर रिजर्व फारेस्ट के 5 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण कर खेती की तैयारी, पुलिस की बड़ी कार्यवाही, आरोपी मनोज को गिरफ्तार कर भेजा गरियाबंद जेल
Preparations underway for farming by encroaching upon 5 hectares of Tiger Reserve Forest land, major police action, accused Manoj arrested and sent to Gariaband jail
गरियाबंद : उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के तौरेंगा बफर क्षेत्र में वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण कर वृक्षों को सुखाकर खेती की तैयारी करने के मामले में वन विभाग ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. विभाग के मुताबिक आरोपी ने करीब 5 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़े पेड़ों को काटकर और गिर्डलिंग कर वन्यप्राणियों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाया. जिससे मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका थी.
उक्त कार्यवाही वन विभाग को उपनिदेशक स्तर पर मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई. जांच में सामने आया कि गाजीमुड़ा सर्कल के आरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक 1180 में अवैध तरीके से प्रवेश कर करीब 5.011 हेक्टेयर वनभूमि में अतिक्रमण किया गया था. इस दौरान मिश्रित प्रजाति के 9 वृक्षों की अवैध कटाई (2.300 घन मीटर), 7 वृक्षों की गिर्डलिंग (2.340 घन मीटर) और 46 से 90 साइज के 41 सूखे खुटे (2.540 घन मीटर) पाये गए.
इस मामले में मनोज कुमार मरकाम उम्र 51 साल निवासी ग्राम कोंचेंगा, थाना शोभा, तहसील मैनपुर, जिला गरियाबंद के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 25/18 तारिख 9 फरवरी 2026 दर्ज किया गया. आरोपी पर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1) (क), (ड), (च), (ज) तथा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 27, 29, 31, 50, 51 और 52 के तहत कार्रवाई की गई.
वन विभाग ने आरोपी को गिरफ्तार कर 13 मार्च 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय गरियाबंद के समक्ष पेश किया. जहां से उसे 23 मार्च 2026 तक न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया है.
टाइगर रिजर्व प्रशासन के अनुसार क्षेत्र में पहले भी करीब 850 हेक्टेयर अतिक्रमण हटाया जा चुका है और अब नये चरण में फिर से आक्रामक अभियान चलाकर अवैध अतिक्रमणों को हटाया जायेगा. वहीं इस प्रकरण में एक वन रक्षक की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है. जिसकी विभागीय जांच की जा रही है.
यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सतोविशा समाजदार और उपनिदेशक उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व वरुण जैन के निर्देशन में की गई. अभियान में सहायक संचालक जे.पी. दरों के मार्गदर्शन में तौरेंगा बफर क्षेत्र की टीम ने कार्रवाई की. इस कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी तौरेंगा (बफर) केजुराम कोरचे, वनरक्षक विनोद कुमार ठाकुर और वन चौकीदार उदेराम यादव का विशेष योगदान रहा.
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