स्लीपर बस की तेज रफ्तार कंटेनर लॉरी से जोरदार टक्कर, आग लगने से 13 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत, मची चीख पुकार, मुआवजे का एलान
Sleeper bus collides with a speeding container lorry, 13 passengers are burned to death in the ensuing fire, there is outcry, and compensation is announced.
चित्रदुर्ग : कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में गुरुवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. यहां पर एक स्लीपर प्राइवेट बस की टक्कर एक ट्रक (लोरी) से हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि स्लीपर बस में आग लग गई. इस हादसे में कम से कम 13 लोगों की जान गई है.
मिली जानकारी के मुताबिक बेंगलुरु से शिवमोग्गा प्राइवेट स्लीपर बस जा रही थी. हिरियूर में सुबह 3 बजे के करीब नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर दूसरी तरफ से आ रहे एक कंटेनर लॉरी ने डिवाइडर पार किया और बस से टकरा गया. जिससे बस में आग लग गई. जिससे स्लीपर कोच में फंसे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में 13 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई. जबकि कुछ सूत्रों ने 17 तक का आंकड़ा बताया है.
बस का चालक और क्लीनर तो किसी तरह कूदकर बच निकले, लेकिन लॉरी चालक की मौत हो गई. स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर राहत कार्य शुरु किया. हादसे की खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं. आग पर काबू पाने के बाद शवों को बाहर निकाला गया. घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है. प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है.
बस में कुल 32 लोग सवार थे. ज्यादातर यात्री बस में सो रहे थे. बस और ट्रक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि आवाज दूर तक सुनाई दी. इस दौरान बस में से कुछ लोग निकलने में कामयाब रहे. इस स्लीपर बस को 300 से ज्यादा किलोमीटर की यात्रा तय करनी थी. हालांकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि मृतकों की तादाद में इजाफा हो सकता है.
पुलिस को अधिकतर यात्रियों की जानकारी ऑनलाइन टिकट बुकिंग से मिल रही है. जिसकी मदद से परिजनों से संपर्क किया जा रहा है. कई शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान के लिए डीएनए जांच करानी पड़ेगी.
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरु कर दी गई है. शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और टक्कर के बाद फ्यूल लीक को आग की वजह माना जा रहा है. इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक जताया है और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को पचास हजार रुपये की सहायता की घोषणा की है. कर्नाटक सरकार ने भी इलाज और राहत कार्यों के लिए तत्काल निर्देश जारी किए हैं. यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की निगरानी, रात्रि यात्रा की सुरक्षा और स्लीपर बसों के सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t



