प्रबंधन की लापरवाही ने ली 2 मजदूरों की जान, एक साथ उठी दो अर्थियां, हजारों की आंखें हुईं नम, राखी से पहले बुझ गया बहनों का आंगन

The negligence of the management took the lives of 2 workers, two bodies were taken out together, the eyes of thousands became moist, the sisters' courtyard was extinguished before Rakhi

प्रबंधन की लापरवाही ने ली 2 मजदूरों की जान, एक साथ उठी दो अर्थियां, हजारों की आंखें हुईं नम, राखी से पहले बुझ गया बहनों का आंगन

बिलासपुर/सीपत : एनटीपीसी सीपत संयंत्र में बुधवार को मेंटेनेंस के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने एक और जिंदगी निगल ली. ग्राम पोड़ी निवासी मजदूर प्रताप सिंह कंवर उम्र करीब 28 साल ने इलाज के दौरान बुधवार रात करीब 9 बजे आखरी सांस ली. इससे पहले इसी हादसे में उसी गांव के 27 साल के श्याम साहू की मौके पर ही मौत हो गई थी.
गुरुवार दोपहर जब दोनों शव गांव पहुंचे तो हर आंख नम हो गई. माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया. दोनों युवकों के अंतिम दर्शन को गांव और आसपास के सैकड़ों लोग उमड़ पड़े. घटना के समय यूनिट-5 में गोरखपुर की एक ठेका कंपनी द्वारा ओवर आइलिंग का काम कराया जा रहा था. तभी प्री एयर हीटर का प्लेटफार्म अचानक टूट गया. करीब 21 मीटर ऊंचाई से नीचे गिरने से पांच मजदूर बुरी तरह घायल हो गए. जिनमें श्याम की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि प्रताप सिंह कंवर गंभीर रूप से घायल होकर अपोलो अस्पताल में भर्ती थे.
12.30 बजे श्याम का शव गांव पहुंचा और 12.40 को प्रताप का शव पोड़ी पहुंचा. दोनों शव जैसे ही गांव पोड़ी पहुंचे. मातम की लहर दौड़ गई. शोक संतप्त परिवार के साथ पूरा गांव बिलख पड़ा. हर चेहरा आंसुओं से भीगा था. मृतक प्रताप सिंह कंवर दो भाइयों में बड़ा था. पीछे तीन बहनें हैं. जिनकी जिम्मेदारी अब सिर से उठ गई. वहीं, श्याम साहू की दो साल की मासूम बेटी अब जिंदगी भर पिता की छांव को तरसेगी. श्याम की दो बहनें व प्रताप की तीन बहने थी. इस हादसे से बहनों का भी राखी का सपना टूट गया.
श्याम साहू के मामले में एनटीपीसी प्रबंधन से हुए समझौते के मुताबिक पत्नी को एनटीपीसी में नौकरी, 60 साल तक पेंशन, 10 लाख की आर्थिक सहायता एक हफ्ते में, 50 हजार की तत्काल मदद यह सभी मांगे मृतक प्रताप सिंह के परिवार के लिए भी रखी गई हैं. परिजनों ने दोहराया कि अगर दोनों की मौत एक ही हादसे में हुई है. तो मुआवजा और सहायता में भेदभाव नहीं होना चाहिए.
प्रताप सिंह कंवर की तीन बहनों व श्याम साहू की दो बहनों ने इस बार राखी के लिए जो थाली सजाई थी. अब वह सूनी रह गई. भाई के सिर पर राखी बांधने का सपना अधूरा रह गया. हर बहन की आंखों में सवाल था– अब किसके हाथ में राखी बांधें?
इस हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार मटेरियल गेट पर चार घंटे चक्का जाम किया. मुआवजा, नौकरी और जिम्मेदार ठेका कंपनी पर कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की. हालात को कंट्रोल करने प्रशासन, पुलिस, एनटीपीसी प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों ने परिजनों से मैराथन बैठक की. इसके बाद देर शाम तक जाम खत्म हुआ.
ग्रामीणों और परिजनों ने मांग किया कि ठेका कंपनी की लापरवाही से दो जवानों की जान गई है. इसलिए संबंधित कंपनी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए. यह हादसा न सिर्फ सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़ा करता है. बल्कि स्थानीय युवाओं की जान की कीमत पर ठेकेदारी सिस्टम की लापरवाही को भी उजागर करता है. ग्राम पोड़ी अब दो परिवारों की उजड़ी दुनिया का मूक गवाह बन गया है.
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