देवभूमि में हिम्मत और इन्सानियत की मिसाल पेश करने वाले दीपक और उनके मित्र के खिलाफ FIR दर्ज, कोटद्वार मिलने पहुंचे पत्रकार अजीत

FIR registered against Deepak and his friend who set an example of courage and humanity in Devbhoomi, journalist Ajit reached Kotdwar to meet them.

देवभूमि में हिम्मत और इन्सानियत की मिसाल पेश करने वाले दीपक और उनके मित्र के खिलाफ FIR दर्ज, कोटद्वार मिलने पहुंचे पत्रकार अजीत

कोटद्वार : कोटद्वार मामले के बाद दीपक कुमार नाम के युवक देशभर में तारीफें हो रही हैं… देश के कोने कोने से लोग उन्हें प्यार और समर्थन दे रहे हैं… कहा गया कि देश में अमन, भाईचारा बचाए रखने के लिए दीपक जैसे लोगों की जरुरत है…लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी उनकी तारीफ किए बिना खुद को नहीं रोक पाए.
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार कस्बे में पिछले कुछ दिनों से बजरंग दल और स्थानीय नागरिकों के बीच शुरु हुए विवाद में पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं. जिसकी विपक्ष द्वारा पुरजोर आलोचना की जा रही थी.
शनिवार को बजरंग दल के सदस्यों ने एक स्थानीय जिम ट्रेनर दीपक कुमार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. जिसने अपनी दुकान के नाम को लेकर दबाव का सामना कर रहे एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार का समर्थन किया था. यह विवाद तब शुरु हुआ जब मुस्लिम समुदाय के दुकान के नाम में बाबा शब्द के इस्तेमाल को लेकर बजरंग दल ने आपत्ति की जिसका विरोध दीपक कुमार और उनके एक मित्र विजय रावत ने किया.
गौरतब है कि उक्त मुस्लिम दुकानदार बाबा कलेक्शन को 30 सालों से चला रहे हैं. जिम ट्रेनर दीपक कुमार कश्यप हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से 75 साल के बुजुर्ग दुकानदार का समर्थन किया. उनको तब से ऑनलाइन “मोहम्मद दीपक” के नाम से जाना जाता है.
यह विवाद गणतंत्र दिवस से शुरु हुआ, जब कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कथित तौर पर दुकान मालिक पर दबाव डाला कि वह साइनबोर्ड से “बाबा” शब्द हटा दे, यह दावा करते हुए कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. दीपक कुमार के मुताबिक सात से आठ लोगों ने उस बुजुर्ग व्यक्ति से संपर्क किया और दुकान का नाम बदलने की मांग की. दीपक ने कहा कि मैंने उनका समर्थन किया क्योंकि वह 30 साल से बिना किसी समस्या के दुकान चला रहे हैं.
शनिवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार से बजरंग दल के लगभग 150 कार्यकर्ता कोटद्वार में जमा हो गए. उक्त समूह ने उस जिम को निशाना बनाया जहां दीपक कुमार काम करते हैं. नारे लगाए, गालियां दीं और दीपक के मुताबिक दंगे जैसी स्थिति पैदा कर दी.
दीपक ने आरोप लगाया, “वे गाड़ियों में आए थे, और मेरा मानना ​​है कि उनमें से कुछ के पास हथियार थे. उन्होंने मेरे परिवार के सदस्यों को गाली दी. मैंने इंस्टाग्राम पर भड़काऊ पोस्ट देखने के बाद पुलिस को पहले ही सूचित कर दिया था. लेकिन प्रशासन की शुरुआती प्रतिक्रिया एकतरफा मालूम हुई.
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने हस्तक्षेप किया. पौड़ी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बताया कि अधिकारियों ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया है.
देहरादून से कुछ लोग कोटद्वार आए और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के इरादे से राष्ट्रीय राजमार्ग पर विरोध प्रदर्शन किया. हमने इसमें शामिल कई बाहरी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. बाबा गारमेंट्स के मालिक की शिकायत के आधार पर एक अलग मामला भी दर्ज किया गया है.
जनता का विश्वास बहाल करने के लिए पुलिस ने कोटद्वार में फ्लैग मार्च निकाला. शहर में भारी पुलिस निगरानी बनी हुई है. और अधिकारियों ने शांति भंग करने के किसी भी और प्रयास के खिलाफ चेतावनी दी है.
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दीपक कुमार को लेकर आपके x एकाउंट पर लिखा कि उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं. दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं. उस संविधान के लिए जिसे भाजपा और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि यह युवक ‘नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान’ का जीवित प्रतीक है और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है.
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