सालों से पढ़ा रहे 80 हजार शिक्षक अब खुद देंगे परीक्षा, TET अनिवार्यता के विरोध में 15 जुलाई को प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
80,000 teachers with years of experience will now have to take the exam themselves; a state-level protest is scheduled for July 15 against the mandatory TET requirement, and a memorandum has been submitted to the Collector.
रायपुर : छत्तीसगढ़ में 15 से 20 साल से स्कूलों में पढ़ा रहे हजारों शिक्षकों के लिए अब खुद परीक्षा हॉल में बैठने की बारी आ गई है. 2001 से 2010 के बीच नियुक्त शिक्षकों को 21 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य हो गया है. प्रदेश में करीब 80 हजार शिक्षक इस दायरे में हैं. समय पर पास नहीं करने पर इनके ऊपर नौकरी पर संकट मंडरा रहा है.
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को रायपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के जरिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. संगठन ने 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन की सूचना देते हुए प्रशासन से आवश्यक अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया.
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि "मोदी की गारंटी" के तहत पूर्व सेवा गणना करते हुए वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नति का लाभ दिया जाए और TET की अनिवार्यता खत्म की जाए. इसके अलावा शिक्षकों की अन्य लंबित मांगों का भी जल्द निराकरण करने की मांग की गई.
राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद NCTE के नियमों के मुताबिक 3 सितंबर 2001 से 23 अगस्त 2010 के बीच नियुक्त प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षकों को टीईटी पास करना जरूरी है. अब आख़री तारीख 21 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 21 अगस्त 2028 कर दी गई है.
प्रदेश में बड़ी तादाद ऐसे शिक्षकों की है जिनकी उम्र 50 से 55 साल हो चुकी है. पिछले 15-20 साल से पढ़ा रहे इन शिक्षकों के लिए अब किताबों और प्रतियोगी परीक्षा के पैटर्न के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल है. समस्या ये भी है कि रोज स्कूल संचालन, मूल्यांकन और प्रशासनिक काम में व्यस्त रहने की वजह से पढ़ाई के लिए समय निकालना आसान नहीं है. शिक्षा व्यवस्था और पाठ्यक्रम भी इस दौरान काफी बदल चुका है. शिक्षक संगठनों का कहना है कि इन अनुभवी शिक्षकों ने सालों तक शिक्षा व्यवस्था को संभाला है. उन्हें सेवा से हटाने की बजाय सरकार को मदद करनी चाहिए.
संगठन ने बताया कि मांगों को लेकर 15 जुलाई 2026 को रायपुर में प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा. जिसमें प्रदेशभर से बड़ी तादाद में शिक्षक शामिल होंगे.
इस मौके पर संगठन के प्रांतीय सचिव राजू टंडन, जिला अध्यक्ष लखेश्वर वर्मा, जिला सचिव महेंद्र कुमार साहू, जिला उपाध्यक्ष विनय बंजारे, जिला कोषाध्यक्ष छतेंद्र कुमार साहू, ब्लॉक अध्यक्ष अभनपुर मनोज कुमार साहू, ब्लॉक कोषाध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू सहित पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए आवश्यक अनुमति और सहयोग प्रदान करने की मांग कीे.
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