मोबाइल नहीं मिलने से एक दिन पहले हॉस्पिटल में भर्ती मरीज ने बाथरुम में की आत्महत्या , मचा हड़कंप, प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

A day after not receiving a mobile phone, a hospital patient committed suicide in the bathroom, causing a stir and raising questions about the management's functioning.

मोबाइल नहीं मिलने से एक दिन पहले हॉस्पिटल में भर्ती मरीज ने बाथरुम में की आत्महत्या , मचा हड़कंप, प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

बिलासपुर : बिलासपुर जिले के सेंदरी स्थित राज्य मानसिक चिकित्सालय से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां इलाज के लिए भर्ती एक मरीज ने बाथरुम की चौखट पर गमछे के सहारे फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. मृतक की पहचान लखन लाल साव पिता स्व ईश्वर साव, ग्राम बरना जिला महासमुंद जिला के रुप में हुई है. जिसे घटना से महज एक दिन पहले ही अस्पताल में दाखिल कराया गया था.
मिली जानकारी के मुताबिक लखनलाल मानसिक रुप से परेशान था और अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही लगातार अपने परिजनों से मोबाइल फोन की मांग कर रहा था. घटना के करीब आधे घंटे पहले ही उसकी पत्नी उससे मुलाकात करने पहुंची थी. जिससे उसने मोबाइल न मिलने पर आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी भी दी थी. लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह इतनी जल्दी इस खौफनाक कदम को अंजाम दे देगा. जैसे ही अस्पताल प्रबंधन को इस घटना की भनक लगी. परिसर में हड़कंप मच गया. मामले की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरु कर दी है.
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. जेपी आर्य (स्काई ब्लू शर्ट) ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल प्रशासन इस दुखद मामले की हर पहलू से जांच करा रहा है. और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक पाए जाने पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी पर सवाल मानसिक अस्पतालों में भर्ती मरीज सामान्य मरीजों की तुलना में अधिक संवेदनशील स्थिति में होते हैं. ऐसे मरीजों के लिए विशेष निगरानी, सुरक्षित वातावरण और जोखिम वाली वस्तुओं पर नियंत्रण की व्यवस्था जरुरी होती है. इसके बावजूद अस्पताल परिसर के भीतर बाथरुम में फांसी लगाने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सूत्रों के अनुसार अस्पताल में स्टाफ की तैनाती और निगरानी व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. बताया जा रहा है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारी प्रबंधन के निजी कार्यों में लगाए जाते हैं. जिससे वार्ड में मरीजों की निगरानी प्रभावित होती है. अगर यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही मानी जाएगी.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB