भ्रष्टाचार का नया विस्फ़ोट, एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, स्टेट बैंक की बिल्हा शाखा में 2 करोड़ से ज्यादा का हो गया खेला, महिला कैशियर गिरफ्तार

A new explosion of corruption, a major action by the Anti-Corruption Bureau, fraud of more than Rs 2 crore took place in the Bilha branch of the State Bank of India, a female cashier was arrested.

भ्रष्टाचार का नया विस्फ़ोट, एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, स्टेट बैंक की बिल्हा शाखा में 2 करोड़ से ज्यादा का हो गया खेला, महिला कैशियर गिरफ्तार

रायपुर : छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की कड़ी में छत्तीसगढ़ एसीबी की टीम ने दो करोड़ रुपये से ज्यादा के गबन के आरोप में महिला कैशियर को गिरफ्तार किया है. आरोपी कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा को State Bank of India की बिल्हा शाखा से हिरासत में लिया गया. मामले में बैंक के रिकॉर्ड और खातों में कथित छेड़छाड़ कर 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार 600 रुपये की अनियमितता किए जाने का आरोप है. यह कार्रवाई शाखा प्रबंधक द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की गई है.
मिली जानकारी के मुताबिक बिल्हा शाखा के शाखा प्रबंधक ने राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण/एंटी करप्शन ब्यूरो मुख्यालय रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि 19 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025 के बीच बैंक में पदस्थ कैशियर और अन्य कर्मचारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक के वित्तीय रिकॉर्ड, लेन-देन विवरण और खातों में छेड़छाड़ की. आरोप है कि इस दौरान योजनाबद्ध तरीके से 2,06,37,600 रुपये का गबन कर बैंक को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंचाई गई.
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने प्राथमिक जांच के बाद 19 जनवरी 2026 को आरोपी कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(A), 13(2) सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत जुर्म दर्ज किया गया.
इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरु की गई. जिसमें बैंकिंग लेन-देन, आंतरिक रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया. इसी बीच बैंक द्वारा विभागीय स्तर पर कराई गई आंतरिक जांच में भी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई. जांच रिपोर्ट में कैशियर और अन्य कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई और खातों में हेरफेर और राशि के गबन के संकेत मिले. विभागीय जांच के निष्कर्षों को एसीबी जांच में भी महत्वपूर्ण आधार माना गया. एसीबी की टीम ने दस्तावेजी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान करते हुए आरोपों की पुष्टि के लिए तकनीकी परीक्षण किए.
जांच के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने के बाद एसीबी बिलासपुर इकाई ने आरोपी कैशियर की तलाश तेज कर दी. टीम को खबर मिली कि तेजवथ थीरापतम्मा गोपनीय रूप से बिल्हा स्थित स्टेट बैंक शाखा में आने वाली है. खबर के आधार पर एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से निगरानी रखी और मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से मिले मोबाइल फोन को भी जांच के लिए जब्त किया गया है. जिससे डिजिटल सबूत जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके. एसीबी अधिकारियों के मुताबिक जब्त मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि गबन की राशि का उपयोग या स्थानांतरण किस तरह किया गया. साथ ही अन्य संभावित सहयोगियों और बैंकिंग नेटवर्क की भी जांच की जा रही है. मामले में शामिल अन्य कर्मचारियों की भूमिका का भी परीक्षण जारी है.
गिरफ्तार कैशियर को विशेष न्यायालय बिलासपुर में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. एसीबी ने साफ किया है कि मामले में सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. यह मामला सामने आने के बाद बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी तंत्र को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है.
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