जेल से छूटने के बाद बार-बार समझाने पर नहीं समझा आशिक, ग्रामीणों ने पीट पीटकर कर दी हत्या, हिरासत में 10 महिलाओं समेत 26 लोग

As soon as he was released from jail he was committing hooliganism the local people beat him to death more than 30 people in custody

जेल से छूटने के बाद बार-बार समझाने पर नहीं समझा आशिक, ग्रामीणों ने पीट पीटकर कर दी हत्या, हिरासत में 10 महिलाओं समेत 26 लोग

दुर्ग : दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के शीतला पारा हथखोज में रविवार की देर रात मोहल्ले के लोगों ने आशिक की पीट-पीट कर हत्या कर दी. उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने करीब 26 लोगों को हिरासत में लिया है और आरोपियों से भिलाई तीन थाने में पूछताछ की जा रही है. यह मामला पुरानी  भिलाई थाना क्षेत्र के हथखोज का है.
मिली जानकारी के मुताबिक आशिक विश्वकर्मा अपने कुछ साथियों के साथ रविवार की रात को शीतलापारा हथखोज गया था. वहां पर वह मोहल्ले वालों से गाली-गलौज कर रहा था और धमका रहा था. उसकी हरकतों से परेशान मोहल्ले वालों ने आशिक विश्वकर्मा और उसके साथियों पर हमला बोल दिया.
मोहल्ले वालों के गुस्से देखते ही आशिक के दोस्त वहां से भाग खड़े हुए और मोहल्ले वालों ने आशिक विश्वकर्मा को पीट-पीट कर जान से मार डाला.  उसके खिलाफ मारपीट सहित अन्य अपराधों के कई मामले दर्ज हैं. पिछले महीने जरवाय में हुई एक घटना के बाद पुलिस ने आशिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. जेल से छूटते ही उसने फिर से इलाके में विवाद और गुंडागर्दी शुरु कर दी थी. जिसके चलते मोहल्ले वाले काफी ज्यादा परेशान थे.
बताया जा रहा है कि जानकारी के मुताबिक रविवार शाम करीब 5 बजे सुरेंद्र विश्वकर्मा उर्फ आशिक बस्ती के पास ही प्रमोद गबेल से मिला. उसने उसे रोका और शराब पीने के लिए पैसा मांगा. प्रमोद ने पैसा ना होने की बात कही तो सुरेंद्र उसे बुरी तरह पीटा और भगा दिया. थोड़ी देर बाद प्रमोद अपने साथी बहादुर और रामायण के साथ सुरेंद्र के पास पहुंचा. तीनों ने मिलकर सुरेंद्र से कहा कि वह शराब के लिए पैसा लाए हैं. इस तरह बस्ती के लोगों से मारपीट मत किया करो. सुरेंद्र ने पैसों से शराब मंगाई. फिर सभी ने शिव मंदिर के पास साथ बैठकर शराब पी.
जैसे ही तीनों साथी वहां से जाने लगे तो सुरेंद्र ने तलवार निकालकर बहादुर पर हमला कर दिया. प्रमोद ने बहादुर को धक्का दिया और वह भाग निकला. इसके बाद तीनों ने शोर मचाना शुरु कर दिया. इस दौरान शोर सुनते ही घात लगाए बैठे कॉलोनी के करीब 25-30 लोग वहां पहुंच गए. बताया जा रहा है कि इसमें करीब 10-15 महिलाएं भी थीं. सभी के हाथ में लाठी, कुल्हाड़ी, दरांती जैसे हथियार थे. पहुंचते ही उन्होंने सुरेंद्र पर वार करना शुरू कर दिया. हमले से वह वहीं गिर पड़ा.
पुलिस का कहना है कि सुरेंद्र उर्फ आशिक का इतना आतंक हो गया था कि बस्ती के लोग काफी परेशान थे. प्रमोद गबेल से मारपीट के बाद ही परिवार और बस्ती वालों ने हत्या की साजिश रची थी. आशिक चोर को मरा समझने के बाद बस्ती के लोगों ने खुद पुरानी भिलाई पुलिस को देर रात फोन किया. सीएसपी हरीश पाटिल का कहना है कि पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को सुपेला अस्पताल लेकर गई. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे दुर्ग जिला अस्पताल भेजा गया. वहां पहुंचते ही आशिक ने दम तोड़ दिया. इसके बाद शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया.
सीएसपी हरीश पाटिल का कहना है कि हत्या की वारदात को करीब 25-30 लोगों ने अंजाम दिया है. पुलिस 26 लोगों से पूछताछ कर रही है. इसमें 10 महिलाएं भी हैं. पुलिस उनसे ये पूछ रही है कि आखिर तलवार और कुल्हाड़ी या अन्य घातक हथियार किसने चलाया है. इसके बाद पुलिस मामला दर्ज करेगी। पूछताछ जारी है.
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