BJP को लगा तगड़ा झटका, पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने भाजपा से दिया इस्तीफा, नई राजनीतिक पार्टी का किया ऐलान, सियासी हलकों में मची हलचल
BJP suffers major setback, former BJP president Annamalai resigns, announces new political party, causing uproar in political circles
नई दिल्ली : तमिलनाडु प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनके इस इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है
अन्नामलाई ने दो जून को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष से मुलाकात की थी. इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक अलग गोपनीय बैठक की. अमित शाह और नितिन नवीन समेत बीजेपी के तमाम शीर्ष नेताओं के साथ हुई इस बैठक में अन्नामलाई ने बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में पार्टी छोड़ने की इच्छा जता दी थी.
बैठक के बाद अन्नामलाई को वापस तमिलनाडु लौटना था. वे दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हो चुके थे और फ्लाइट पकड़ने ही वाले थे कि तभी बीजेपी आलाकमान की तरफ से उन्हें अचानक वापस बुला लिया गया. बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने अन्नामलाई को रोकने और पार्टी छोड़ने के फैसले को बदलने के लिए मनाने की आखिरी कोशिश की. लेकिन अन्नामलाई अपने फैसले पर अडिग रहे और आखिरकार बीजेपी मुख्यालय से उनका इस्तीफा स्वीकार होने की प्रेस रिलीज जारी हो गई.
नई राजनीतिक पार्टी का किया ऐलान
भाजपा से इस्तीफा देने के बाद अन्नामलाई ने एक नए राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर दी है और कहा है कि वे आने वाले विधानसभा चुनावों में हिस्सा लेंगे. अन्नामलाई ने कहा कि उनके मन में यह बड़ा द्वंद्व था कि मैं भारत का व्यक्ति हूं या तमिलनाडु का? उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी को अपना फैसला पहले ही बता दिया था. उन्होंने कहा, “मैंने 4 दिसंबर 2025 को पार्टी को बताया था कि मैं इस्तीफा देने वाला हूं. पार्टी ने मुझे चुनाव पूरा करने के बाद छोड़ने को कहा. ”उन्होंने यह भी कहा कि वे भाजपा में “सकारात्मक बदलाव” के लिए शामिल हुए थे और अब नया राजनीतिक मंच बनाने का समय आ गया है.
अन्नामलाई का कहना था कि हम समाज के सभी वर्गों को इस राजनीतिक आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे. इसके अलावा, ज्यादा से ज्यादा टेक्नोक्रेट्स को पार्टी में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.” उन्होंने सिस्टेमेटिक राजनीतिक सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “हमें राज्य के विकास के लिए सभी उपलब्ध प्रतिभाओं का उपयोग करना चाहिए. इसे हासिल करने के लिए हमें अपनी राजनीतिक भाषा और संस्कृति को बदलना होगा.
अन्नामलाई ने कहा कि हमें ‘कल्ट पॉलिटिक्स’ और वंशवादी राजनीति का अंत करना चाहिए. मेरी पार्टी में कोई भी स्थायी विधायक, सांसद या मंत्री नहीं होगा. इसमें मैं खुद भी शामिल हूं. यही हमारा लक्ष्य और हमारे राजनीतिक आंदोलन का मोटो होगा. उन्होंने आगे जोड़ा, “एक और राजनीतिक पार्टी की जरूरत है.”
अन्नामलाई ने साफ किया कि इस आंदोलन का नाम “We the Leader” है और कोयंबटूर में आधारित एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर एथिक्स एंड पॉलिटिक्स इस आंदोलन के अंदर एक सुविधा के रूप में काम करेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके आह्वान के बाद 47,000 सेज्यादा लोग इस आंदोलन में शामिल हो गए.
अन्नामलाई ने वर्ष 2020 में भाजपा का दामन थामा था, पार्टी में शामिल होने के महज 10 महीने के भीतर उन्हें तमिलनाडु भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया. जिससे वे राज्य इकाई के सबसे युवा अध्यक्षों में शामिल हुए. उनके नेतृत्व में भाजपा ने चार सीटें जीतकर करीब दो दशक बाद तमिलनाडु विधानसभा में वापसी की थी.
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उनके नेतृत्व में तमिलनाडु में भाजपा का वोट शेयर 3.66 प्रतिशत से बढ़कर 11.24 प्रतिशत तक पहुंच गया था. हालांकि भाजपा और AIADMK के बीच गठबंधन संबंधी राजनीतिक परिस्थितियों के चलते उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा था.
इधर, अन्नामलाई के भाजपा छोड़ने की अटकलों के बीच मदुरै में लगाए गए पोस्टरों ने भी राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी थीं. इन पोस्टरों में अन्नामलाई को दक्षिण भारतीय फिल्म सितारों Rajinikanth और Ajith Kumar के साथ दिखाया गया था. राजनीतिक गलियारों में इन पोस्टरों को उनके समर्थकों की तरफ से नए राजनीतिक विकल्पों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
अन्नामलाई के इस्तीफे को तमिलनाडु में भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वे भविष्य में किसी अन्य राजनीतिक दल का रुख करेंगे या फिर अपनी नई राजनीतिक राह खुद तैयार करेंगे.
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