KYC के नाम पर फिंगरप्रिंट लेकर बैंक खाताधारकों से 42 लाख की ठगी, ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक संदीप गिरफ्तार
Bank account holders were duped of Rs 42 lakh by taking fingerprints in the name of KYC, customer service centre operator Sandeep arrested
जशपुर : जशपुर पुलिस ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक को गिरफ्तार किया है.आरोपी पर KYC (नो योर कस्टमर) के नाम पर बैंक खाताधारकों के फिंगरप्रिंट लेकर उनके खातों से 10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर गबन करने का आरोप है. पुलिस को आगे की विवेचना में लगभग 42 लाख रुपये की ठगी की संभावना है. यह मामला थाना कुनकुरी क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक 6 जनवरी 2025 को आशीष भदौरिया 35 साल निवासी होशंगाबाद), आईसेक्ट लिमिटेड के अधिकारी ने थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि भारत सरकार की वित्तीय समायोजन योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक और आईसेक्ट लिमिटेड के बीच हुए अनुबंध के अंतर्गत, संदीप यादव को भारतीय स्टेट बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क सेंटर) खोलने की अनुमति मिली थी.
भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कुनकुरी शाखा ने आईसेक्ट लिमिटेड को जानकारी दी कि कियोस्क संचालक संदीप यादव द्वारा कई खाताधारकों के खातों से अनाधिकृत रूप से रकम निकालकर गबन किया गया है. आईसेक्ट लिमिटेड के अधिकारियों ने 59 शिकायतों की जांच की.\
जिसमें पाया गया कि संदीप यादव ने एसबीआई कुनकुरी के खाताधारकों के खातों से कुल 10 लाख 79 हजार 700 रुपये की हेराफेरी की है. आरोपी संदीप यादव ने अपने व्यक्तिगत हितों की पूर्ति के लिए ग्राहकों की रकम का गबन किया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा आईसेक्ट लिमिटेड के साथ धोखाधड़ी की. संभावना है कि अन्य खाताधारकों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी हुई है.
इस रिपोर्ट के आधार पर, संदीप यादव के खिलाफ थाना कुनकुरी में बीएनएस की धारा 316(5), 318(4) और भा.द.वि. की धारा 420, 408 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया गया. घटना के बाद से ही संदीप यादव फरार था. पुलिस की टेक्निकल टीम ने उसे बैंगलोर में ट्रेस किया. जहां से वह पुलिस को चकमा देकर ट्रेन में भागने लगा. लेकिन जशपुर पुलिस की टीम ने लगातार पीछा करते हुए झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन पर उसे टीटीई की मदद से गिरफ्तार कर लिया.
आरोपी संदीप यादव के कब्जे से दो लैपटॉप, बायोमैट्रिक्स डिवाइस, ग्राहकों के लेन-देन से संबंधित दस्तावेज, रजिस्टर, मोबाइल फोन और ठगी की रकम से बचे हुए 10 हजार 500 रुपये नगद जब्त किए गए.
पुलिस पूछताछ में आरोपी संदीप यादव ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह कियोस्क शाखा में आने वाले ग्रामीण ग्राहकों से KYC के नाम पर बायोमेट्रिक मॉर्फो डिवाइस पर अंगूठा लगवाकर ग्राहकों की रकम अपने स्टेट बैंक के खाते में ट्रांसफर कर लेता था और बाद में उस रकम को निकाल लेता था.
आरोपी संदीप यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. पुलिस पूछताछ में आरोपी द्वारा गबन की गई रकम के 42 लाख रुपये तक जाने की संभावना है, जिसके संबंध में जांच जारी है.
इस मामले की विवेचना और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश कुमार यादव, उप निरीक्षक संतोष तिवारी (प्रभारी साइबर सेल), उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर वारले, प्रधान आरक्षक रामानुजम पांडे, ढलेश्वर यादव, गोविंद यादव, धन साय, आरक्षक जितेंद्र गुप्ता, नंदलाल यादव और चंद्रशेखर बंजारे की अहम भूमिका रही.
आरोपी
संदीप यादव उम्र 30 साल निवासी रेमते रोड, पुरानी बस्ती, कुनकुरी
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