सुशासन तिहार में फिर हंगामा, भिड़े नेता और अफसर, एडीएम पर नगर पालिका अध्यक्ष को मंच से उतारने का आरोप, समर्थकों ने की नारेबाजी, वीडियो जमकर वायरल
Uproar again at Sushasan Tihar, leaders and officers clashed, ADM accused of removing the Municipal Council President from the stage, supporters raised slogans, video went viral
रायपुर/मंदिर हसौद : छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार में नेता और अफसर एक दूसरे पर लाल पीले हो रहे हैं. एक के बाद एक विवाद सामने आ रहे हैं. नेता अफसरों पर भड़क रहे हैं तो अफसर नेताओं की एक नहीं सुन रहे हैं. अब की बार रायपुर जिले के मंदिर हसौद में आयोजित सुशासन शिविर के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) उमाशंकर बंदे के बीच मंच पर ही तीखी बहस हो गई. कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल के पालन को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते सार्वजनिक नोकझोंक में बदल गया. जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
वीडियो में नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी अधिकारियों पर प्रोटोकॉल की अनदेखी और जनसमस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं. वहीं एडीएम उमाशंकर बंदे उन्हें मंच से नीचे जाने के लिए कहते नजर आते हैं. इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया. गोपाल चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि शिविर में जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान नहीं दिया गया और कई ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे. लेकिन उनकी बातों को पर्याप्त महत्व नहीं मिला.
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस मुद्दे को मंच से उठाया तो उन्हें कार्यक्रम से हटाने की कोशिश की गई. अध्यक्ष ने मामले की शिकायत कलेक्टर से करने की बात भी कही है. दूसरी तरफ एडीएम उमाशंकर बंदे ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया गया. उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं और उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई.
समर्थकों ने की नारेबाजी :
मंच पर हुए विवाद के बाद नगर पालिका अध्यक्ष के समर्थक नाराज हो गए और कार्यक्रम स्थल पर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी. कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया. जानकार कहते हैं कि अपनी सरकार होने के कारण बीजेपी नेता कुछ ज्यादा ही जोश में नजर आ रहे हैं. उनके मन में अफसरों के प्रति भरा गुबार इस सुशासन तिहार में निकलकर सामने आ रहा है. वहीं कुछ अफसर भी ऐसे हैं जो नेताओं की सुनना नहीं चाहते हैं. नेताओं के कुछ कहने पर उनको सीधे सीधे जवाब देते हैं. इससे हालात तनावपूर्ण बन रहे हैं.
सुशासन तिहार में पहले भी हो चुके हैं विवाद :
उदाहरण नंबर 1 :
राज्य में चल रहे सुशासन तिहार के दौरान यह पहला विवाद नहीं है. इससे पहले दुर्ग जिले में जनपद पंचायत के सीईओ रूपेश कुमार पांडेय और बीजेपी ग्रामीण महामंत्री पुराण देशमुख के बीच बहस का वीडियो वायरल हुआ था. मामला बढ़ने पर राज्य सरकार ने सीईओ को निलंबित कर दिया.
उदाहरण नंबर 2 :
बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में आयोजित शिविर में बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच मंच पर ही तीखी नोकझोंक हुई थी. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नारेबाजी के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था.
उदाहरण नंबर 3 :
गरियाबंद जिले के पाटसिवनी में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी विधायक रोहित साहू ने एक शिकायत पर मंच से पटवारी को जूते से मारने तक की बात कह दी थी. इसके विरोध में पटवारी संघ ने सुशासन तिहार के बहिष्कार का ऐलान किया था.
उदाहरण नंबर 4 :
वहीं रायपुर जिले के समोदा में आयोजित शिविर में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शिकायतों को लेकर नायब तहसीलदार को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी. जिसका वीडियो भी काफी चर्चा में रहा था.
रायपुर के मंदिर हसौद शिविर में ताजा विवाद क्यों हुआ?
उत्तर: नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने अधिकारियों पर प्रोटोकॉल की अनदेखी और जनता की शिकायतों को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया। इस पर मंच पर ही एडीएम उमाशंकर बंदे से उनकी तीखी बहस हो गई और उन्हें मंच से उतरने को कहा गया.
सुशासन तिहार के दौरान दुर्ग जिले में क्या कार्रवाई हुई?
उत्तर: दुर्ग में जनपद पंचायत के सीईओ रूपेश कुमार पांडेय और बीजेपी नेता पुराण देशमुख के बीच विवाद हुआ था. मामला बढ़ने पर राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए सीईओ को निलंबित कर दिया था.
गरियाबंद में पटवारी संघ ने सुशासन तिहार का बहिष्कार क्यों किया?
उत्तर: गरियाबंद के पाटसिवनी में बीजेपी विधायक रोहित साहू ने एक शिकायत पर मंच से ही पटवारी को जूते से मारने की विवादित बात कह दी थी. इसी के विरोध में पटवारी संघ ने इस अभियान के बहिष्कार का ऐलान किया था.
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