जप्त कबाड़ को दूसरे कबाड़ी को बेचते निगमकर्मी कैमरे में कैद, निगम की गाड़ी बनी दलाल!, यातायात हुआ बाधित, काला कारोबार बेनकाब
Corporation employees caught on camera selling seized scrap to another scrap dealer, corporation vehicle becomes broker, traffic disrupted, black market exposed
बिलासपुर : दीवाली के ठीक पहले बिलासपुर नगर निगम और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कबाड़ कारोबारियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर धावा बोला. मोपका, राजकिशोर नगर, चिंगराज पारा और चांटीडीह क्षेत्र में चल रहे अवैध कबाड़ कारोबार को चिन्हित कर निगम और पुलिस ने सख्ती दिखाई.
सुबह से ही चला यह अभियान कबाड़ी कारोबारियों के लिए मुसीबत बनकर टूटा. सड़क किनारे फैले कबाड़, अवैध तरीके से बनाए गए टीनशेड और दुकानों को निगम के अमले ने तोड़ दिया. लोहे और प्लास्टिक के टुकड़े, पुरानी मशीनों के पार्ट्स और बड़े-बड़े ग्रिल शटर जब्त कर निगम के पंपहाउस में भेज दिए गए.
लेकिन इस दौरान एक अलग ही नजारा देखने को मिला. गाड़ी सीधे सामान को डंप करने के बजाय सिटी कोतवाली क्षेत्र में स्थित गन्नू कबाड़ी के दुकान पहुंची. जहां कबाड़ी द्वारा पहले से ही सड़क को जागीर बनाकर रखा गया है. जो कबाड़ जप्त किया गया था. उसे सेटिंग कर बीच में ही बेचने की कोशिश की गई.
दरअसल कोतवाली चौक से लाला लाजपत राय स्कूल जाने वाली सड़क पर कबाड़ का साम्राज्य चलाने वाले दिनेश ट्रेडर्स मालिक द्वारा सरकारी गाड़ी से आदमी लगाकर कबाड़ उतारना शुरु कर दिया. इतना ही नहीं ड्राइवर और कबाड़ी के बीच 2600 रुपए का सौदा भी हो गया. लेकिन जब मीडिया के कैमरे पर कबाड़ी की नजर पड़ी तो कबाड़ी और ड्राइवर के हाथ-पांव फूलने लगे. और ड्राइवर आधा सामान उतारकर आनन फानन में ही सकरी गलियों से भागने लगा.
कुछ दिनों पहले ट्रक में भरे 5 टन चोरी के लोहे के सामान अफरा तफरी करने और हथियार के साथ पकड़ाने वाले कुख्यात कबाड़ी संतोष रजक के अवैध किले को नगर निगम के अतिक्रमण अमले ने ढहा दिया. संतोष के साथ 24 कबाड़ियों के ठिकाने पर नगर निगम की कार्रवाई हुई. लेकिन कार्रवाई के बाद भी संतोष कबाड़ी की करतूत में कोई बदलाव नहीं आया. जप्त हुए सामान को ठिकाने लगाने के लिए निगम के कर्मचारियों से सेंटिंग कर कबाड़ को दूसरे कबाड़ियों के ठिकाने में गिरवाने का काम किया. वहीं इस दौरान ड्राइवर और उसके साथियों ने दबाव में कबाड़ को कबाड़ियों को बेचने की बात कहकर मामले को जगजाहिर न करने की मिन्नते मांगते रहे.
दूसरी तरफ दिनेश ट्रेडर्स के नाम पर पूरी सड़क को कब्जा कर कबाड़ी का धंधा करने वाला साहू भी धडल्ले से सरकारी वाहनों में भरे जप्ती के सामान को खरीदने का दुस्साहस कर रहा है, जानकारों की माने तो लंबे समय से इस कबाड़ी द्वारा सड़क पर ही सामान बिखराकर कब्जे का अवैध काले कारोबार के साथ अवैध कबाड़ के धंधे को बदस्तूर चला रहा है, ऐसे में पुलिस और नगर निगम के आंखों से गायब रहना नामुमकिन मालूम होता है, लेकिन कबाड़ी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना सवालिया निशान पैदा करता है.
एक तरफ जहां अतिक्रमण को लेकर निगम के आला अधिकारी कार्रवाई कर रहे है. तो वहीं दूसरी तरफ निगम की गाड़ी चलाने वाले कर्मचारी अपने निजी स्वार्थ के लिए कबाड़ से भरी काऊ केचर को त्योहारी सीजन में शहर के मुख्य मार्ग सदर बाजार की तरफ ले गए. जिसके कारण कुछ देर के लिए पूरी यातायात व्यवस्था चरमरा गई. और सड़को के चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई. सड़क में लगे जाम को देखकर आनन फानन में वाहन में मौजूद कर्मचारी सड़क में उतर कर यातायात ठीक कर अपने वाहन को ले जाने में कामयाब हुए और बाधित मार्ग में आवागमन शुरु हुआ.
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