2 साल तक सीमांकन पेंडिंग, RI की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, SDM ने लगाया जुर्माना, इधर मुख्यालय से लगातार गैरहाजिर रहने वाले पटवारी सस्पेंड

Demarcation pending for two years, strict action taken against RI's negligence, SDM imposes fine, Patwari suspended for persistent absence from headquarters

2 साल तक सीमांकन पेंडिंग, RI की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, SDM ने लगाया जुर्माना, इधर मुख्यालय से लगातार गैरहाजिर रहने वाले पटवारी सस्पेंड

RI की लापरवाही पर SDM ने लगाया जुर्माना

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में सीमांकन कार्य को तय समय सीमा में पूरा नहीं करने पर राजस्व निरीक्षक प्रीतम बेक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है.
मिली जानकारी के मुताबिक  छत्तीसगढ़ शासन के लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं करने पर मनेंद्रगढ़ के एसडीएम लिंगराज सिदार ने राजस्व निरीक्षक पर जुर्माना लगाया है. बताया गया कि संबंधित राजस्व निरीक्षक ने सीमांकन का एक आवेदन दो साल से अधिक समय तक लंबित रखा था. जिसके चलते आवेदक को काफी परेशानी उठानी पड़ी.
इस मामले में सामने आया कि आवेदक रमाशंकर गुप्ता ने फरवरी 2024 में अपने भूमि सीमांकन के लिए आवेदन दिया था. इसके बावजूद राजस्व निरीक्षक द्वारा कार्य को लगातार टालते हुए लंबित रखा गया। कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी सीमांकन कार्य पूरा नहीं किया गया. जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना.
इस मामले की जांच के दौरान एसडीएम ने पाया कि राजस्व निरीक्षक ने अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरती है. लोक सेवा गारंटी अधिनियम की धारा 5-7 के तहत यह साफ है कि निर्धारित समय-सीमा में सेवा प्रदान करना जरूरी है.  इसे नजरअंदाज करना नियमों का उल्लंघन है. एसडीएम लिंगराज सिदार ने तत्काल प्रभाव से राजस्व निरीक्षक प्रीतम बेक पर 1,000 रुपये का अर्थदंड लगाया. साथ ही आदेश दिया कि यह राशि सीधे आवेदक को क्षतिपूर्ति के रुप में दी जाएगी. ताकि उसे हुए नुकसान की आंशिक भरपाई हो सके.
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मुख्यालय से लगातार अनुपस्थित रहने वाले पटवारी सस्पेंड

बलौदाबाजार : राजस्व अनुभाग सिमगा अंतर्गत हल्का नंबर 26, ग्राम धोधा के पटवारी चंद्रप्रकाश को एसडीएम सिमगा ने मुख्यालय से लगातार गैरहाजिर रहने की वजह से सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई पटवारी की बिना सूचना के 20 फरवरी 2026 से मुख्यालय से गैरहाजिर और उसके चलते कई जरूरी शासकीय कार्यों के प्रभावित होने के कारण की गई है.
जारी आदेश के मुताबिक पटवारी चंद्रप्रकाश की गैरहाजिरी ने तहसील कार्यालय सिमगा और संबंधित राजस्व कार्यों को बाधित किया है. उनके इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1966 के प्रतिकूल माना गया. इसी आधार पर एसडीएम सिमगा ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर मुख्यालय तहसील कार्यालय सिमगा में रहने का निर्देश दिया है.
निलंबन की अवधि में पटवारी को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता नियमों के अनुसार मिलेगी. लेकिन उन्हें किसी भी शासकीय कार्य को करने की अनुमति नहीं होगी. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे कृत्य न केवल प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालते हैं. बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए अनुशासन की मिसाल स्थापित करने की दृष्टि से भी गंभीर हैं. राजस्व अनुभाग सिमगा में अधिकारियों ने अन्य कर्मचारियों को भी निर्देश दिया है कि वे समय पर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहें और शासन-प्रशासन के कामकाज में बाधा न डालें.
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि पटवारी चंद्रप्रकाश की लगातार अनुपस्थिति ने तहसील में विभिन्न शासकीय कार्यों, जैसे भूमि रिकॉर्ड, राजस्व निस्तारण और शिकायत निवारण, पर प्रतिकूल असर डाला है. अधिकारियों ने इसे अनुशासनहीनता का गंभीर मामला करार दिया है और भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है.
एसडीएम सिमगा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी सिर्फ व्यक्तिगत कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन-प्रशासन के सुचारू संचालन के लिए उनकी नियमित उपस्थिति और कर्तव्य पालन अनिवार्य है. निलंबन आदेश के जरिए यह संदेश दिया गया है कि प्रशासन किसी भी कर्मचारी के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगा.
पटवारी चंद्रप्रकाश को निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय तहसील कार्यालय सिमगा में ही रखा गया है. उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों पर रोक लगाई गई है. ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों.
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