ग्रामीणों के लगातार विरोध के बाद जिंदल कोल ब्लॉक आवंटन के लिए जनसुनवाई निरस्त करने का लिया फैसला, डीएम ने सरकार को लिखा पत्र
Following persistent protests by villagers, the public hearing for the Jindal coal block allocation was cancelled; the DM wrote to the government.
रायगढ़ : जनसुनवाई के खिलाफ करीब 17 दिनों से दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे महिला एवं पुरुष ग्रामीण की एक जुटता रंग लाई और स्थानीय प्रशासन ने जनसुनवाई को निरस्त करने का फैसला लेते हुए उसकी प्रक्रिया शुरु कर दी है. जिंदल कोल ब्लॉक आवंटन के लिए हुई जनसुनवाई को निरस्त करने डीएम ने सरकार को पत्र लिखा है. तमनार में ग्रामीणों के साथ प्रशासन की द्विपक्षीय वार्ता हुई. बैठक में इस पर सहमति बनी. आंदोलन खत्म करने को लेकर अब ग्रामीणों के फैसले का इंतजार है.
घरघोड़ा एसडीएम ने बताया कि धरना प्रदर्शन करें ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल को बुलाया गया था. उनको बता दिया गया है कि जनसुनवाई निरस्त करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है और आप लोग शांतिपूर्ण अपना धरना प्रदर्शन करें. कानून व्यवस्था का सम्मान करे.
मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ जिले के ग्राम लिबरा के सीएचपी चौक में एक दिन पहले उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था. जिसमें एसडीओपी, टीआई सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.
इस बारे में पुलिस द्वारा जारी बयान में बताया गया कि 8 दिसंबर 2025 को भौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध में सेक्टर 1 कोल ब्लॉक के अंतर्गत प्रभावित 14 ग्रामों के ग्रामवासी द्वारा 12 दिसंबर 2025 से धरने पर बैठे हैं. जिस पर 27 दिसंबर 2025 को सुबह 9 बजे के आस-पास करीब 300 लोगों की भीड़ थी. उनमें से कुछ लोगों के द्वारा सड़क पर बैठकर सामान्य आवागमन को बाधित किया जा रहा था. जिसके लिए सुबह 10 बजे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, एडिशनल एसपी के द्वारा लोगों को समझाइश देकर वापिस उन्हें धरना के लिए लगाए गए टेंट पर वापस करा दिया गया.
समय-समय पर भीड़ उग्र होती रही और आवागमन को बाधित करने का प्रयास करती रही. लगातार आस-पास के गांवों से लोग जमा होते जा रहे थे. जिनकी तादाद करीब 1000 के आसपास थी. अचानक करीब दोपहर ढाई बजे भीड़ बेकाबू हो गई और बैरियर को तोड़ते हुए पत्थर और डंडों से वहां मौजूद पुलिस पर टूट पड़ी. उपद्रवी भीड़ ने जमकर लाठी डंडे बरसाए. जिससे एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा, थाना प्रभारी तमनार कमला पुसाम तथा एक आरक्षक को गंभीर चोट आई और कई पुलिस के जवान और महिला आरक्षक घायल हैं. जिन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अनियंत्रित भीड़ द्वारा मौके पर पुलिस की बस, जीप, एंबुलेंस को आग लगा दी गई और कई शासकीय वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए इसके पश्चात अनियंत्रित भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट सीएचपी की ओर बढ़कर अंदर घुसकर कन्वेयर बेल्ट तथा दो ट्रैक्टर व अन्य वाहन को आग लगा दी गई और ऑफिस में भी उत्पात मचाकर तोड़फोड़ की गई.
भीड़ को समझाइश देने के लिए विधायक, लैलूंगा विद्यावती सिदार, कलेक्टर रायगढ़ और पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के द्वारा मौके पर जाने पर भीड़ उग्र होते हुए पथराव किया गया और फिर सीएचपी प्लांट की तरफ जाकर प्लांट के अंदर आगजनी की घटना की गई.
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