धमतरी में दर्दनाक हादसा, राइस मिल के पास हाईवा की टक्कर से कार के उड़े परखच्चे, भाजपा कार्यकर्ता की मौत, नगर में शोक की लहर

Tragic accident in Dhamtari: Car smashed to pieces after collision with a truck near a rice mill, BJP worker killed, wave of mourning in the city

धमतरी में दर्दनाक हादसा, राइस मिल के पास हाईवा की टक्कर से कार के उड़े परखच्चे, भाजपा कार्यकर्ता की मौत, नगर में शोक की लहर

धमतरी/कुरुद : कुरुद में ज्योति राइस मिल के पास सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई. सामने से आ रही तेज रफ्तार हाईवा ने वेगनआर कार को टक्कर मार दी. हादसे के बाद नगर में शोक की लहर फैल गई.
मिली जानकारी के मुताबिक कुरुद निवासी आशीष पवार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 12 फरवरी की शाम करीब 6-7 बजे उन्हें खबर मिली कि उनके मामा का लड़का भारत भूषण राजपूत, जो ग्राम गाड़ाडीह से अपने घर कुरुद लौट रहा था. हादसे का शिकार हो गया है.
शांति नगर कारगिल चौक निवासी भारत भूषण राजपूत उम्र 48 साल अपनी Maruti Suzuki वेगनआर CG04-ZB 3200 से शाम करीब 6:30 बजे गाड़ाडीह से कुरुद लौट रहे थे. इसी दौरान ज्योति राइस मिल के पास, सूर्य नमस्कार चौक की तरफ से आ रही हाईवा CG 05 AL 9584 के चालक ने तेज और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए कार के सामने हिस्से में टक्कर मार दी.
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे में भारत भूषण राजपूत के सिर, चेहरा और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं. जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने हाईवा चालक के खिलाफ धारा 184 एलकेएस एवं 106(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है.
भारत भूषण उस जांबाज बिटिया जान्हवी राजपूत के पिता थे. जिसने अपनी जान जोखिम में डालकर अपने छोटे भाई को बचाया और तत्कालीन राष्ट्रपति के हाथों बाल वीरता पुरस्कार हासिल किया. जिस पिता ने अपनी बेटी को विपरीत परिस्थितियों से लड़ना सिखाया. वह खुद PWD और पुलिस विभाग की लापरवाही के बिछाए 'मौत के जाल' से नहीं लड़ सके. तीन बेटियों और एक बेटे के सिर से साया उठ गया है. क्या एक वीर बेटी को देश की व्यवस्था यही ईनाम देती है?
ज्योति राइस मिल के पास का यह मोड़ 'डेंजर जोन' है. यहां न स्टॉपर हैं, न रेडियम संकेत और न ही उड़न दस्ते की कोई पेट्रोलिंग.. यह स्पष्ट रुप से 'प्रशासनिक हत्या' है. -आक्रोशित नगरवासी
धमतरी जिले का कुरुद-मेघा रोड स्थित चरमुड़िया तिराहा अब महज एक मोड़ नहीं. बल्कि 'खूनी जंक्शन' बन चुका है. गुरुवार शाम यहां जो हुआ. उसने न सिर्फ एक परिवार उजाड़ा. बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक दावों की धज्जियां उड़ा दीं.
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