स्टॉक से अधिक धान मिलने का मामला, शिकायत पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे धान खरीदी केंद्र, बिना टोकन जमा हुआ हजारों बोरा धान

In a case involving the discovery of excess paddy stock, former Chief Minister Bhupesh Baghel visited the paddy procurement center following a complaint. Thousands of sacks of paddy were found to have been deposited without tokens.

स्टॉक से अधिक धान मिलने का मामला, शिकायत पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे धान खरीदी केंद्र, बिना टोकन जमा हुआ हजारों बोरा धान

भिलाई/पाटन : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बड़ा मामला सामने आया है. दुर्ग जिले के सेलूद स्थित झीट सेवा सहकारी समिति में बिना टोकन के धान खरीदी और स्टॉक जमा करने के गंभीर आरोप लगे हैं. इस गड़बड़ी की खबर  मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक भूपेश बघेल खुद मौके पर पहुंचे। जिसके बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया.
नियमों को ताक पर रखकर तौल: क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि झीट समिति में बिना किसी वैध टोकन के किसानों का धान तौला गया. उसकी सिलाई की गई और उसे सीधे सरकारी स्टॉक में जमा कर दिया गया. जबकि नियमों के मुताबिक बिना टोकन के किसान को बारदाना तक नहीं दिया जा सकता है. लेकिन यहां करीब 1000 कट्टे धान बिना किसी कागजी कार्यवाही के स्टॉक में पाए गए. जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री वहां पहुंचे. उन लोगों की भीड़ जमा हो गई. जिन्होंने बिना टोकन के अपना धान वहां डंप किया था.
“कोचियों से मिलीभगत का सीधा मामला”: भूपेश बघेल
मौके पर मौजूद तहसीलदार पवन ठाकुर से चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने कड़ी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने सवाल उठाया कि जब कई पंजीकृत किसान टोकन कटने के बावजूद महीनों से इंतजार कर रहे हैं. तो बिना टोकन वाला धान केंद्र के भीतर कैसे पहुंच गया? उन्होंने इसे सीधे तौर पर बिचौलियों या ‘कोचियों’ को फायदा पहुंचाने का जरिया बताया. बघेल ने साफ कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
समिति प्रबंधक ने स्वीकारी गड़बड़ी!
दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि समिति प्रबंधन और कोचियों के बीच गहरी सांठगांठ है. पूछताछ के दौरान समिति प्रबंधक सौरभ यादव ने मौके पर ही करीब 250 कट्टे धान बिना टोकन के जमा होने की बात कबूल की है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है और इसकी गहराई से जांच जरुरी है.
प्रशासनिक कार्रवाई: अब होगी एक-एक कट्टे की गिनती
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पाटन तहसीलदार पवन ठाकुर ने जांच शुरु कर दी है. सहकारिता विभाग की टीम के साथ मिलकर अब नए और पुराने बारदानों के स्टॉक की भौतिक गणना की जा रही है. तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि गिनती पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे. उसके आधार पर समिति के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
किसानों में आक्रोश और कूटनीतिक सवाल
इस घटना ने प्रदेश में धान खरीदी की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ आम किसान टोकन के लिए कतारों में खड़ा है. वहीं दूसरी तरफ केंद्रों पर बिना टोकन के हजारों कट्टे धान जमा होना सिस्टम की बड़ी चूक की तरफ इशारा करता है. भूपेश बघेल के इस ‘एक्सपोज’ के बाद अब प्रदेश की राजनीति में धान खरीदी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है.
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