रायपुर में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने दी गिरफ्तारी, भारी पुलिस बल तैनात, थाने के बाहर भारी हंगामा, बॉर्डर पर अलर्ट
Karni Sena national president Dr. Raj Shekhawat surrenders in Raipur, heavy police force deployed, commotion outside police station, border alert
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार शाम क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने मौदहापारा थाने में अपनी गिरफ्तारी दी. इस दौरान उनके समर्थन में बड़ी तादाद में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. हालात को देखते हुए थाने के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. शेखावत पर पुलिसकर्मियों को धमकी देने और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने के आरोप में FIR दर्ज की गई थी.
डॉ. राज शेखावत ने एक दिन पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ‘आमंत्रण यात्रा’ शुरु करने और शाम 4 बजे थाने में गिरफ्तारी देने का ऐलान किया था. उन्होंने सूदखोर और हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर के जुलूस के दौरान पुलिस पर घरों में घुसकर कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधिकारियों को भी खुली चेतावनी दी थी. इसी धमकी वाले वीडियो के आधार पर मौदहापारा पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज की थी.
वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी के बाद निकाले गए जुलूस को लेकर शेखावत ने पुलिस पर सवाल उठाए थे. उनका वीडियो वायरल होने के बाद पुरानी बस्ती के तत्कालीन थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आपराधिक धमकी, लोक सेवक को धमकाने और सम्मान को ठेस पहुंचाने की बात कही गई थी. FIR दर्ज होने के बाद से शेखावत पुलिस को खुली चुनौती देते रहे.
शेखावत की घोषणा के बाद बुधवार को थाने के बाहर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई. समर्थकों ने नारेबाजी की. जिसके बाद 1 ASP, 2 CSP, 5 टीआई समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को सख्त रखते हुए स्थिति नियंत्रण में रखी.
रायपुर पुलिस ने हाल ही में लंबे समय से फरार सूदखोर और हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उसका जुलूस निकालते हुए पुलिस उसे नंगे पांव और फटी बनियान में थाने लेकर आई थी. यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ. जिसके बाद करणी सेना ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और इसे अमानवीय बताया.
सोशल मीडिया लाइव में शेखावत ने कहा था कि पुलिस का व्यवहार गलत था और पुलिसवालों के घरों में घुसकर विरोध किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी थी कि क्षत्रिय समाज जल्द रायपुर कूच करेगा। साथ ही उन्होंने 7 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में ‘न्याय महापंचायत’ करने का भी ऐलान किया था. इसी बीच यह भी साफ किया गया कि हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर का करणी सेना से कोई औपचारिक संबंध नहीं है.
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