सदन में दुग्ध उत्पादन और गौवंश प्रबंधन पर गरमाई सियासत, नई शिक्षा नीति और अलसी बीज वितरण में गड़बड़ी का मुद्दा, स्वास्थ्य मंत्री पर झूठ बोलने का आरोप

Politics heated up in the House over milk production and cattle management, including the new education policy and irregularities in flax seed distribution. The Health Minister was accused of lying.

सदन में दुग्ध उत्पादन और गौवंश प्रबंधन पर गरमाई सियासत, नई शिक्षा नीति  और अलसी बीज वितरण में गड़बड़ी का मुद्दा, स्वास्थ्य मंत्री पर झूठ बोलने का आरोप

स्वास्थ्य मंत्री पर झूठ बोलने का आरोप, विधायक लता उसेंडी ने सदन में उठाई आवाज

रायपुर : श्याम बिहारी जायसवाल के खिलाफ लता उसेंडी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीखा हमला बोला है. विधानसभा के भरे सदन में वरिष्ठ विधायक लता उसेंडी ने स्वास्थ्य मंत्री को फटकार लगाते हुए आरोप लगाया कि पिछले सवा दो साल में हुए तकरीबन हर विधानसभा सत्र में मंत्री द्वारा अपने विभाग से संबंधित जानकारियां सदन को गलत दी गई हैं.
विधायक लता उसेंडी ने कहा कि वह लगातार यह मुद्दा उठाती रही हैं कि स्वास्थ्य विभाग की वास्तविक स्थिति सदन से छिपाई जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में पिछले दो साल के दौरान कई तरह के भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं. लेकिन उन्हें दबाने और पुराने मामलों को ढकने के लिए बड़े पैमाने पर वसूली भी की गई है.
सदन में उठे इस मुद्दे के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विपक्षी सदस्यों का कहना है कि अगर पिछले सवा दो साल में स्वास्थ्य विभाग में हुए सभी वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कार्रवाई भी संभव है.
विधायक लता उसेंडी ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का एक बड़ा कारण विभाग का गलत हाथों में होना है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब विभाग की जिम्मेदारी ईमानदारी से नहीं निभाई जाएगी तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधरना मुश्किल है.
विधानसभा में उठे इस मुद्दे के बाद प्रदेश की  राजनीति में स्वास्थ्य विभाग को लेकर बहस तेज हो गई है. अब यह देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्या स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की जांच कराई जाती है या नहीं.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB

भूपेश ने कहा- सरकार आपकी, काम आप नहीं कर पा रहे

विधानसभा बजट सत्र के प्रश्नकाल में गौवंश, कृत्रिम गर्भाधान, दुग्ध उत्पादन और मादा पशुओं की प्रजनन नीति जैसे अहम मुद्दों की गूंज रही है. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या, गर्भाधान नीति और टीकाकरण व्यवस्था पर सवाल उठाए.
चंद्राकर ने कहा, ‘दुग्ध उत्पादन में हम आत्मनिर्भर नहीं हैं. इस क्षेत्र में स्थिति बहुत दयनीय है. जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार आपकी है. काम आप नहीं कर पा रहे और आरोप हम पर लगा रहे हैं. इसी दौरान चिराग परियोजना और नए केंद्रों की स्थापना पर भी चर्चा हुई.
विपक्षी नेता चरणदास महंत ने गांवों की बछिया और कृत्रिम गर्भाधान के मुद्दे को सामने रखा, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना की राशि और कार्यप्रगति पर सवाल किए. कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने योजनाओं की स्थिति, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर जानकारी दी.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB

अलसी बीज वितरण में गड़बड़ी का मुद्दा विधानसभा में उठा, मंत्री ने जांच के दिए संकेत

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में रायगढ़ जिले में अलसी उत्पादन के लिए बीज वितरण और उसके रिजेक्ट होने का मामला गूंजा. कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा.
उमेश पटेल ने कहा कि मंत्री के जवाब के अनुसार रायगढ़ जिले में वितरित किए गए बीज में 158.49 हेक्टेयर क्षेत्र का उत्पादन रिजेक्ट कर दिया गया. जिससे करीब 85% किसानों का रकबा प्रभावित हुआ. उन्होंने पूछा कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में बीज क्यों रिजेक्ट किया गया.
इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए कहा कि अपेक्षित उत्पादन नहीं मिलने के कारण बीज रिजेक्ट करना पड़ा. उन्होंने कहा कि किसानों को बीज तो दिया गया. लेकिन उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिल पाया, जिसके कारण उत्पादन कम रहा.
इस पर उमेश पटेल ने सवाल उठाया कि यदि किसानों को प्रशिक्षण नहीं मिला तो इसके लिए कौन सा विभाग जिम्मेदार है. मंत्री नेताम ने स्वीकार किया कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि खरपतवार के कारण कई किसानों की फसल रिजेक्ट कर दी गई और पूछा कि बीज की ग्रेडिंग कब और किसके द्वारा की गई. इस पर मंत्री ने कहा कि वे इसकी जानकारी मंगवाकर सदन को बताएंगे.
उमेश पटेल ने यह भी सवाल उठाया कि अलसी के लिए उपयोग की जाने वाली विशेष छन्नी (सिव) उपलब्ध नहीं थी. इसके बावजूद करीब 186 क्विंटल फसल को रिजेक्ट कर दिया गया। इस पर मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी.
वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि अलसी के डंठल से उनके क्षेत्र में कपड़े भी बनाए जाते हैं और यह किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है. उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को भी अलसी से बने वस्त्र भेंट किए हैं. इसलिए किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए जाने चाहिए.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इस मामले में एमडी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जांच किस स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी. इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि पूरे मामले की जांच सक्षम अधिकारी से कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB

यूनिवर्सिटी, अफसरों की अनुपस्थिति और भ्रष्टाचार का मुद्दा, भूपेश बोले- सभी विभाग में अफसर शाही, विपक्ष का वॉकआउट

विधानसभा में मंत्री टंकराम वर्मा के विभागों से जुड़े बजट अनुदान पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला. राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की सदन में गैरमौजूदगी को लेकर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई और आखिरकार चर्चा का बहिष्कार कर दिया.
प्राइवेट विश्वविद्यालयों को लेकर सरकार पर सवाल
अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में तेजी से खुल रहे निजी विश्वविद्यालयों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राज्य में धड़ल्ले से निजी विश्वविद्यालय खोले गए हैं. लेकिन इनके निरीक्षण के लिए उच्च शिक्षा विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी तक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कई निजी कॉलेजों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं. फिर भी छात्रों से फीस ली जा रही है. चंद्राकर ने यह भी कहा कि प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालयों में कुलपति बाहर के राज्यों से नियुक्त किए गए हैं. उन्होंने सवाल किया कि क्या छत्तीसगढ़ में योग्य प्रतिभाओं की कमी है.
अफसरों की गैरहाजिरी पर विपक्ष का हंगामा
चर्चा के दौरान जब यह पता चला कि राजस्व सचिव समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी सदन में मौजूद नहीं हैं तो विपक्ष भड़क गया। विपक्षी विधायकों ने कहा कि चर्चा के दौरान अफसरों की मौजूदगी जरूरी है. मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि वह स्वयं सदन में मौजूद हैं और जवाब देने के लिए तैयार हैं. लेकिन विपक्ष ने अधिकारियों को बुलाने की मांग करते हुए चर्चा का बहिष्कार कर दिया. मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि सरकार के मंत्रियों को अधिकारी गंभीरता से नहीं लेते. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही खत्म हो चुकी है और अधिकारियों की सरकार के प्रति जिम्मेदारी भी कमजोर हो गई है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB

रायपुर में लगे हजारों पेड़ों की होगी कटाई! BJP विधायक ने सदन में उठाया मुद्दा, मंत्री ओपी चौधरी ने दिया पेड़ हटाने का आश्वासन

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शहर में लगे हजारों छातिम पेड़ों को हटाने का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया. भाजपा विधायक सुनील सोनी ने सदन में कहा कि इन पेड़ों से शहरवासियों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और कई लोग अस्थमा जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं.
सुनील सोनी ने यह भी कहा कि छातिम के पेड़ गर्भवती महिलाओं के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में भी इन पेड़ों को हटाया जा चुका है. इस पर विभागीय मंत्री ओपी चौधरी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही छातिम पेड़ों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी.
सदन में गायों में कृत्रिम गर्भाधान से जुड़ी चिराग योजना को लेकर भी सवाल उठे. कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि वर्ष 2022 में शुरू हुई इस योजना के तहत चार साल में आवंटित फंड का केवल 1 प्रतिशत ही ऋण के रूप में वितरित हो सका. उन्होंने कहा कि काम कम होने के कारण राशि वापस करनी पड़ी और 26 मार्च 2025 को विश्व बैंक को धन लौटाया गया. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में काम नहीं हुए. इसलिए पैसा वापस करना पड़ा और इसका आरोप पूर्व सरकार पर लगाया जा रहा है. विधानसभा में इन मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB

नई शिक्षा नीति पर गरमाया माहौल

ध्यानाकर्षण सूचना के दौरान नई शिक्षा नीति को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली. कांग्रेस विधायक राघवेन्द्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव पर कई सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि युक्तियुक्तकरण के कारण प्रदेश के कई स्कूल बंद हो गए हैं और आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षकों की भारी कमी है. जिससे नई शिक्षा नीति का सही तरीके से पालन नहीं हो पा रहा है.
विपक्ष ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है और सरकार इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही. वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन देश के औसत अनुपात से बेहतर तरीके से किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में लागू हुई इस नीति को पिछली कांग्रेस सरकार ने लागू नहीं किया था. लेकिन अब वर्तमान सरकार इसे लागू कर रही है और यह एक सतत प्रक्रिया है जो वर्ष 2030 तक जारी रहेगी. विधानसभा में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB

राजस्व मंत्री की चर्चा के दौरान सदन से गायब रहे विभागीय अधिकारी, विपक्ष का वॉकआउट

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के अनुदान मांगों की चर्चा में विभागीय अधिकारी सदन से गायब रहे. इसे लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई और चर्चा शुरू होने से पहले विभाग के बड़े अधिकारियों को सदन में बुलाने की मांग की. लेकिन सभापति धरम लाल कौशिक ने कार्यवाही जारी रखी. इससे नाराज होकर कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट करते हुए अनुदान मांग की चर्चा में भाग नहीं लिया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB