113 परिवारों को हटाने की तैयारी, अंकित गौरहा- विकास के नाम पर गरीबों को उजाड़ने की साजिश, बुलडोजर की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
Preparations underway to remove 113 families, Ankit Gaurha – A conspiracy to displace the poor in the name of development, questions being raised about the bulldozer action
बिलासपुर : लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के 51वें दिन इलाके का माहौल और ज्यादा गर्मा गया. कांग्रेस नेता व सामाजिक कार्यकर्ता अंकित गौरहा ने प्रशासन और सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विकास के नाम पर गरीबों को उजाड़ने की साजिश रची जा रही है. उनका कहना है कि लिंगियाडीह में जो हो रहा है. वह विकास नहीं बल्कि बुलडोज़र की राजनीति का खुला उदाहरण है.
पहले से बसे परिवार, अब बेदखली की तैयारी
अंकित गौरहा ने कहा कि जिन 113 परिवारों को हटाने की तैयारी की जा रही है. वे अपोलो अस्पताल बनने से पहले से यहां निवासरत हैं. आज सड़क चौड़ीकरण और कथित विकास के नाम पर उन्हीं गरीब परिवारों को बेघर करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या बदल गया कि जो विधायक कल तक अपोलो अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज की बातें करते थे. आज वही विधायक अपोलो के लिए गरीबों के विस्थापन पर चुप्पी साधे हुए हैं.
सहमति और पुनर्वास के बिना कार्रवाई पर सवाल
गौरहा ने कहा कि स्थानीय लोगों की सहमति के बिना किसी भी योजना को लागू करना न सिर्फ अन्यायपूर्ण है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ भी है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वार्डवासियों, बिना स्थानीय पार्षद और बिना किसी ठोस पुनर्वास योजना के नोटिस थमाना संविधान और लोकतंत्र दोनों का अपमान है. उन्होंने इसे कॉरपोरेट परस्ती और गरीब विरोधी सोच का जीता-जागता उदाहरण बताया.
यह सिर्फ लिंगियाडीह का मुद्दा नहीं
उन्होंने साफ किया कि यह संघर्ष सिर्फ लिंगियाडीह तक सीमित नहीं है. बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य से जुड़ा हुआ सवाल है. प्रशासन को चाहिए कि वह वार्डवासियों की बात गंभीरता से सुने और जल्द से जल्द व्यावहारिक समाधान निकाले. ताकि लोगों का भरोसा कायम रह सके.
महिलाओं से बदसलूकी का आरोप
वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने बताया कि पिछले 51 दिनों से आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है. इसके बावजूद अब तक प्रशासन की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि जब लिंगियाडीह की महिलाएं अपनी पीड़ा लेकर विधायक के पास पहुंचीं. तो उनके साथ बदसलूकी की गई. उन्होंने सवाल उठाया कि जो सत्ता महिलाओं के सम्मान की रक्षा नहीं कर सकती. वह गरीबों का भविष्य कैसे सुरक्षित करेगी.
संघर्ष जारी रखने का संकल्प
आंदोलन स्थल पर नारेबाजी के साथ सभा का आयोजन किया गया. जहां वक्ताओं ने एकजुट होकर आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया. इस मौके पर यशोदा पाटिल, डॉ. रघु सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी, युवा और महिलाएं मौजूद रहीं.
लिंगियाडीह में उठ रही यह आवाज अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि विकास के नाम पर हो रहे विस्थापन के खिलाफ एक बड़े सवाल के रुप में उभरती नजर आ रही है.
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