रक्षाबंधन से पहले रायपुर में छापेमारी, बड़े होटलों और दुकानों में सप्लाई हो रही फैक्ट्री से नकली पनीर समेत कच्चा माल बरामद

Raid in Raipur before Rakshabandhan, raw material including fake cheese recovered from factory supplying it to big hotels and shops

रक्षाबंधन से पहले रायपुर में छापेमारी, बड़े होटलों और दुकानों में सप्लाई हो रही फैक्ट्री से नकली पनीर समेत कच्चा माल बरामद

रायपुर : प्रदेश की राजधानी रायपुर में रक्षाबंधन से पहले खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग की छापेमारी की कार्यवाही में एक बार फिर नकली पनीर की फैक्ट्री पकड़ी गई है. शंकर नगर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापा मारकर नकली पनीर और मिल्क पाउडर जब्त किया है. गंदगी और बदबूदार माहौल में सस्ता वनस्पति तेल, मिल्क पाउडर और खतरनाक केमिकल मिलाकर नकली पनीर बनाया जा रहा था. इसकी सप्लाई शहर के कई होटलों, मिठाई दुकानों और डेयरियों में की जा रही थी.
मिली जानकारी के मुताबिक शंकर नगर में तेल, फैट के डल्ले और दूध पाउडर मिलाकर नकली बनाया जा रहा था. शहर के बीच शंकर नगर में रामानंद बाघ द्वारा संचालित एक फूड प्रोडक्शन यूनिट में छापा मारकर नकली पनीर बनाने का खुलासा हुआ है.
छापे के दौरान बड़ी तादाद में नकली पनीर, कच्चा माल, थर्माकोल डिब्बे और पैकिंग सामग्री जब्त की गई है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने फैक्ट्री से पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं. रिपोर्ट आने के बाद संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने संचालक से लाइसेंस व अन्य दस्तावेज भी मांगे हैं. जिसकी प्रारंभिक जांच में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं.
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब काम शहर के बीचों बीच नाले के ऊपर हो रहे थे. जहां साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं था. कारखाने में जो नजारा सामने आया, वह किसी भी उपभोक्ता को झकझोर कर रख देने वाला था. नकली पनीर को मछली रखने वाले पुराने थर्माकोल के डिब्बों में रखा जा रहा था. जिन्हें सेकेंड हैंड खरीदा गया था. ये डिब्बे बेहद ज्यादा गंदे थे और पूरी तरह खाद्य सुरक्षा मानकों के खिलाफ थे.
संचालक ने कहने को तो एनालाग का लाइसेंस लिया हुआ था. यह लाइसेंस उसे सीमित स्तर पर वैकल्पिक डेयरी उत्पाद बनाने की अनुमति देता है. लेकिन इसके आड़ में वह खुलेआम इस नकली माल को पनीर बताकर बाजार में बेच रहा था. माल को पॉलीथिन में पैक कर रायपुर की कई होटलों, ढाबों और ओडिशा तक भेजा जा रहा था. नकली पनीर बनाने के लिए सस्ता और बेहद खराब क्लाविटी का पाम आयल इस्तेमाल किया जा रहा था. मछली रखने वाले सेंकड हैंड खरीदे गए थर्माकोल के डिब्बों में पैक किया जा रहा था.
फैक्ट्री संचालक ने बताया कि एक किलो माल करीब 180 रुपए में तैयार हो जाता है. जिसे वह 240-250 रुपए किलो तक के भाव में बेचता है. मौके पर पहुंचे सहायक आयुक्त ने बताया कि नियामुसार तैयार माल पैक होना चाहिए. उसमें इस्तेमाल किए गए पदार्थो की मात्रा और पौष्टिकता की मात्रा, बनाने और एक्सपायरी की तारीख लिखी होनी चाहिए. जबकि यहां तो माल डल्ले बनाकर खुले झिल्ली में बेचा जा रहा है.
इस मामले ने एक बार फिर राजधानी में खाद्य सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. साथ ही यह भी संकेत दिया है कि नकली पनीर माफिया अब भी सक्रिय हैं और खुलेआम लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जनता से अपील- खुला पनीर न खरीदें. खाद्य विभाग ने आम लोगों से अपील किया कि खुला पनीर खरीदने से बचें और सिर्फ ब्रांडेड पनीर ही इस्तेमाल करें. नकली पनीर से पेट की गंभीर बीमारियां और फूड प्वाइजनिंग हो सकती है. अगर किसी दुकान पर पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध लगे. तो फौरन शिकायत करें.
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आज के दौर में जब खाने-पीने की हर चीज में मिलावट की खबरें सामने आ रही हैं. तब पनीर जैसी आम लेकिन जरुरी चीज भी इससे अछूती नहीं है. पनीर आमतौर पर हर घर में इस्तेमाल किया जाता है. अब शुद्ध मिलना मुश्किल होता जा रहा है. असली पनीर वह होता है जो शुद्ध गाय या भैंस के दूध से बिना किसी मिलावट के तैयार किया गया हो. इसमें किसी तरह का रसायन, कृत्रिम पदार्थ या हानिकारक तत्व नहीं होना चाहिए. असली पनीर न सिर्फ स्वाद में बेहतर होता है. बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है.
लेकिन बाजार में आजकल नकली पनीर की भरमार है. ये पनीर दिखने में भले असली जैसा लगे. लेकिन इसके अंदर मिलाए गए रसायन सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं.
असली पनीर के नाम पर बिक रहा है जहर
लोकल 18 से बातचीत में कायाकल्प हर्बल क्लिनिक के डॉ. राजकुमार ने बताया कि नकली पनीर में आमतौर पर डिटर्जेंट, यूरिया, सिंथेटिक दूध और स्टार्च जैसे हानिकारक तत्वों की मिलावट की जाती है.
कैसी पहचाने ?
मेडिकल स्टोर से आयोडीन सॉल्यूशन आसानी से मिल जाता है. सबसे पहले पनीर का एक छोटा टुकड़ा लें और उसे हल्का गर्म करें. फिर उस पर 2-3 बूंद आयोडीन सॉल्यूशन डालें. अगर पनीर का रंग सफेद से बदलकर नीला या बैंगनी हो जाए. तो समझ लीजिए उसमें स्टार्च मिलाया गया है. इसका मतलब यह है कि वह पनीर असली नहीं है और उसमें मिलावट की गई है. स्टार्च मिलाकर पनीर को ज्यादा गाढ़ा, सफेद और आकर्षक बनाया जाता है. ताकि वह ग्राहकों को पसंद आए. लेकिन यह दिखावे के लिए होता है और सेहत को गंभीर रुप से नुकसान पहुंचा सकता है. खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह पनीर और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है.
शक होने पर करवा सकते हैं लैब टेस्ट
अगर आयोडीन जांच के बाद भी पनीर की शुद्धता को लेकर शक बना रहे. तो आप अपने राज्य के खाद्य एवं औषधि विभाग की प्रयोगशाला में उसका टेस्ट करवा सकते हैं. इन लैब्स में अत्याधुनिक मशीनों और जांच विधियों के ज़रिए पनीर की गुणवत्ता की गहराई से जांच की जाती है.ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
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पनीर को मसल कर देखें. अगर पनीर टूटकर बिखरने लगे तो समझ लें कि पनीर नकली है. क्योंकि इसमें मौजूद स्कीम्ड मिल्क पाउडर ज्यादा दबाव सहन नहीं कर सकता है. असली पनीर सॉफ्ट होता है. लेकिन अगर पनीर टाइट है तो यह मिलावटी पनीर है। टाइट पनीर खाते समय रबड़ की तरह खिंच सकता है. पनीर को पानी में उबाल लें, जब पनीर ठंडा हो जाए तो इसमें अरहर दाल या सोयाबीन का पाउडर डाल दें. अगर पनीर काला पड़ जाए तो पनीर नकली है.
नकली पनीर से ये है नुकसान-
किडनी को नुकसान पहुंच सकता है.
नकली पनीर में मौजूद केमिकल से पेट दर्द की समस्या हो सकती है.
नकली पनीर खाने के चलते उल्टी की समस्या हो सकती है.
नकली पनीर खा रहे हैं तो इससे एलर्जी भी हो सकती है.
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