जहरीली गैस से स्कूली बच्चों की बिगड़ी तबीयत, सीमेंट प्लांट के आसपास इलाका सील, विधायक संदीप साहू ने अस्पताल में जाकर जाना हाल

School children's health deteriorated due to poisonous gas, area around cement plant sealed, MLA Sandeep Sahu went to the hospital to know their condition

जहरीली गैस से स्कूली बच्चों की बिगड़ी तबीयत, सीमेंट प्लांट के आसपास इलाका सील, विधायक संदीप साहू ने अस्पताल में जाकर जाना हाल

बलौदाबाजार : सीमेंट प्लांट के FR एरिया को कलेक्टर के निर्देश के बाद सील कर दिया गया है. यहां पर जहरीली गैस के रिसाव की वजह से 30 छात्राएं बीमार हुई हैं. सभी छात्राओं का अस्पताल में इलाज जारी है.
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम खपराडीह स्कूल में बच्चों की अचानक तबीयत खराब हो गई थी. एक-एक कर बच्चों को उल्टी होने लगी और कुछ छात्र बेहोश हो गए. स्कूल प्रशासन ने तत्काल विद्यार्थियों के पालकों को खबर दी और बच्चों को जिला अस्पताल और भाटापारा अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उनका इलाज जारी है. बच्चों ने तबीयत बिगड़ने का कारण सीमेंट संयंत्र से निकलने वाली बदबूदार गैस को बताया है.
कलेक्टर दीपक सोनी ने चिकित्सा अधिकारी को उचित ईलाज करने के निर्देश दिया. उन्होंने जांच के निर्देश दिया. फिलहाल सीमेंट प्लांट के FR एरिया को सील करने के निर्देश जारी किया गया.
इस घटना के बाद कसडोल क्षेत्र के विधायक संदीप साहू ने जिला अस्पताल पहुंचकर प्रभावित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने घटना को बहुत चिंताजनक बताया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
विधायक संदीप साहू ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्थित दो बड़े सीमेंट संयंत्रों की वजह से यह परेशानी पैदा हो रही है. संयंत्रों से निकलने वाले जहरीले धुएं और रासायनिक प्रदूषकों की वजह से स्थानीय बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है.
साहू ने कहा, “श्री सीमेंट और अन्य संयंत्रों से फैल रहे प्रदूषण ने बच्चों के जीवन को खतरे में डाल दिया है. यह सिर्फ एक दिन की घटना नहीं है. बल्कि लंबे समय से जारी समस्या है. जिला प्रशासन को इस मामले में फौरन कार्रवाई करनी चाहिए और संयंत्र प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराना चाहिए.”
गांव के लोगों ने बताया कि सीमेंट संयंत्रों से निकलने वाले प्रदूषण की वजह से वे लगातार परेशान हैं. एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा कि “हमें दिन-रात प्रदूषित हवा में सांस लेना पड़ता है. बच्चों की तबीयत खराब होना कोई नई बात नहीं है. प्रशासन को फौरन इन संयंत्रों पर कार्रवाई करनी चाहिए.”
इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर, रोहित साहू, रुपेश ठाकुर, तोशन वर्मा, विक्रम गिरी, और मनोज प्रजापति भी मौजूद रहे. सभी ने प्रभावित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि सीमेंट संयंत्रों से निकलने वाले धूलकण, सल्फर डाइऑक्साइड, और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसें स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह होती हैं. बच्चों पर इनका ज्यादा असर पड़ता है. क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है.
घटना के बाद बच्चों के परिजन बेहद चिंतित हैं. एक छात्रा की माँ ने कहा, “हमारे बच्चों को स्कूल भेजना अब सुरक्षित नहीं लगता। यदि प्रशासन ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए. तो हम अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद होते देखेंगे.”
विधायक संदीप साहू ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे और पीड़ित बच्चों को इंसाफ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. साथ ही उन्होंने बच्चों की देखभाल और उनके भविष्य के लिए विशेष स्वास्थ्य और शिक्षा योजनाओं की मांग की.
यह घटना सिर्फ खपराडीह गाँव तक सीमित नहीं है. बल्कि यह पूरे राज्य और देश के लिए एक चेतावनी है. प्रदूषण और औद्योगिकीकरण के बढ़ते प्रभावों को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है. प्रशासन, उद्योग प्रबंधन और समाज को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना होगा. ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.
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