शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश में काम का विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, बोले- अन्य कर्मचारियों जैसी छुट्टी दी जाए

Teachers protest against working during summer vacation, submit memorandum to collector, say they should be given leave like other employees

शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश में काम का विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, बोले- अन्य कर्मचारियों जैसी छुट्टी दी जाए

रायपुर : छत्‍तीसगढ़ में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया है. ऐसे में शिक्षा विभाग की तरफ से स्‍कूलों में आयोजित समर कैंप को स्‍थगित कर दिया गया है. जबकि टीचर्स के अवकाश पहले से ही कैंसिल हैं. ग्रीष्‍मकालीन अवकाश के समय में दूसरे अतिरिक्‍त कार्य कराने के विरोध में टीचर्स एसोसिएशन ने नाराजगी जाहिर की है. साथ ही सरकार से दूसरे कार्यों से मुक्‍त रखने की मांग भी कर डाली है.
बता दें कि प्रदेश के शिक्षकों को समर वेकेशन के अवकाशनहीं मिलेंगे. प्रदेश में चल रहे सुशासन तिहार अभियान में सरकार की तरफ से शिक्षकों की मदद ली जा रही है. ऐसे में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश में अतिरिक्त कार्यों में लगाए जाने पर नाराजगी जताई है. बता दें कि 5 अप्रैल से 15 जून तक सभी शासकीय/निजी स्कूल बंद रहेंगे।यह आदेश राज्य के सभी प्राइवेट व सरकारी स्कूलों में एक साथ लागू होगा. लेकिन यह आदेश शिक्षकों पर लागू नहीं होगा.
इन अतिरिक्‍त कार्यों में लगाई जाती है ड्यूटी
प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि सरकार ने भीषण गर्मी  को देखते हुए स्कूलों में समर वेकेशन अवकाश घोषित कर दिया है. इधर शिक्षकों को शिक्षा विभाग के अलावा दूसरे विभाग के काम समर वेकेशन के दौरान मिलने वाले ग्रीष्‍मकालीन अवकाश में कराए जाते हैं. इनमें प्रमुख जो कार्य है उनमें- तेंदूपत्ता संग्रहण और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है. जो न सिर्फ अनुचित है बल्कि अवकाश की भावना के भी खिलाफ है.
टीचर्स एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारी संजय शर्मा, सुधीर प्रधान, वाजिद खान, हरेन्द्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेंद्र यदु, डॉ. कमल वैष्णव, मनोज सनाढ्य और शैलेंद्र पारीक  ने संयुक्त रूप से मांग की है कि शिक्षकों को घोषित 45 दिनों का ग्रीष्मावकाश पूर्णत: अवकाश के रुप में ही दिया जाए और इस अवधि में किसी भी तरह की अतिरिक्त ड्यूटी से मुक्त रखा जाए.
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शिक्षकों के लिए हफ्ते में 6 कार्यदिवस होते हैं. जबकि अन्य कर्मचारियों को 5 कार्यदिवस की सुविधा है. इसके बावजूद शिक्षकों को कम अर्जित अवकाश की पात्रता दी जाती है. टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है. ताकि इस दौरान शिक्षकों को अन्य विभागीय कार्यों में न लगाया जाए.
छत्तीसगढ़ में 31 मई तक शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की छुट्टी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. पहले जिलों द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के चलते भ्रम की स्थिति थी. लेकिन अब शिक्षा विभाग ने इस पर स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है.
शुरुआत में अवकाश प्रतिबंध का आदेश जब अन्य विभागों के लिए जारी हुआ था. तो कई शिक्षकों ने इसे अपने ऊपर लागू नहीं माना। शिक्षक मान रहे थे कि यह आदेश सिर्फ अन्य विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए है. लेकिन अब सूरजपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा साफ कर दिया गया है कि शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भी इस आदेश के दायरे में आएंगे.
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