निमंत्रण पत्र से विधायक और केंद्रीय मंत्री का नाम गायब, मचा बवाल, सीएम तक पहुंची बात, रद्द कर दिया गया कार्यक्रम, बना चर्चा का विषय

The names of the MLA and Union Minister were missing from the invitation cards, causing uproar, reaching the Chief Minister, and the event was cancelled, becoming a topic of discussion.

निमंत्रण पत्र से विधायक और केंद्रीय मंत्री का नाम गायब, मचा बवाल, सीएम तक पहुंची बात, रद्द कर दिया गया कार्यक्रम, बना चर्चा का विषय

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम ने सोमवार को आयोजित भूमि पूजन के कार्यक्रम को चौंकाने वाले ढंग से अचानक रद्द कर दिया है. यह कार्यक्रम तब रद्द किया गया है. जब इसकी पूरी तैयारी कर ली गई थी और टेंट हाउस से लेकर भोजन तक का बयाना दे दिया गया था. इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम अरुण साव को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था. लेकिन भाजपा (BJP) के भीतर इस कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र को लेकर बवाल मच गया. क्योंकि उसमें कई वरिष्ठ नेताओं का नाम नदारद था. अंदरखाने जानकारी मिली है कि पार्टी में शीर्ष स्तर पर यह पता लगाया जा रहा है कि किसके कहने पर वरिष्ठ नेताओं के नाम हटाए गए.
द लेंस को जानकारी मिली कि आयोजन को रद्द करने का फैसला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पार्टी के बड़े नेताओं की नाराजगी की वजह से लिया गया है. चूंकि पार्टी इस कार्यक्रम से खड़े हुए विवाद को शांत कराना चाहती थी. इसलिए यह फैसला लिया गया.
गौरतलब है कि उक्त कार्यक्रम में पूर्व मंत्री और वर्तमान में बिलासपुर विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता अमर अग्रवाल और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू को आमंत्रित नहीं किया गया था. न ही कार्ड पर उनका नाम लिखा था. सिर्फ इतना ही नहीं वरिष्ठ नेताओं को फोन करने की भी जहमत नहीं उठाई गई.
बिलासपुर नगर निगम के कमिश्नर प्रकाश सुरेश्वर ने कहा कि कार्यक्रम इसलिए रद्द किया गया क्योंकि उसमें अन्य नए प्रोजेक्ट को जोड़ा जाना था. हालांकि उन्होंने द लेंस के साथ बातचीत में माना कि अमर अग्रवाल और तोखन साहू का नाम कार्ड पर न होने की बात सही है.
कमिश्नर ने कहा कि इस कार्यक्रम को रद्द किए जाने का फैसला नगर निगम ने किया है. कमिश्नर से जब पूछा गया कि निमंत्रण पत्र पर वरिष्ठ नेताओं का नाम क्यों नहीं था तो वह इसका कोई जवाब न दे सके.
पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने इस मुद्दे पर द लेंस से कहा कि मुझे बुलाया जाता तो भी मैं नहीं जाता. उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कार्यक्रम होता तो जरुर जाता. मुख्यमंत्री जी ने कुछ सोच समझकर ही इस कार्यक्रम को रद्द करने के आदेश दिए होंगे. अमर अग्रवाल ने कहा कि मैं कभी भी किसी विवाद में नहीं पड़ता.
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा कि मुझे इस कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं थी. उस वक्त में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ ही था जब मुझे कार्यक्रम की जानकारी नहीं मिली. तोखन साहू ने कहा कि मेरा नाम नगर निगम के निमंत्रण पत्र में क्यों नहीं था. इस बारे में मैं कुछ नहीं जानता.
गौरतलब है कि इसके पहले एक कार्यक्रम में अमर अग्रवाल की कुर्सी को पीछे लगाने को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था.
अमर अग्रवाल ने कहा कि आयोजकों ने बस एक गलती करी कि अगर मंत्री नहीं आए थे तो उनकी कुर्सियों पर विधायकों का नाम लिख देना था. मेरी आदत है मैं कभी किसी की कुर्सी पर नहीं बैठता. उस रोज भी यही हुआ था.
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