छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पर लगा ‘मंगलसूत्र में मिलावट’ का तड़का!, सरकारी फाइलों में चांदी-जमीन पर गिलट, दुल्हनों ने खोल दी पोल
'Adulteration in Mangalsutra' twist hits Chhattisgarh's Chief Minister Kanya Vivah Yojana! Silver on paper but imitation metal on the ground—brides expose the truth.
मनेंद्रगढ़ : छत्तीसगढ़ में इन दिनों एक नया ‘सस्पेंस थ्रिलर’ चल रहा है. जिसका नाम है “खोजो, असली चांदी कहां है?” दावे तो ऐसे किए जाते हैं कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बेटियों को शाही अंदाज में विदा किया जा रहा है. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इस चमचमाती योजना की पॉलिश ही उतार दी है. जिला मुख्यालयों से आ रही खबरों के मुताबिक विदाई में मिली पायलों को देखकर दुल्हनें और उनकी माताएं अब ‘सुनार’ बनने पर मजबूर हो गई हैं.
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत रतनपुर में 10 फरवरी को 189 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया था. विवाह समारोह के दौरान नवविवाहित जोड़ों को शासन की ओर से कई उपहार सामग्री प्रदान की गई थी. जिसमें मंगलसूत्र भी शामिल था. योजना से लाभान्वित महिलाओं का कहना है कि विवाह के समय दिए गए मंगलसूत्र को चांदी का बताया गया था. लेकिन कुछ समय बाद उसका रंग बदलने लगा और वह काला पड़ गया,
कुछ लाभार्थियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर उन्हें सामग्री के बजाय निर्धारित राशि उपलब्ध करा दी जाती, तो वे अपनी पसंद और गुणवत्ता के अनुसार बेहतर मंगलसूत्र खरीद सकती थीं.
“ये चांदी है या कोई धोखा?”
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिलाएं किसी मंझे हुए जासूस की तरह पायल को परख रही हैं. उनका साफ कहना है ‘हमको लगा सरकार ने चांदी का आशीर्वाद दिया है, लेकिन ये तो ‘गिलट’ (सस्ती नकली धातु) निकल गया! चमक तो ऐसी थी कि आंखें चौंधिया जाएं, लेकिन हकीकत सामने आई तो पैरों तले जमीन खिसक गई.’
अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी बाबुओं को चांदी और गिलट का फर्क नहीं मालूम था. या फिर योजना के बजट में किसी ने ‘चमकदार’ हाथ साफ कर दिया?
फाइलों में ‘गोल्ड मेडल’, हकीकत में ‘सिल्वर स्क्रीन’ का ड्रामा
सरकारी दफ्तरों की फाइलों को अगर आप खोलकर देखें. तो लगेगा कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को महाराजाओं के जमाने का ठाठ-बाट दिया जा रहा है. फाइलों में लिखा होगा शुद्ध चांदी, पक्का बिल और ढेरों दुआएं लेकिन जमीन पर हकीकत यह है कि दुआओं के साथ जो सामान मिला. उसकी चमक पानी पड़ते ही फीकी होने लगी है. इसे कहते हैं “दिखावे की चमक, हकीकत में धमक!
बड़ा सवाल: आशीर्वाद मिला या सिर्फ ‘इवेंट मैनेजमेंट’?
गरीब बेटियों की शादी सम्मान से हो. इसलिए इस योजना की शुरुआत की गई थी. लेकिन इस ‘गिलट कांड’ के बाद जनता पूछ रही है क्या यह योजना सिर्फ बड़े-बड़े होर्डिंग्स और फोटो खिंचवाने तक सीमित है? क्या बेटियों को सच में आशीर्वाद मिला या सिर्फ चुनाव से पहले ‘चमक’ दिखाने का खेल हुआ?
क्लाइमेक्स: जांच असली होगी या वो भी ‘गिलट’ निकलेगी?
मामला गरमाने के बाद अब शासन-प्रशासन में खलबली है. बड़े अधिकारी कह रहे हैं कि “जांच की जाएगी, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा!” अब देखना यह है कि यह जांच सचमुच ’24 कैरेट’ शुद्ध होगी या फिर कुछ दिनों बाद इस जांच रिपोर्ट पर भी गिलट की परत चढ़ाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा. तब तक के लिए, जनता इस वीडियो को शेयर कर रही है और गुनगुना रही है—”चांदी जैसा रंग है तेरा, गिलट जैसी पायल…”
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