रास्ते के लिए मोबाइल मैप देखते हुए हुआ हादसा, ट्रेलर ने बाइक सवार छात्र को मारी टक्कर, गुस्साए लोगों ने किया चक्काजाम, ग्रामीणों में शोक के साथ आक्रोश
The accident occurred while looking at a mobile map for directions; a trailer hit a student riding a bike; angry people blocked the road, and villagers were mourning and angry.
बिलासपुर : बिलासपुर में एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार छात्र को टक्कर मार दी. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. बाइक सवार की घटनास्थल पर ही जान चली गई. हादसे की सूचना मिलते ही सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश जारी है. परिजनों में अपने पहुंचने के पहले शव को सड़क से
उठाने को लेकर नवाडीह चौक में जमकर हंगामा मचायायह मामला सीपत थाना क्षेत्र के नवाडीह चौक का है.
मिली जानकारी के मुताबिक खिलेश चंद्राकर उम्र 19 साल सोमवार 6 अक्टूबर को अपने रिश्तेदार के यहां दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने अकलतरा गया था.
कार्यक्रम के बाद रात करीब 9 बजे वो अपनी बाइक से वापस गांव लौट रहा था. इस दौरान बाइक चलाते समय खिलेश अपने मोबाइल पर मैप भी देख रहा था. सीपत से पहले रास्ता भटककर वह एनटीपीसी रोड के बजाय सीपत के नवाडीह चौक तक पहुंच गया.
इसी दौरान बलौदा तरफ से आ रहे कोयला लोड ट्रेलर नम्बर CG 10 BH 3957 ने नवाडीह चौक के पास खिलेश की पल्सर बाइक नम्बर CG 10 BV 5778 को टक्कर मार दी. इस हादसे में युवक ट्रेलर के पहिए के नीचे आ गया. जिससे उसकी लाश क्षत-विक्षत हो गई. खिलेश अपने घर का इकलौता बेटा था. वह अभी 12वीं की पढ़ाई कर रहा था. मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम गतौरा में रहता था.
आसपास के लोगों ने हादसे की जानकारी सीपत पुलिस को दी। खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को सड़क से उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मर्चुरी में रखवा दिया.
इधर, हादसे की जानकारी मिलते ही खिलेश के परिजन और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई. गुस्साए लोगों ने मृतक के परिवार वालों को मुआवजा राशि देने की मांग करते हुए चक्काजाम कर दिया. इसके चलते देखते ही देखते नवाडीह चौक पर बड़ी तादाद में मोटरसाइकिल खड़ी कर भारी वाहनों को रोक दिया गया.
इसके चलते बलौदा से बिलासपुर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. देर रात तक बिलासपुर-सीपत रोड में वाहनों की आवाजाही बंद रही. हालात को देखते हुए सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी के साथ ही सरकंडा थाना प्रभारी नीलेश पांडेय और मस्तूरी थाना प्रभारी हरीश टांडेकर भी मौके पर पहुंच गए.
उन्होंने मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों को समझाइश देने का प्रयास किया. लेकिन गुस्साई भीड़ मुआवजे की मांग पर अड़ी रही. पुलिस की समझाइश के बाद चक्काजाम खत्म कराया.
चक्काजाम की जानकारी मिलते ही मस्तूरी विधायक के बेटे अरविंद लहरिया भी मौके पर पहुंच गए. उन्होंने युवक के परिवार वालों को उचित मुआवजा देने की मांग की. मुआवजे को लेकर देर रात तक हंगामा चलता रहा. पुलिस की तरफ से कहा गया कि मुआवजा देने का काम राजस्व विभाग करता है. ऐसे में पुलिस कुछ नहीं कर सकती.
मंगलवार (7 अक्टूबर) को उन्होंने राजस्व अफसरों से बात करने का भरोसा दिलाया. साथ ही आरोपी ट्रेलर ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज करने की बात कही. आखिरकार रात करीब एक बजे लोगों को समझाइश देकर शांत कराया गया. तब जाकर चक्काजाम खत्म हुआ.
मृतक खिलेश चंद्राकर के पिता संतराम चंद्राकर की मौत साल 2020 में कोविड संक्रमण के दौरान हो गई थी. इसके बाद से खिलेश का पालन-पोषण गतौरा निवासी उसके मामा नीरज चंद्राकर ने किया.
खिलेश चन्द्राकर ग्राम भनेश्वर के मिशन स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था। वह परिवार का इकलौता बेटा था. उसकी मौत की खबर से घर में मातम का माहौल है. उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है.
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