पार्षद के वाहन की टक्कर से मासूम की दर्दनाक मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, परिजनों समेत स्थानीय जनता आक्रोशित

An innocent child died tragically after being hit by a councillor's vehicle, family members made serious allegations, local people including family members were angry

पार्षद के वाहन की टक्कर से मासूम की दर्दनाक मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, परिजनों समेत स्थानीय जनता आक्रोशित

सारंगढ़-बिलाईगढ़ : बिलाईगढ़ नगर पंचायत के पार्षद धनीराम देवांगन एक गंभीर सड़क हादसे के बाद विवादों में घिर गए हैं. आरोप है कि उनके वाहन की टक्कर से एक नाबालिग बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई. इसदिल दहला देने वाले हादसे के बाद न सिर्फ पीड़ित परिवार, बल्कि स्थानीय जनता भी आक्रोशित है.
मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार देर शाम वार्ड नम्बर 13 पार्षद धनीराम देवांगन एक कार्यक्रम से लौट रहे थे. उसी दौरान तेज रफ्तार वेन नम्बर CG22 X 8084 ने सड़क किनारे खड़ी स्कुल जा रही 10 साल की मासूम बच्ची को टक्कर मार दी. इस हादसे के बाद बच्ची को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
इस हादसे के बाद पीड़ित परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के बाद भी पार्षद ने किसी तरह की मानवीय संवेदना नहीं दिखाई. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाने के बजाय खुद को बचाने की कोशिश शुरु कर दी. उनके सहयोगी इलाज के नाम पर बहाने बनाते रहे और समय पर उचित चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई. जिससे बच्ची की जान चली गई.
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जब बच्ची की मौत की पुष्टि हो गई. तब पार्षद पक्ष द्वारा परिजनों को चुप कराने की कोशिश भी की गई. परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे का लालच दिया गया. परिवार ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर बच्ची की मौत को राजनीतिक प्रभाव या पैसों के बल पर दबने नहीं देंगे. पीड़िता के पिता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमारी बच्ची की जान चली गई और ये लोग मुआवज़े की बात कर रहे हैं. क्या एक मासूम की जान की कीमत पैसों से तय होगी? हम इंसाफ चाहते हैं, न कि समझौता."
हादसे में शामिल वाहन को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उसे थाने में रखा गया है. लेकिन अब तक आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी नहीं हुई. जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. कई लोगों का मानना है कि पार्षद का राजनीतिक रसूख उसकी गिरफ्तारी में बाधा बन रहा है. स्थानीय लोगों ने पुलिस पर भी सवाल खड़े किए हैं. लोगों का कहना है कि अगर कोई आम व्यक्ति इस तरह की घटना करता तो पुलिस फौरन गिरफ्तार कर लेती. लेकिन यहां राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई नहीं हो रही है.
इस पूरे मामले पर बिलाईगढ़ थाना प्रभारी का कहना है कि घटना की जांच जारी है. और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
थाना प्रभारी ने कहा, "हम किसी के दबाव में नहीं हैं. पीड़ित पक्ष की शिकायत दर्ज की जा चुकी है और वाहन जब्त कर लिया गया है. जल्द ही आरोपी से पूछताछ की जाएगी और जरुरी सबूत इकठ्ठा करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी."
यह मामला अब सिर्फ एक हादसा नहीं रहा. बल्कि इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप भी जुड़ गए हैं. हादसे की जानकारी फैलते ही स्थानीय सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कई संगठनों ने पार्षद की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे.
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