राजिम कुंभ कल्प के 13वें दिन महानदी की महाआरती में शामिल हुईं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, आज महाशिवरात्रि पर CM करेंगे मेले का समापन

Chief Minister's wife Kaushalya Sai participated in the Mahanadi Aarti on the 13th day of Rajim Kumbh Kalpa. The CM will conclude the fair today on Mahashivratri.

राजिम कुंभ कल्प के 13वें दिन महानदी की महाआरती में शामिल हुईं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, आज महाशिवरात्रि पर CM करेंगे मेले का समापन

राजिम कुंभ कल्प में खगोलीय दर्शन:  अत्याधुनिक टेलीस्कोप से अंतरिक्ष की बारीकियों से हुए अवगत
राजिम कुंभ कल्प मेला में स्कूल शिक्षा विभाग (समग्र शिक्षा) एवं अटल टिंकरिंग लैब कौंदकेरा जिला गरियाबंद की अभिनव पहल पर 13 एवं 14 फरवरी को शाम 6.30 बजे से रात 9 बजे तक नवीन मेला परिसर स्थित विभागीय प्रदर्शनी स्टॉल के पास “कॉस्मिक दर्शन” (आकाशीय दर्शन) कार्यक्रम किया जा रहा है. 13 फरवरी को आकाश दर्शन कार्यक्रम में गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, राजिम एसडीएम विशाल महाराणा, जिला जनसंपर्क अधिकारी हेमनाथ सिदार, राजिम तहसीलदार मयंक अग्रवाल, गरियाबंद तहसीलदार अवंतिका गुप्ता, छुरा तहसीलदार डोनेश साहू, जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर, जिला मिशन समन्वयक शिवेश शुक्ला, जिला परियोजना अधिकारी बुद्धविलास सिंह, सांख्यिकी अधिकारी श्याम चंद्राकर, एपीसी समग्र शिक्षा मनोज केला, विकासखंड स्रोत समन्वयक छन्नू सिन्हा, सुभाष शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहायक जिला नोडल ज्ञानेंद्र शर्मा, व्याख्याता सतीश मालवीय, सहायक शिक्षक रितेश पटेल आदि विशेष रूप से मौजूद थे.
पहले दिन हजारों मेलार्थी और स्कूली छात्र-छात्राओं ने अत्याधुनिक टेलीस्कोप के माध्यम से बृहस्पति ग्रह एवं उसके चंद्रमाओं सहित आकाशगंगा के मनोहारी दृश्यों को देखा और अंतरिक्ष की बारीकियों से अवगत हुए. कार्यक्रम की संयोजिका एवं जिला नोडल अटल टिंकरिंग लैब गरियाबंद मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि आयोजन की एक अनूठी विशेषता “नक्षत्र कथा” रही, जिसमें वैज्ञानिक तथ्यों के साथ भारतीय संस्कृति एवं नक्षत्रों से जुड़ी रोचक कथाओं और प्रश्नोत्तरी को शामिल किया गया. इससे मौजूद जनमानस को यह समझने का मौका मिला कि हमारे पूर्वजों ने प्राचीन काल से ही खगोलीय पिंडों का सूक्ष्म अध्ययन किया था.
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राजिम कुंभ कल्प के 13वें दिन मुख्य मंच पर बिखरी लोक संस्कृति की छटा

चोला माटी के हे राम सुनकर दर्शक हुए भावुकमुख्य मंच पर लोककला, पंडवानी और छत्तीसगढ़ी गीतों की ऐसी अविरल धारा बही कि दर्शक देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे. कार्यक्रम की शुरुआत पंडवानी गायिका प्रभा यादव की वेदमती शैली की प्रस्तुति से हुई. उन्होंने द्रौपदी विवाह प्रसंग को “वृंदावन बिहारी लाल की जय” के उद्घोष और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की संगत के साथ किया. इसके बाद नवोदय विद्यालय पांडुका के छात्र-छात्राओं ने बारामासी गीत प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की झलक दिखाई. “खन-खन बैला के घुंघरू बाजे रे” गीत पर आधारित नृत्य ने पशु-प्रेम और ग्रामीण संस्कृति को मंच पर साकार कर दिया. छत्तीसगढ़ की पूनम विराट तिवारी और उनकी पुत्री दिव्या तिवारी ने “अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार” प्रस्तुत कर प्रदेश की गौरव गाथा सुनाई. “जय बोलो नारायण”, “गणपति के चरण मनाबो” और लोकप्रिय गीत “महुआ झरे रे” पर दर्शक झूम उठे। “मटके रे मोर आंखी” और “चंदा-चंदा पूनम के चंदा” ने तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी.
पूनम विराट और दिव्या तिवारी ने अंतिम प्रस्तुति “चोला माटी के हे राम, एकर का भरोसा” की दी. इस गीत के माध्यम से यह समझा गया कि जब शरीर नश्वर है, तब हमें सांसारिक मोह-माया में उलझने के बजाय सत्कर्म, भक्ति, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए. मुख्यमंच पर कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति छॉलीवुड अभिनेत्री उपासना वैष्णव और हास्य कलाकार पप्पू चंद्राकर ने दी. उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोट-पोट कर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि ने आंनद लिया और कलाकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन पतंजल मिश्रा, निरंजन साहू, दुर्गेश तिवारी और मनोज सेन ने किया.

राजिम कुंभ कल्प के 13वें दिन महानदी की महाआरती में शामिल हुईं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय कुंभ मेले में पहुंचीं और महानदी महाआरती में सहभागी बनीं. त्रिवेणी संगम तट पर आयोजित इस भव्य आयोजन में श्रीमती साय ने साधु-संतों के साथ पूरे विधि-विधान से महानदी की आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. श्रीमती कौशल्या देवी साय ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों की उन्नति एवं कल्याण की प्रार्थना की. जबलपुर से पधारी साध्वी प्रज्ञा भारती के सानिध्य में ग्यारह पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाआरती संपन्न कराई. आरती घाट पर ज्यों ही आरती प्रारंभ हुई, शंखनाद, कपूर की सुगंध, दीपों की लौ से पूरा परिसर भक्ति रस में डूब गया. एक साथ प्रज्वलित आरती दीप और वैदिक मंत्रों की गूंज ने त्रिवेणी संगम को अलौकिक बना दिया. मौजूद श्रद्धालु इस दिव्य दृश्य के साक्षी बने.
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आज महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे 15 दिवसीय मेले का समापन

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 दिनों से चल रहे राजिम कुंभ कल्प मेले का भव्य समापन समारोह 15 फरवरी रविवार को होगा। समापन कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रुप में शामिल होकर मेले का औपचारिक समापन करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्रीगण रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब तथा राजेश अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी.
विशेष अतिथियों में रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूप कुमारी चौधरी, कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक राम ध्रुव, सिहावा विधायक अंबिका मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, जिला पंचायत गरियाबंद अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप, नगर पंचायत राजिम अध्यक्ष महेश यादव, नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा की अध्यक्षा श्रीमती ओमकुमारी साहू, जनपद पंचायत फिंगेश्वर अध्यक्ष श्रीमती इन्द्राणी साहू, नगर पालिका परिषद गरियाबंद अध्यक्ष रिखीराम यादव, नगर पंचायत फिंगेश्वर अध्यक्ष राजेन्द्र (धनराज) सूर्यवंशी, नगर पंचायत मगरलोड अध्यक्ष श्रीमती लिलेश सुरेश साहू, नगर पंचायत कोपरा अध्यक्ष रूप नारायण साहू, नगर पंचायत देवभोग अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी, नगर पंचायत छुरा अध्यक्ष श्रीमती लुकेश्वरी निषाद, भारतीय जनता पार्टी गरियाबंद के जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थित रहेगी. साथ ही समापन अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संतों का सानिध्य प्राप्त होगा.

आज के कार्यक्रम
कुंभ कल्प मेला 2026 के आखरे दिन महाशिवरात्रि के पावन मौके पर मुख्य मंच पर रामायण के राम अरुण गोविल की प्रस्तुति होगी. मुख्य मंच पर ही महेश वर्मा  के लोक माया की प्रस्तुति होगी. इसके साथ ही बांसुरी वादन एवं गायन के रूप में गितिका बिलासपुर की प्रस्तुति होगी. स्थानीय नदी मंच में कोकड़ी भारती साहू मानस गायन, भसेरा घनश्याम साहू रामायण, चंपारण शिवनंदन चक्रधारी शिव भजन, चरोदा दुर्ग डॉक्टर संजय देवांगन कबीर भजन, राजिम सेजल शिंदे, शौर्य पटेल लोकगीत, रायपुर प्रशांत नीरज ठाकुर शिव सत्संग सेवा मंडली। इसी तरह से स्थानीय मंच में साल्हेभाटा मंजू रामटेके पंडवानी, रायपुर प्रकाश धीवर जगराता, बलोदाबाजार भाटापारा नीलकंठ साहू खंजरी वादन, चारामा चंद्रशेखर सिहसार लोक नृत्य, गरियाबंद रवि यादव राउत नाचा, संकरी जीवन साहू लोक कला, सिर्रीकला रामनारायण विश्वकर्मा डंडा नृत्य, मुनगाशेर पदमा पटेल लोक कला मंच, देवरी तोरण यादव राउत नाचा, चेतन यादव देवादा बेरला अखाड़ा की प्रस्तुति होगी.
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शाही स्नान पर त्रिवेणी संगम पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब
राजिम कुंभ कल्प मेला का भव्य समापन होगा इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों से पहुंचे संत, महंत, महामंडलेश्वर, नागा साधु एवं दंडी संत पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर प्रातः 7 बजे से शोभायात्रा निकालेंगे। यह शोभायात्रा नवापारा और राजिम शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए त्रिवेणी संगम पहुंचेगी। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा और जयघोष के बीच नागा साधु अपने पारंपरिक शौर्य करतब प्रस्तुत करेंगे. रथ, घोड़े और पैदल चल रहे संतों की अलौकिक छटा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी. महाशिवरात्रि स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ शनिवार दोपहर से ही देखने को मिली. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शनिवार को मीना बाजार, भगवान राजीव लोचन, कुलेश्वर नाथ मंदिर, नदी क्षेत्र में देखने को मिली. मेले के 14वें दिन अलग ही रौनक देखने को मिली.
नागा साधुओं की पहली डुबकी
शाही स्नान के लिए नदी क्षेत्र में विशेष कुंड तैयार किए गए हैं. इन कुंडों में एक ओर से स्वच्छ जल का आगमन और दूसरी तरफ़ से निर्गमन की व्यवस्था की गई है. जिससे जल की निरंतर स्वच्छता बनी रहे. सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात रहेगा. शाही स्नान में सर्वप्रथम नागा साधु डुबकी लगाएंगे. इसके बाद अन्य संत-महंत स्नान करेंगे. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। संतों द्वारा स्नान के समय प्रसाद स्वरूप पुष्पों की वर्षा की जाएगी. जिन्हें प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। शाही स्नान का दृश्य देखने के लिए ही हजारों श्रद्धालु संगम तट पर एकत्र होते हैं.
संगम घाट पर स्वच्छता और व्यवस्थाएं
त्रिवेणी संगम स्नान घाट की स्वच्छता विशेष रूप से बनाए रखी गई है. घाट पर रेत की बोरियां डालकर सुरक्षित नीचे उतरने की व्यवस्था की गई है. त्रिवेणी संगम के अलग-अलग घाट में हजारों श्रद्धालु एक साथ स्नान कर सकेंगे. स्नान उपरांत दीपदान एवं रेत से शिवलिंग निर्माण कर पूजन-अर्चना की परंपरा निभाई जाएगी. श्रद्धालु धतूरा, बेलपत्र, दूध, दही, घी, शक्कर, सुगंधित तेल, शमी पत्र, केसरिया एवं कनेर अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करेंगे.
कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विशेष श्रृंगार
महाशिवरात्रि पर कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। प्रातः 3 बजे से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगती है। पट खुलते ही पूजन-अभिषेक और भोग अर्पण किया जाएगा, जिसके पश्चात दर्शन के लिए मंदिर खुला रहेगा. मंदिर परिसर में सुगम दर्शन हेतु बैरिकेडिंग की गई है. गर्भगृह में विराजमान शिवलिंग एवं वेदी पर स्थापित माता पार्वती की विधिवत पूजा की जाएगी। मंदिर के चारों ओर चबूतरे पर भी श्रद्धालु अपनी आस्था समर्पित करते है.
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