बालक छात्रावास बना हवस का अड्डा, रात में कुंवारी महिला शिक्षिका के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया हॉस्टल का शादीशुदा अधीक्षक

Boys hostel became a den of lust, married superintendent of boys hostel was caught in an objectionable situation with a virgin female teacher at night.

बालक छात्रावास बना हवस का अड्डा, रात में कुंवारी महिला शिक्षिका के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया हॉस्टल का शादीशुदा अधीक्षक

बलरामपुर : बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड में संचालित पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां के छात्रावास अधीक्षक रंजीत कुमार को रात के समय महिला शिक्षिका के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया.
शिक्षक को जहां तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. तो वहीं दूसरी तरफ शिक्षिका को सस्पेंड कर दिया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक रात में जब ग्रामीणों को इस मामले की भनक लगी. तो उन्होंने आश्रम को चारों तरफ से घेर लिया और इसकी खबर प्रशासन को दी. खबर मिलने के बाद शंकरगढ़ एसडीएम आनंद राम नेताम और पुलिस टीम मौके पर पहुंची. जब अधिकारियों ने छानबीन की तो उन्होंने पाया कि छात्रावास अधीक्षक महिला शिक्षिका के साथ एक कमरे में मौजूद था.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि छात्रावास अधीक्षक (मूल पद शिक्षक) लंबे समय से महिला शिक्षिका को आश्रम में बुलाता था और पूरी रात उसके साथ बिताता था. इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं की चर्चा होती रही थी. लेकिन ग्रामीणों को जब ठोस सबूत मिला तो उन्होंने कार्यवाही की मांग की.
जब प्रशासन ने छात्रावास अधीक्षक रंजीत कुमार से पूछताछ की. तो उसने दावा किया कि उसने महिला शिक्षिका से कोर्ट मैरिज कर रखी है. लेकिन जब जांच की गई तो पता चला कि रंजीत पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं. वहीं महिला शिक्षिका अविवाहित थी. छात्रावास में एक महिला शिक्षिका का रहना और अधीक्षक द्वारा झूठी जानकारी देना गंभीर मामला बन गया. प्रशासन ने दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है.
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इस मामले की जानकारी मिलने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने दोनों को आश्रम के अंदर ही घेर लिया। फिर मामले की शिकायत बीईओ को दी गई. इस संदर्भ में दोनों पर कार्रवाई का आदेश जारी हो गया है. आदेश के मुताबिक बीईओ को 13 फ़रवरी की रात में फोन के जरिए सम्बंधित अफसरों को मामले की खबर दी. जिसमें कहा गया कि आश्रम अधीक्षक रंजीत कुमार आश्रम में महिला लेकर आए हैं. जो अधीक्षक रंजीत कुमार के साथ अवैधानिक रूप से शासकीय पहाड़ी कोरवा आश्रम में रुकी है. ग्रामीणों ने आश्रम के अन्दर घेर कर रखा है.
जिसके बाद अधिकारी तुरंत पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। पूरे मामले की जांच में शिक्षिका को सिविल सेवा आचरण नियम की जानकारी होने के बाद भी लापरवाही करना पाया गया. बलरामपुर के कलेक्टर ने बड़ी कार्यवाही करते हुए शिक्षिका को सस्पेंड कर दिया है.
वहीं साथ ही हॉस्टल अधीक्षक को भी पद से हटा दिया गया है. जांच रिपोर्ट में आश्रम अधीक्षक पर अमर्यादित और अशोभनीय के साथ-साथ अत्यंत गंभीर और अनुशासनहीनता बताते हुए प्रतिवेदन दिया था. जिसके बाद आश्रम अधीक्षक को मूल पद के लिए विरमित कर दिया गया है. माना जा रहा है कि उनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई हो सकती है.
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