मुख्यमंत्री साय ने मांदर बजाकर वादकों का बढ़ाया उत्साह, राज्यपाल रमेन डेका- अपनी विरासत को सहेजते हुए छग को अग्रणी राज्य बनाने का लें संकल्प

Chief Minister Sai boosted the enthusiasm of the players by playing Mandar Governor Ramen Deka pledge to make Chhattisgarh a leading state while preserving its heritage

मुख्यमंत्री साय ने मांदर बजाकर वादकों का बढ़ाया उत्साह, राज्यपाल रमेन डेका- अपनी विरासत को सहेजते हुए छग को अग्रणी राज्य बनाने का लें संकल्प

रायपुर : छत्तीसगढ की संस्कृति को संजोकर रखने और उनका प्रचार प्रसार करने के लिए छत्तीसगढ के वाद्ययंत्रों की प्रदर्शनी भी राज्योत्सव में लगाई है. कलाकार रिखी क्षत्रीय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को मांदर भेंट की. मुख्यमंत्री ने वादकों के साथ मांदर बजाकर उनका उत्साह वर्धन किया.
श्री रिखी क्षत्रीय ने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ के वाद्ययंत्रों सारंगी, नगाड़ा, मृदुल,चिकारा, कोंडोडका, खनखना, कुतुर्गी, खेती, मुंडाबाजा, हुलकी, मोहरी, तुर्रा, रुंजू, तुरही, मांदरी मांदर, तोड़ी, चरहे, तम्बुरा, बांसबाजा, सींगबाजा, गतका, माडिया ढोल, दमउ, खर्रा, चरहे, चटका, झंडी डंडा, खल्लर, छडी, कोटेला, खडका , सिलफिली, खरताल, अलगोजा, गुदुम बाजा, झुनझुना, डफरा, टिमकी की जानकारी दी । छत्तीसगढ की परम्परागत वाद्ययंत्रों का उपयोग किए जाने और उसकी उपयोगिता से भी परिचित कराया.
छत्तीसगढ़ एक युवा राज्य है और युवा अवस्था में ही इस राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन किया है। राज्योत्सव के मौके पर अपनी विरासत को सहेजने और छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लें। नागरिकगणों से यह अपील राज्योत्सव कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की.
डेका ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गौरव का दिन है. हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को 24 वर्ष पूरे हो चुके हैं और यह हम सबके लिए ऐतिहासिक क्षण है. इन वर्षाे में हमने एक मजबूत आधार बनाया है और अपने लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ने का संकल्प लिया है.
राज्यपाल ने कहा कि पिछले 23 साल में छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक ठोस धरातल निर्मित हुआ है. इस दौर में राज्य की सांस्कृतिक रुप से भी एक अलग पहचान बनी है. वर्तमान में भी सांस्कृतिक समृद्धि के लिए चहुंमुखी प्रयास किये जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त हैं. चाहे वन हो. खनिज हो या मानव संसाधन हो. सभी का उचित दोहन किया जाना अभी बाकी है. संसाधनों के दोहन के साथ ही हमें इस पर भी गहन चिंतन करना होगा कि विकास का पैमाना क्या हो. विकास की सतत् प्रक्रिया में प्रकृति के साथ संतुलन बना रहे, यह भी ध्यान रखना होगा. हम सबको आज संकल्प लेना होगा कि छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर ले जाने के लिए मिलजुल कर प्रयास करेंगे.
राज्य की उन्नति के लिए शांति जरुरी है. विगत कुछ वर्षों से नक्सल हिंसा से छत्तीसगढ़ का कुछ हिस्सा प्रभावित रहा है। इस हिंसा को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लगातार साझा प्रयास किये जा रहे हैं। आशा है कि जल्द ही इस हिंसा से राज्य को मुक्ति मिलेगी और छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दौड़ में आगे बढ़ेगा.
राज्यपाल ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि इस राज्य को अग्रणी राज्य बनाने के लिए अधिक से अधिक योगदान दें साथ ही आज एक संकल्प लें कि अपने प्रदेश की, शहर की सार्वजनिक संपत्तियों, सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करेंगे, उसे संभालेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे. 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्योत्सव समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों ने संयुक्त मध्यप्रदेश के समय छत्तीसगढ़ में जन्म लिया और बड़े हुए वे लोग तब और अब के फर्क को बहुत अच्छी तरह जानते हैं। उन्हें याद होगा कि किस तरह छत्तीसगढ़ में बार-बार अकाल पड़ता था। किसानों को रोजी-रोटी के लिए पलायन करना पड़ता था। सौभाग्य से जब अटल जी प्रधानमंत्री बने तो छत्तीसगढ़ की पीड़ा को समझा और अलग राज्य का निर्माण किया। 24 साल पूरे हो गये हैं. छत्तीसगढ़ विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कार्यक्रम में लोक कलाकारों को अधिकतम जगह दी है। इसके साथ ही छालीवुड और बालीवुड के कलाकारों को भी जगह दी है। मैं सभी कलाकारों का अभिनंदन करता हूँ। हमारी कला हमारे विचारों को अभिव्यक्त करने का माध्यम है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति इस मामले में बहुत समृद्ध है हमारे यहां हर विधा के कलाकार हैं। छत्तीसगढ़ में लोक गायन, लोक कला एवं सभी विधाओं को हमारी सरकार प्रोत्साहित कर रही है। शिल्प ग्राम स्थापित किये गये हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शिल्प कला  को सहेजा जा रहा है और प्रोत्साहित किया जा रहा है। खादी के वस्त्रों पर 25 प्रतिशत की छूट देकर इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन सबके साथ ही प्रदेश के खानपान की अपनी विशेषता है। संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में शामिल है। यह राज्य हमने बनाया है संवारा है और आगे भी इसे हम ही संवारेंगे.
इस मौके पर छत्तीसगढ़ नैसर्गिक पर्यटन पत्रिका और संस्कृति विभाग की पत्रिका ‘बिहनिया‘ का विमोचन किया. इस मौके पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं अधिकारीगण मौजूद थे.
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राज्योत्सव के मौके पर जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी लोगों के लिए उत्सुकता और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. यहाँ लोगों को छत्तीसगढ़ से जुड़े रोचक तथ्यों के साथ शासन की योजनाओं की जानकारी देने के लिए क्विज ट्रिविया का आयोजन किया गया है. जिसमें स्क्रीन पर आये सवालों का जवाब फुर्ती से देना है. 20 सवालों का जवाब देने के लिए 90 सेकंड का समय दिया गया है. क्विज़ ट्रिविया में भाग लेने के लिए लोगों में भारी उत्साह नज़र आया. इस क्विज़ में ख़ासकर युवा वर्ग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा बहुत रुचि ले रहे हैं. उल्लेखनीय है की इस वेब गेम को जनसंपर्क संचालनालय की इन हाउस डिजिटल टीम द्वारा किया गया है. प्रतिभागियों को विभाग द्वारा तत्काल ई-सर्टिफिकेट भी दिया जा रहा है.