राजिम कुंभ कल्प 2026 के समापन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति, अनुराग शर्मा नाइट्स की जादुई आवाज से झूम उथे लोग

Chief Minister Vishnu Dev Sai graced the closing ceremony of Rajim Kumbh Kalpa 2026; people were enthralled by the magical voice of Anurag Sharma Nights.

राजिम कुंभ कल्प 2026 के समापन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति, अनुराग शर्मा नाइट्स की जादुई आवाज से झूम उथे लोग

गरियाबंद : राजिम के त्रिवेणी संगम तट स्थित नवीन मेला मैदान, राजिम-चौबेबांधा में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य समापन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच पर भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया. प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की.
उन्होंने त्रिवेणी संगम के मध्य स्थित भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया और प्रदेश की निरंतर प्रगति, शांति और खुशहाली की कामना की. मंदिर दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री महानदी तट पर आयोजित भव्य महाआरती में शामिल हुए. साध्वी प्रज्ञा भारती के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक महानदी मैया की आरती उतारी. दीपों की ज्योति, गूंजते मंत्र और भक्तिमय वातावरण ने पूरे संगम क्षेत्र को दिव्य आभा से आलोकित कर दिया। आरती पश्चात परिक्रमा कर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की उन्नति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की.
अपने उद्बोधन की शुरुआत उन्होंने भगवान श्री राजीव लोचन, कुलेश्वर महादेव, राजिम दाई, छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता के जयघोष के साथ की. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजिम की पावन भूमि, जहां महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का दिव्य संगम होता है. सदियों से तप, त्याग और आध्यात्मिक चेतना की साक्षी रहा है.
उन्होंने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान शिव त्याग, साधना और सेवा के प्रतीक हैं और उनका संदेश आज के समय में संतुलन, संयम और समर्पण का मार्ग दिखाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु आवागमन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए.
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का विराट उत्सव है. इस साल पंचकोसी धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग की थीम ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया. उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद को समाज के नैतिक मार्गदर्शन का आधार कहा तथा किसानों की समृद्धि के लिए भगवान राजीव लोचन और कुलेश्वर नाथ से प्रार्थना की. आयोजन से जुड़े प्रशासन, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं को सफल आयोजन के लिए बधाई दी.
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य गृह भंडार निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, धर्मस्व विभाग के सचिव रोहित यादव, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, गरियाबंद कलेक्टर बीएस उईके, एसपी वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद गिरी महाराज, राजेश्री महंत राम सुंदरदास महाराज, स्वामी राजीव लोचनदास महाराज, महंत नरेंद्र दास महाराज, साध्वी महंत प्रज्ञा भारती, स्वामी गंगादास उदासीन महाराज, स्वामी ज्ञानस्वरूपानंद अक्रिय जी महाराज, संत विचार साहेब महाराज, महंत रविकर साहेब, नारायण भाई प्रजापिता ब्रह्मकुमार, पुष्पा बहन प्रजापिता ब्रह्मकुमारी, हेमा बहन ब्रह्मकुमारी सहित बड़ी संख्या में आचार्य महंत, साधु-संतों की गरिमामय उपस्थिति रही.
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अनुराग शर्मा नाइट्स की जादुई आवाज से झूम उठा जनसैलाब

गरियाबंद : राजिम कुंभ कल्प के 14वें दिन मुख्य मंच पर सुरों का ऐसा जादू बिखरा कि पूरा मेला परिसर संगीत की लहरियों में डूब गया। विशेष आकर्षण रहे मेगा स्टार गायक अनुराग शर्मा के नाम  की मंच से जैसे ही घोषणा हुई, दर्शक दीर्घा में बैठी भीड़ ने पूरे उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत अनुराग शर्मा ने “देवा श्री गणेशा” से की, जिसने माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद “कोरी-कोरी नारियल चढ़ाव दाई तोला वो” और “तोर मंदिर म दाई चुनरी चढ़ाव” जैसे छत्तीसगढ़ी गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। “गीत कोनो गाहू गोरी तोर नाव के”, “चंदा रे चंदा”, “तुम तो ठहरे परदेशी”, “धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना” और “छुनुर-छुनुर पैरी बाजे” जैसे गीतों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और मोबाइल फ्लैश की रोशनी से माहौल जगमगा उठा.
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा और राजिम विधायक का मुख्य मंच पर आगमन हुआ। मंत्री टंकराम वर्मा ने भी “महानदी के पानी हव, छत्तीसगढ़ के माटी हव” गीत गाकर सुर से सुर मिलाए। मंत्री की प्रस्तुति पर दर्शक दीर्घा तालियों से गूंज उठा। इससे पूर्व संतोष सिन्हा ने “हर-हर भोला” और “चलो माता का बुलावा आया है” जैसे भजनों से वातावरण को भक्तिमय बनाया। यशोमती सेन बोरिद ने पंडवानी शैली में परीक्षित को श्राप की कथा का सजीव वर्णन कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। वहीं लोककला मंच के राजेन्द्र साहू ने “मोर बम लहरी” और “संगी मोर” जैसे गीतों से समां बांध दिया।कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को स्मृति चिन्ह एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन का सफल संचालन निरंजन साहू, पतंजल मिश्रा और दुर्गेश तिवारी ने किया.

राजिम में महाशिवरात्रि पर त्रिवेणी संगम में आधी रात से शुरू हुआ पुण्य स्नान
धार्मिक नगरी राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के दौरान महाशिवरात्रि पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। ब्रह्म मुहूर्त की प्रतीक्षा किए बिना श्रद्धालु आधी रात से ही संगम तट पर पहुंचने लगे। संगम घाट, स्वर्ण तीर्थ घाट, नेहरू घाट और स्नान कुंड में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दीपदान किया और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया. महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने संगम की रेत से शिवलिंग बनाकर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। कई श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। नदी की धारा में तैरते दीपों की जगमगाहट ने वातावरण को आध्यात्मिक आभा से भर दिया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं की लंबी कतार त्रिवेणी संगम के मध्य स्थित श्री कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर, श्री राजीव लोचन मंदिर और बाबा गरीब नाथ मंदिर मामा-भांचा मंदिर और अन्य मंदिरों की ओर बढ़ती दिखाई दी। कुलेश्वर नाथ महादेव के दर्शन के लिए मंदिर परिसर से लगभग करीब एक किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूँजता रहा। महाशिवरात्रि पर नदी में स्नान का विशेष महत्व होता है वहीं जब वह त्रिवेणी संगम हो स्नान का पुण्य लाभ का महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि महानदी, सोंढूर और पैरी नदियों के संगम में स्नान करने से तन-मन पवित्र होता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पर्व के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया.

राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि पर नागा साधुओं सहित साधु संतों ने निकाली शोभायात्रा
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नागा बाबाओं, साधु-संतों, विभिन्न अखाड़ों ने शाही स्नान के लिए ऐतिहासिक शोभायात्रा संत समागम स्थल परिसर से सुबह 7 बजे निकाली। इस शोभा यात्रा में समस्त नागा, साधु-संतों के साथ संस्कृति और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, राजिम एसडीएम विशाल महाराणा, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए. शोभायात्रा में सुसज्जित पालकियों शाही बग्गी, घोड़ों में विभिन्न साधु-संत सवार थे.
शोभायात्रा संत समागम स्थल से शुभारंभ होकर श्रीकुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के पीछे मार्ग से नेहरु बाल उद्यान होते हुए, इंदिरा मार्केट, राजिम पुल, पं. सुंदरलाल शर्मा चौक, गौरवपथ राजिम, वीआईपी मार्ग होते हुए मेला परिसर में बने शाही कुंड में पहुंचे. शोभायात्रा का स्वागत दोनों शहर नवापारा और राजिम में विभिन्न चौक चौराहों में फूल बरसा कर किया गया. शोभायात्रा में विभिन्न चौक में अनेकों अस्त्र-शस्त्रों से लैस नागा बाबाओं, साधु-संतों ने शौर्य प्रदर्शन करते हुए अखाडा चलाते रहे. नागा साधुओं के तलवार और फरसा भांजते खुशी से नाचते देखकर मेले में आए अंचलवासी भी रोमांचित हो उठे. धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए शोभायात्रा शाही कुंड के पास पहुंची. यहां नागा साधुओं ने विधि विधान के साथ शस्त्र पूजन पश्चात कुंड में छलांग लगाई. नागा बाबाओं के साथ मंत्री राजेश अग्रवाल और विधायक रोहित साहू, इंद्र कुमार साहू भी कुंड में डुबकी लगाने के लिए उतर गए. इस दौरान पर्यटन मंत्री ने भगवान दत्तात्रेय की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और सुख समृद्धि की कामना की. शाही स्नान करने विभिन्न अखाड़ों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस विहंगम दृष्य को देखने मेला क्षेत्र के अलावा कुंड के पास बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी हुई थी. शाही यात्रा की भव्यता का आनंद लेने विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए.
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की चाकचौबंध व्यवस्था थी। इस शाही यात्रा में श्री पंच दशनामी सन्याशी अखाड़ा के नागा साधु के अलावा विभिन्न अखाड़ों के साधु संत, भैरवी शक्ति, करीब पंथ, सतनाम पंथ के संतों एवं उनके अनुयायी भी शामिल रहे. इस अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि “महाशिवरात्रि पर नागा साधुओं की शाही शोभायात्रा और शाही स्नान ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया है. शाही स्नान के लिए प्रदेश सहित देश के कोने-कोने से साधु-संत पहुंचे हुए हैं. राज्य सरकार राजिम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. यहां की आस्था, संस्कृति और व्यवस्था देखकर हर कोई अभिभूत है.”
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। तीन नदियों के संगम पर स्थित पंचमुखी कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर और राजीवलोचन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में लंबी कतारें लग गईं और श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा.
मंदिर के सामने प्रशासन द्वारा तीन से चार कतारों में बैरिकेड्स लगाए गए थे. बैरिकेड्स भरने के बाद श्रद्धालुओं की लाइन दूर तक फैल गई. चिलचिलाती धूप में भी श्रद्धालु अडिग भाव से खड़े रहे. प्रशासन ने धूप से राहत देने के लिए पंडाल की व्यवस्था की थी, लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण कई श्रद्धालुओं को खुले में ही इंतजार करना पड़ा। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं. जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक देखने को मिली। रायगढ़ की बिसाहिन बाई, महासमुंद की केकती और भिलाई की दुर्गा ने बताया, “आज महाशिवरात्रि है, दो घंटे लगें या पांच घंटे, बाबा के दर्शन करके ही जाएंगे. इतनी दूर से आए हैं, संगम में स्नान कर अब महादेव के दर्शन का इंतजार कर रहे हैं.” वहीं उड़ीसा के धुरवा राम, रायपुर के थानेश्वर और लोकेश साहू, कांकेर के मुन्नालाल तथा गरियाबंद के योगेश कुमार ने कहा कि महाशिवरात्रि पर पंचमुखी कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता हैं। उन्होंने कहा, “विश्व में विरले इस स्वरूप के दर्शन का सौभाग्य मिला है. ऐसे अवसर को छोड़ नहीं सकते।” मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा. श्रद्धालुओं की आस्था और धैर्य ने महाशिवरात्रि के पर्व को राजिम में और भी विशेष बना दिया.
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महाशिवरात्रि पर लोक संस्कृति की रंगारंग छटा
महाशिवरात्रि पर लोककला और लोक संस्कृति की अनुपम छटा बिखरी. दर्शक दीर्घा खचाखच भरी रही और मंच पर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कलाओं की शानदार प्रस्तुति हुई. सिर्रीकला के रामनारायण विश्वकर्मा ने डंडा नृत्य की जोशपूर्ण प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. उनकी लय, ताल और ऊर्जा ने छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा को सजीव कर दिया. मगरलोड की रजमतबाई कंवर ने सुवा नृत्य प्रस्तुत कर पारंपरिक लोकनृत्य की सुंदर झलक दिखाई. वहीं मुनगासेर के पद्मा पटेल लोककला मंच की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया.
गरियाबंद के रवि यादव ने राउत नाचा की शानदार प्रस्तुति दी. जिस पर दर्शक झूम उठे। भिलाई-चरौंदा के संजय देवांगन ने कबीर भजन गाकर आध्यात्मिक रस घोला. चारामा के चंद्रशेखर सिंहसार के लोक नृत्य ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया. जबकि भाटापारा-बलौदाबाजार के नीलकंठ साहू ने खंजरी वादन से तालियों की गूंज बटोरी. पूर्व महोत्सव नदी मंच पर भी कार्यक्रमों की धूम रही। कोकड़ी की भारती साहू ने मानस गायन, भसेरा के घनश्याम साहू ने रामायण पाठ, चंपारण के शिवनंदन चक्रधारी ने शिवभजन प्रस्तुत कर भक्तिमय वातावरण बनाया. राजिम की सेजल शिंदे ने लोकगीत से समां बांधा, वहीं साल्हेभाट की मंजू रामटेके ने पंडवानी की सशक्त प्रस्तुति देकर दर्शकों को कथा के भावसागर में डुबो दिया.
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