जनपद उपाध्यक्ष के पति की दर्दनाक मौत, NH-353 पर सफारी ने रौंदा, आरोपी अमन अग्रवाल गिरफ्तार, पुरानी रंजिश से जोड़ा जा रहा मामला!

District Vice President's husband dies tragically, crushed by Safari on NH-353, accused Aman Agarwal arrested, case being linked to old rivalry!

जनपद उपाध्यक्ष के पति की दर्दनाक मौत, NH-353 पर सफारी ने रौंदा, आरोपी अमन अग्रवाल गिरफ्तार, पुरानी रंजिश से जोड़ा जा रहा मामला!

महासमुंद : महासमुंद जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब जनपद पंचायत महासमुंद की उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर के पति जितेंद्र चंद्राकर की एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई. उनकी स्कूटी को एक तेज़ रफ्तार सफारी गाड़ी ने रौंद दिया. टक्कर इतनी भयानक थी कि जितेंद्र चंद्राकर को बचने का कोई मौका ही नहीं मिला. यह हादसा NH-353 के साराडीह मोड़ के पास हुआ. आरोपी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी अमन अग्रवाल ने सरेंडर कर दिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक हादसा महासमुंद मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर की दूर नेशनल हाईवे 353 पर रात करीब 8 बजे जितेन्द्र चंद्राकर और अशोक साहू स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे. तभी साराडीह के पास महासमुंद की तरफ से आ रही टाटा सफारी CG04 QH 5836 से उनकी स्कूटी की टक्कर हो गई. 
गंभीर चोटों के कारण स्थानीय लोगों ने दोनों को एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया. जहां महासमुंद जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर के पति जितेन्द्र चंद्राकर उम्र 46 साल बेलसोंड़ा निवासी की मौत हो गई. हादसे में स्कूटी में सवार अशोक साहू गंभीर रुप से घायल हो गए.
पति की मौत की खबर सुनकर वह अचेत होकर गिर पड़ी. इस दौरान बड़ी तादाद में बेलसोंड़ा के ग्रामीण, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राशि त्रिभुवन महिलांग सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में मृतक जितेन्द्र चंद्राकर का पोस्टमार्टम किया गया और परिजनों को सौंपा गया. इसके साथ ही घायल अशोक साहू का इलाज चल रहा है.और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है.
हुलसी चंद्राकर भाजपा से जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हैं और पहले ग्राम पंचायत बेलसोंड़ा से उपसरपंच भी रह चुकी हैं. उनके पति की मौत से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. पूरा गांव शोक में डूब गया. घर के बाहर भीड़ उमड़ पड़ी, हर किसी की आँखों में आंसू थे.
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से हादसे की पूरी जांच करने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सड़क हादसे और लापरवाही किसी की जान ले सकती है और इसे गंभीरता से लेना जरुरी है. घटना ने स्थानीय लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरुकता बढ़ा दी है. पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील किया कि वाहन चलाते समय हमेशा स्पीड लिमिट और ट्रैफिक नियमों का पालन करें.
घटना के बाद महासमुंद पुलिस हरकत में आई. खबर मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और ट्रैफिक टीम मौके पर पहुंची और घायल जितेंद्र चंद्राकर को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
वहीं, आरोपी अमन अग्रवाल ने खुद सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया. पुलिस ने उसकी सफारी गाड़ी ज़ब्त कर ली है और मामले की गंभीरता से जांच शुरु कर दी है. थाना प्रभारी ने बताया कि “प्राथमिक जांच में यह सड़क हादसा मालूम हो रहा है. लेकिन मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को भी ध्यान में रखकर सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है.”
सफारी वाहन का मालिक और चालक अमन अग्रवाल  खुद गाड़ी चला रहा था. हादसे के बाद क्षेत्र में आक्रोश और सन्नाटा दोनों देखने को मिला. एक तरफ जनपद उपाध्यक्ष के घर मातम पसरा था तो दूसरी ओर गांव बेलसोडा और आसपास के ग्रामीणों में ग़ुस्से की लहर दौड़ गई.
मामले ने तब नाटकीय मोड़ ले लिया जब स्थानीय सूत्रों ने बताया कि अमन अग्रवाल और जितेंद्र चंद्राकर के बीच पुराना जमीन का आपसी विवाद चल रहा था. ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच कुछ महीने पहले तीखी बहस और झगड़ा भी हुआ था. इसी वजह से यह हादसा सिर्फ़ एक्सीडेंट नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है. ऐसा दावा कई ग्रामीण कर रहे हैं.
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है. क्योंकि मृतक जितेंद्र चंद्राकर न सिर्फ जनपद उपाध्यक्ष के पति थे. बल्कि भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता और नेता भी माने जाते थे. पार्टी के स्थानीय नेताओं ने इसे “संदिग्ध हादसा” बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
गांववालों ने गुस्से में थाना का घेराव भी किया और इंसाफ की मांग करते हुए हंगामा किया. कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण रही. लेकिन पुलिस प्रशासन ने समझाइश देकर भीड़ को शांत कराया. और मौके में सिटी कोतवाली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पांडे पहुंची.
भाजपा के स्थानीय नेताओं ने कहा कि “जितेंद्र चंद्राकर पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता थे. उनकी मौत मात्र हादसा नहीं लगती. पुलिस को सभी कोणों से जांच करनी चाहिए.
अब यह मामला सिर्फ सड़क हादसे तक सीमित नहीं रहा. बल्कि महासमुंद जिले की राजनीति और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रहा है. सूत्रों की माने तो जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर के समर्थकों का कहना है कि “अगर इंसाफ नहीं मिला तो वे चक्का जाम और धरना प्रदर्शन करेंगे.” पुलिस ने शांति की अपील करते हुए कहा है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.
महासमुंद का यह हादसा सिर्फ़ एक परिवार का शोक नहीं. बल्कि पूरे जिले के दिल पर गहरी चोट है. अब सबकी नज़रें पुलिस जांच पर हैं. क्या यह सड़क हादसा था या किसी पुरानी दुश्मनी की भयावह नतीजा.. इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों में सामने आ जाएगा.
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