सरकारी नौकरी का झांसा देकर 22 लाख की ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार, झांसे में आए 8 लोग, चपरासी-सुपरवाइजर जैसे पदों के लिए फर्जी लेटर जारी
A fraud of 22 lakh rupees was committed by promising government jobs, four accused arrested, and eight people were duped. Fake letters were issued for positions such as peon and supervisor.
दुर्ग : सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. दुर्ग पुलिस ने पुलगांव थाना क्षेत्र से 4 ठगों को गिरफ्तार किया है. जिन्होंने 8 पीड़ितों से खाद निरीक्षक, पर्यवेक्षक और प्यून के पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर 22 लाख रुपए हड़प लिए. इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र तक थमा दिया था. ताकि मामला असली लगे.
मिली जानकारी के मुताबिक महमरा निवासी दीपेश कुमार निषाद उम्र 26 साल ने इस गिरोह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके गांव के मनोज साहू ने अपने साथी मुकेश वर्मा और रजत वर्मा के साथ मिलकर नौकरी दिलाने का प्रस्ताव रखा. मनोज ने खाद निरीक्षक पद के लिए 4 लाख रुपए की मांग की. जिसमें से दीपेश ने 2 लाख रुपए नगद और बाकी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए दिया. लेकिन जब वह जॉइनिंग के लिए पहुंचे. तो नौकरी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और तभी उन्हें ठगी का एहसास हुआ.
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने अब तक 8 लोगों से कुल 22 लाख रुपए की ठगी की है. मुख्य आरोपी मनोज कुमार साहू ने कबूल किया है कि वे लोगों से रकम लेकर फर्जी नियुक्ति आदेश बनवाकर ठगी करते थे. उसके पास से नियुक्ति पत्र, दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं.
भिलाई निवासी रजत वर्मा और मुकेश वर्मा से भी फर्जी दस्तावेज और मोबाइल जब्त हुए हैं. वहीं, फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने वाला टाइपिंग सेंटर संचालक महेश हिरावं को सेक्टर-6, भिलाई मार्केट से गिरफ्तार किया गया है.
आरोपी
मनोज कुमार साहू उम्र 40 साल अंजोरा, पुलगांव दुर्ग
रजत वर्मा उम्र 25 साल भिलाई नगर
मुकेश वर्मा उम्र 53 साल भिलाई नगर
महेश हिराव उम्र 63 साल हरिनगर, मोहन नगर
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