12 बच्चों की मौत के बाद पूरे देश में दहशत का माहौल, छत्तीसगढ़ में भी कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप पर बैन, डॉक्टर प्रवीण सोनी गिरफ्तार
Following the deaths of 12 children, panic grips the nation; Chhattisgarh also bans 'Coldrif' cough syrup; Dr. Praveen Soni arrested.
रायपुर : कोल्ड्रिफ कफ सिरप को लेकर पूरे देश में दहशत का माहौल है. इस सिरप को पीने से राजस्थान और मध्यप्रदेश में 12 बच्चों की मौत हो गई है. मध्यप्रदेश और तमिलनाडु में यह सिरप बैन कर दी गई है, वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिरप के नमूने लेकर जांच करवा रही है. इस सिरप की निर्माता कंपनी तमिलनाडु कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा है.
इसकी जांच में ज्यादा तादाद में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल ( डीईजी) पाई गई है. राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि तमिलनाडु की इस कंपनी की कफ सिरप की छत्तीसगढ़ में सप्लाई नहीं हैं. लोगों में भ्रम न फैले. इसलिए इस सिरप को भी छत्तीसगढ़ में भी प्रतिबंधित करेंगे.
इसके बावजूद विभाग बाजार पर नजर बनाए हुए है और इस कंपनी की सिरप की बिक्री रोकने के पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ के दवा कारोबारी अश्वनी विग ने बताया कि छत्तीसगढ़ में ‘कोल्ड्रिफ’ कप सिरप की सप्लाई नहीं है और न ही इस कंपनी का कोई गोदाम है. बावजूद इसके मध्यप्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ में भी दहशत का माहौल निर्मित हुआ. खासकर सोशल मीडिया के जरिए कोड्रिरफ कफ सिरप की तस्वीर जमकर वायरल हुई, जिससे लोगों में दशहत कायम है.
पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी सामान्य रूप से इन दवाओं की सिफारिश नहीं की जाती ज्यादातर बच्चों की खांसी बिना किसी दवा के भी ठीक हो जाती है. इसलिए, बच्चों को दवा देने से पहले पानी पिलाना, उन्हें आराम देना और दूसरे सहायक इलाज को प्राथमिकता देनी चाहिए.
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डॉक्टर गिरफ्तार
बता दें कि छिंदवाड़ा में 10 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले शनिवार को ही परासिया थाना में डॉक्टर प्रवीण सोनी और कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी sresun फार्मासूटिकल के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी थी.
मामले में ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट की धारा 27(A), बीएनएस की धारा 105 और 276 के तहत केस दर्ज किया गया है. डॉक्टर के खिलाफ परासिया सीएचसी से बीएमओ अंकित सहलाम ने शिकायत की थी. छिंदवाड़ा में मरने वाले ज्यादातर बच्चों को कफ सिरप डॉक्टर प्रवीण सोनी ने ही लिखी थी.
जिस सिरप से बच्चों की मौत हुई थी, उसकी जांच रिपोर्ट शनिवार देर रात आई थी. रिपोर्ट में पाया गया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 48.6% थी. जिससे स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुंच सकती है.
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