ग्राम पंचायत में मकान टैक्स के नाम पर लाखों की अवैध वसूली, ग्रामीणों ने लगाई कलेक्टर से गुहार, कठोर कार्रवाई और रकम वापसी की मांग
Illegal collection of lakhs in the name of house tax in Gram Panchayat, villagers appealed to the collector, demanding strict action and refund of money
बिलासपुर/सीपत : बिलासपुर जिले के सीपत तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दर्राभाठा में मकान टैक्स वसूली में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और ऑपरेटर द्वारा उनसे निर्धारित टैक्स से कई गुना ज्यादा रकम ली गई. इसबारे में प्रभावित ग्रामीणों ने सामूहिक रुप से कलेक्टर बिलासपुर एवं जनपद अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर इंसाफ की गुहार लगाई.
मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2025 में जब पंचायत दर्राभाठा के निवासियों से मकान टैक्स वसूली की गई तो पंचायत सचिव परमेश्वर सोनवानी, रोजगार सहायक सुमित्रा बाई साहू और पंचायत ऑपरेटर नरेंद्र यादव ने उनसे तय दर से कहीं ज्यादा रकम वसूली.
ग्रामीणों ने बताया कि उनसे टैक्स के नाम पर 20 हजार से लेकर 3 लाख रुपये तक की रकम जबरन वसूल ली गई. इतना ही नहीं जब उन्होंने विरोध किया और ज्यादा रकम लौटाने की मांग की तो जिम्मेदार अधिकारियों ने आश्वासन देते हुए कहा कि अतिरिक्त वसूली गई रकम लौटा दी जाएगी. लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद अब तक रकम वापस नहीं की गई.
शिकायतकर्ताओं में अश्विनी कुमार मिरी, जय नारायण भरद्वाज, धनसाय पांडे, रामस्वरूप रात्रे, चंद्रप्रकाश रात्रे, संतोष कुमार, चैतराम रात्रे और विजय कुमार चंद्राकर सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं.
शिकायत में कहा गया है कि बार-बार कहने पर संबंधित लोगों द्वारा सिर्फ आज दूंगा, कल दूंगा कहकर टालमटोल की जा रही है. आवेदकों का कहना है कि उन्होंने टैक्स जमा करने की सभी रसीदें सुरक्षित रखी हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर के कर्मचारी इस तरह की मनमानी कर लोगों से हजारों-लाखों की रकम ठग रहे हैं.
मामला गंभीर होते देख आवेदकों ने सीधे जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है. ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इससे पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार और बढ़ सकता है. और लोगों का भरोसा शासन-प्रशासन से उठ जाएगा.
इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग किया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उनसे वसूली गई एक्स्ट्रा रकम फौरन वापस कराई जाए. शिकायत में यह भी उल्लेख है कि जब ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर आपत्ति की थी तो जनपद सीईओ मस्तूरी से भी फोन पर शिकायत की गई थी. उस दौरान भी आश्वासन दिया गया था कि अतिरिक्त राशि वापस कर दी जाएगी. लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. अब सभी शिकायतकर्ता एवं ग्रामवासी जिला प्रशासन से आशा कर रहे हैं कि जल्द ही जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और उनसे वसूली गई अतिरिक्त टैक्स राशि ग्रामीणों को वापस कराई जाएगी.
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