4.5 लाख की घूस लेते अधिकारी रंगे हाथों गिरफ्तार, मुआवजा दिलाने के नाम पर उप महाप्रबंधक विजय दुबे रिश्वत मामलें में सस्पेंड

An official was arrested red-handed while accepting a bribe of 4.5 lakh rupees. Deputy General Manager Vijay Dubey was suspended in the bribery case for allegedly providing compensation.

4.5 लाख की घूस लेते अधिकारी रंगे हाथों गिरफ्तार, मुआवजा दिलाने के नाम पर उप महाप्रबंधक विजय दुबे रिश्वत मामलें में सस्पेंड

बिलासपुर/घरघोड़ा : देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम कंपनी एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. जिसके बाद कंपनी ने अपने तलाईपल्ली स्थित उप महाप्रबंधक विजय दुबे को सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई 16 सितंबर को हुई जब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने विजय दुबे को साढ़े चार लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. एनटीपीसी, देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रमों में से एक है और इसे बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है. कंपनी की साख और विश्वसनीयता को बनाए रखना इसके लिए सर्वोपरि है. लेकिन इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कुछ अधिकारी संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक मामला ग्राम तलाईपाली निवासी सौदागर गुप्ता से जुड़ा है. उन्होंने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई कि उनके परिवार के हिस्से में स्थित मकान का मौखिक बंटवारा हुआ था और उन्हें तथा उनके दो बेटों को अलग-अलग हिस्सों में निवास मिलता था. इसके बाद एनटीपीसी ने इस मकान और जमीन का अधिग्रहण किया और उनके परिवार को मुआवजा राशि प्रदान की गई.
सूत्रों का कहना है कि इस मुआवजा वितरण प्रक्रिया के दौरान उप महाप्रबंधक विजय दुबे ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सौदागर गुप्ता से अवैध लाभ लेने का प्रयास किया. शिकायत के आधार पर एसीबी ने गोपनीय निगरानी और जांच शुरु की. 16 सितंबर को विजय दुबे को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया.
एनटीपीसी प्रबंधन ने इस घटना के बाद उचित कार्रवाई करते हुए विजय दुबे को सस्पेंड कर दिया. कंपनी ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं. बल्कि कंपनी की प्रतिष्ठा को भी धूमिल करती हैं. एनटीपीसी ने कर्मचारियों और अधिकारियों को चेतावनी दी है कि किसी भी भ्रष्टाचार या अनुचित कार्य में शामिल पाए जाने वाले अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
विजय दुबे के निलंबन के बाद कंपनी ने अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सख्ती बरतने का निर्देश दिया है. एसीबी बिलासपुर ने मामले की विवेचना शुरु कर दी है और प्रबंधन की मदद से इस मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों की जांच भी की जा रही है.
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक उपक्रमों में भ्रष्टाचार की घटनाएँ गंभीर चिंता का विषय हैं. ऐसे मामलों से संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है और आम जनता का विश्वास भी कम होता है. एनटीपीसी जैसी महत्वपूर्ण कंपनी में भी इस तरह की घटनाएँ यह इशारा देती हैं कि नियमित निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखना कितना जरुरी है.
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में अन्य अधिकारी या कर्मचारियों के भी शामिल होने की संभावना पर जांच जारी है. एसीबी के अधिकारियों ने कहा कि मामला पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से जांचा जाएगा और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
एनटीपीसी के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अपने कर्मचारियों और अधिकारियों से पूरी पारदर्शिता और नैतिक जिम्मेदारी की अपेक्षा करती है. किसी भी कर्मचारी के अवैध कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कंपनी ने जनता और कर्मचारियों से आश्वस्त किया कि इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों. इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे. इस मामले ने यह भी साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सक्रिय निगरानी और नियंत्रण जरुरी है. एसीबी के प्रयासों से भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से निपटारा हो रहा है और इसमें आम जनता की शिकायतें भी अहम भूमिका निभा रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t